त्वरित लिंक्स
Geography
10 views
महासागरीय गर्तों, ज्वार-भाटा की गतिशीलता और प्रमुख जलडमरूमध्य (Straights) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मरियाना गर्त' (Mariana Trench) प्रशांत महासागर में स्थित विश्व का सबसे गहरा गर्त है, जिसका निर्माण प्रशांत प्लेट और फिलीपीन प्लेट के अभिसरण (Convergent Boundary) के फलस्वरूप हुआ है।
- 2. 'अपोजी' (Apogee) वह स्थिति है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से अधिकतम दूरी पर होता है, और इस अवधि के दौरान उत्पन्न होने वाला ज्वार-भाटा सामान्य से बहुत अधिक ऊँचा होता है, जिसे 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tide) कहा जाता है।
- 3. 'सुण्डा जलसंधि' (Sunda Strait) जावा सागर को हिंद महासागर से जोड़ती है और यह इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि मरियाना गर्त प्रशांत प्लेट और मरियाना/पैसिफिक प्लेट के अभिसरण से बना है, जिसमें प्रशांत प्लेट फिलीपीन प्लेट के नीचे सबडक्ट होती है (न कि फिलीपीन प्लेट)। कथन 2 गलत है क्योंकि अपोजी (Apogee) की स्थिति में चंद्रमा पृथ्वी से दूर होता है, जिससे आकर्षण बल कम हो जाता है और इस दौरान सामान्य से 'निम्न ज्वार' (Neap Tide या लघु ज्वार) की स्थिति बनती है, न कि दीर्घ ज्वार। कथन 3 बिल्कुल सही है क्योंकि सुण्डा जलसंधि जावा सागर और हिंद महासागर को जोड़ती है तथा यह जावा और सुमात्रा द्वीपों को अलग करती है। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक प्रदेशों और परिवहन नेटवर्क (राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल और जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुंबई-पुणे औद्योगिक प्रदेश' देश का एक प्रमुख सूती वस्त्र और इंजीनियरिंग उद्योग का केंद्र है, जिसका विकास इस क्षेत्र में हाइड्रो-इलेक्ट्रिसिटी की सुलभता, कच्चे माल (कपास) की निकटता और मुंबई बंदरगाह की उपस्थिति के कारण हुआ है।
2. राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 (NW-1) हल्दिया से इलाहाबाद के बीच 'गंगा-भागीरथी-हुगली नदी प्रणाली' पर स्थित है, जो देश का सबसे लंबा आंतरिक जलमार्ग है।
3. स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) परियोजना के अंतर्गत उत्तर-दक्षिण गलियारा श्रीनगर को कन्याकुमारी से जोड़ता है, जबकि पूर्व-पश्चिम गलियारा पोरबंदर को सिलचर से जोड़ता है, और इन दोनों गलियारों का मिलन बिंदु झांसी है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2 (NW-2) असम में धुबरी से सदिया के बीच 'ब्रह्मपुत्र नदी' पर स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
हमारे सौर मंडल के खगोलीय पिंडों, उनकी कक्षीय गतिशीलता और उल्कापिंडों (Meteoroids) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ओर्ट बादल' (Oort Cloud) सौर मंडल के सबसे बाहरी छोर पर स्थित बर्फीले खगोलीय पिंडों का एक विशाल गोलाकार आवरण है, जिसे दीर्घकालिक (Long-period) धूमकेतुओं का मुख्य उद्गम स्रोत माना जाता है।
2. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य स्थित है, और इस पेटी का सबसे बड़ा पिंड तथा पहला खोजा गया बौना ग्रह 'सेरेस' (Ceres) है।
3. जब कोई अंतरिक्ष चट्टान (उल्कापिंड) पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो घर्षण के कारण अत्यधिक गर्म होकर चमकने लगती है और इसे 'उल्का' (Shooting Star या Meteor) कहा जाता है, तथा यदि यह पूरी तरह जले बिना पृथ्वी की सतह पर गिरती है, तो इसे 'उल्कापात' (Meteorite) कहते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अरुण (Uranus) सौर मंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसका घूर्णन अक्ष इतना अधिक झुका हुआ है कि यह अपनी कक्षा में सूर्य की परिक्रमा करते समय एक 'लुढ़कते हुए गोले' (Rolling Planet) की तरह प्रतीत होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत की मृदा (मिट्टी) के वर्गीकरण, उनकी रासायनिक विशेषताओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मृदा' (Regur Soil) का निर्माण बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से हुआ है, जिसमें लोहे, चूने, मैग्नीशियम और एल्यूमिना की अधिकता पाई जाती है, जबकि नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है।
2. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के परिणामस्वरुप विकसित होती है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाने के कारण लोहे और एल्यूमीनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, जिससे यह मृदा अत्यधिक उपजाऊ और चाय-कॉफी की खेती के लिए आदर्श बन जाती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का लाल रंग क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानों में लोहे के व्यापक प्रसार (Diffusion) के कारण होता है, जबकि जलीयोजित (Hydrated) रूप में आने पर यह मृदा पीले रंग की दिखाई देती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने भारत की मिट्टियों को उनकी विशेषताओं के आधार पर कुल 8 प्रमुख समूहों में वर्गीकृत किया है, जिसमें क्षेत्रफल की दृष्टि से 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) का हिस्सा सबसे अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत में कुल कितने राज्यों की सीमा समुद्र तट से लगती है?
→
भारत की मृदाओं (मिट्टी) के वर्गीकरण, उनके खनिज संगठन, निर्माण प्रक्रियाओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लाल और पीली मृदाओं (Red and Yellow Soils) का लाल रंग मुख्य रूप से रवेदार और कायांतरित चट्टानों में लौह ऑक्साइड (Iron Oxide) के व्यापक प्रसार के कारण होता है, जबकि जल योजन (Hydration) के बाद यही मृदा रासायनिक रूप से पीली दिखाई देती है, और इस मृदा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा ह्यूमस की गंभीर कमी होती है।
2. शुष्क और मरुस्थलीय मृदाओं (Arid and Desert Soils) में घुलनशील लवणों और कैल्शम कार्बोनेट की अधिकता के कारण नीचे की पर्तों में कैंचियों (Kankar) की परत पाई जाती है, जिसके कारण इस मृदा में नीचे की ओर जल का अंतःस्यंदन (Infiltration) पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है और यह कृषि के लिए पूर्णतः अनुपयुक्त होती है।
3. पीटमय और दलदली मृदाओं (Peaty and Marshy Soils) का विकास भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मृत कार्बनिक पदार्थों के जमा होने से होता है, जिसके कारण इन मृदाओं में 40 से 50 प्रतिशत तक घुलनशील ह्यूमस और अत्यधिक मात्रा में क्षारीय लवण पाए जाते हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) का निर्माण मानसूनी जलवायु के अंतर्गत उच्च तापमान और भारी वर्षा के बीच वैकल्पिक रूप से शुष्क और आर्द्र स्थितियों के दौरान होने वाले तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) के फलस्वरूप होता है, जिसमें सिलिका का पूर्णक्षय हो जाता है और केवल आयरन व एल्युमिनियम के ऑक्साइड ही शेष बचते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.