BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
7 views

महासागरीय जलधाराओं और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'फोकलैंड धारा' (Falkland Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है।
  2. 2. 'अल नीनो' (El Nino) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी और मध्य भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में ठंडी जलधाराओं का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर भारी वर्षा होती है।
  3. 3. 'गोल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है, जो मेक्सिको की खाड़ी से निकलकर उत्तर-पूर्वी अटलांटिक की ओर बहती है और पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों के तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि फोकलैंड धारा दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के साथ उत्तर की ओर बहने वाली एक ठंडी जलधारा है। कथन 2 गलत है क्योंकि अल नीनो घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी और मध्य भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में ठंडी नहीं बल्कि गर्म जलधारा का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे तापमान में वृद्धि होती है। कथन 3 सही है क्योंकि गोल्फ स्ट्रीम एक प्रमुख गर्म जलधारा है जो मेक्सिको की खाड़ी से उत्पन्न होकर उत्तर अटलांटिक प्रवाह के रूप में यूरोप के पश्चिमी तट तक पहुँचती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Share:

Related Questions

भारतीय मानसून की उत्पत्ति, उसकी गतिकी और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. तिब्बत के पठार का ग्रीष्मकालीन अत्यधिक तापन (Thermal Heating) एक उच्च-स्तरीय ऊष्मीय प्रतिचक्रवात (Thermal Anticyclone) का निर्माण करता है, जो क्षوبमंडल के ऊपरी स्तर पर जेट स्ट्रीम को उत्तर की ओर विस्थापित करने तथा उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet Stream) के प्रवाह को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। 2. 'अल-निनो दक्षिणी दोलन' (ENSO) के सकारात्मक चरण के दौरान पश्चिमी प्रशांत महासागर में वायुदाब बढ़ जाता है और पूर्वी प्रशांत महासागर में घट जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर मानसूनी हवाओं का अभिसरण तीव्र हो जाता है और देश में सामान्य से अत्यधिक अधिक वर्षा होती है। 3. पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों पर होने वाली भारी वर्षा 'पर्वतीय वर्षा' (Orographic Rainfall) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जबकि इसके पूर्वी हिस्से में स्थित 'वृष्टिछाया क्षेत्र' (Rain Shadow Area) में कर्नाटक का मैसूर और महाराष्ट्र का कुछ भाग सूखा रहता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मानसूनी वर्षा की अनिश्चितता और इसका स्थानिक वितरण भारत के कृषि प्रतिरूप को प्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित करता है, जहाँ देश के कुल वार्षिक वर्षा का अधिकांश भाग दक्षिण-पश्चिम मानसून काल (जून से सितंबर) के दौरान प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति और भारत में वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत और पाकिस्तान के तटीय क्षेत्रों में अत्यधिक तापमान के कारण विकसित होने वाला कम वायुदाब का क्षेत्र (मानसून गर्त) दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को भूमध्य रेखा पार करने के बाद दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुड़ने के लिए आकर्षित करता है, जो कोरिolis बल का प्रत्यक्ष परिणाम है। 2. अरब सागर की शाखा भारत के पश्चिमी घाट से टकराकर अत्यधिक ओरोग्राफिक (पर्वतीय) वर्षा कराती है, जिसके कारण पश्चिमी घाट के पवन-विमुख ढाल (Leeward side) पर स्थित बेंगलुरु और पुणे जैसे क्षेत्र 'वृष्टिछाया क्षेत्र' (Rain shadow area) के अंतर्गत आते हैं और वहाँ बहुत कम वर्षा होती है। 3. बंगाल की खाड़ी की एक शाखा अरावली पर्वतमाला के लगभग समानांतर उत्तर की ओर निकल जाती है, जिसके कारण राजस्थान के पश्चिमी भाग में अरावली से कोई बड़ी बाधा न मिलने के कारण इस शाखा से मानसूनी वर्षा बहुत कम या नगण्य होती है। 4. भारत में वर्षा का स्थानिक वितरण मुख्य रूप से उच्चावच और मानसूनी हवाओं की दिशा पर निर्भर करता है, जिसके तहत मेघालय के मावसिनराम में विश्व की सबसे अधिक औसत वार्षिक वर्षा दर्ज की जाती है, जो खासी पहाड़ियों की कीप जैसी आकृति (Funnel-shaped topography) के कारण होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत में सिंचाई तकनीकों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों की भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'सूक्ष्म सिंचाई' (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और फव्वारा (Sprinkler) सिंचाई पद्धतियाँ आती हैं, जो सतही सिंचाई की तुलना में जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अत्यधिक बढ़ाती हैं और भूजल के अति-दोहन को रोकने में मदद करती हैं। 2. 'धान' (Rice) एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है जिसके लिए उच्च तापमान, उच्च आर्द्रता और जल-भराव की आवश्यकता होती है, और भारत में रोपण विधि (Transplanting) से इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। 3. 'सकल बोया गया क्षेत्र' (Gross Cropped Area) और 'शुद्ध बोए गए क्षेत्र' (Net Sown Area) के बीच का अंतर 'फसल गहनता' (Cropping Intensity) को दर्शाता है, जो यह बताता है कि एक कृषि वर्ष में किसी निश्चित भूमि पर कितनी बार फसलें उगाई जाती हैं। 4. 'जायद' की फसलें मुख्य रूप से खरीफ और रabi के बीच ग्रीष्मकालीन अल्प अवधि में उगाई जाती हैं, जिनमें तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसी फसलें शामिल हैं, जिन्हें पकने के लिए कम तापमान और उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत की जनगणना 2011 और जनसंख्या वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत के कुल जनसंख्या घनत्व (382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) में राज्यों के आधार पर, 'बिहार' राज्य (1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी) देश में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है, जबकि केंद्रशासित प्रदेशों में 'दिल्ली' का जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है। 2. वर्ष 2001 से 2011 के दशक के दौरान भारत की दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर लगभग 17.64 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसमें मेघालय राज्य ने सभी राज्यों में सर्वाधिक दशकीय वृद्धि दर (27.9%) दर्ज की, जबकि नागालैंड एकमात्र ऐसा राज्य रहा जहाँ ऋणात्मक (नकारात्मक) दशकीय वृद्धि दर्ज की गई। 3. भारत की कुल साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसमें पुरुष साक्षरता (82.14%) और महिला साक्षरता (65.46%) के बीच का लिंग अंतर केरल राज्य में सबसे कम और राजस्थान राज्य में सबसे अधिक है। 4. भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes - SC) का कुल जनसंख्या प्रतिशत लगभग 16.6 प्रतिशत है, और राज्यवार कुल एससी जनसंख्या के मामले में 'उत्तर प्रदेश' देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि कुल अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes - ST) की संख्या में 'मध्य प्रदेश' शीर्ष पर है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनके तापमान, वितरण तथा वैश्विक जलवायु पर पड़ने वाले प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तरी अटलांटिक प्रवाह (North Atlantic Drift) की एक प्रमुख शाखा के रूप में 'इरमिंजर जलधारा' (Irminger Current) और 'नॉर्वे जलधारा' (Norwegian Current) गर्म जलधाराएँ हैं, जो उच्च अक्षांशों पर स्थित होने के बावजूद नॉर्वे के तटों और बंदरगाहों को सर्दियों के मौसम में भी बर्फमुक्त रखने में सहायता करती हैं। 2. दक्षिणी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'बेंगेला जलधारा' (Benguela Current) एक ठंडी जलधारा है, जो अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसके प्रभाव से कलाहारी मरुस्थल के तटीय क्षेत्रों में शुष्क परिस्थितियों का निर्माण होता है। 3. उत्तर प्रशांत महासागर में ठंडी 'ओसियो' (Oyashio) जलधारा और गर्म 'क्यूरोशियो' (Kuroshio) जलधारा का मिलन क्षेत्र ठीक वैसा ही घना कोहरा और आदर्श मतस्य क्षेत्र उत्पन्न करता है, जैसा उत्तर-पश्चिम अटलांटिक में 'गल्फ स्ट्रीम' और 'लैब्राडोर' जलधाराओं के मिलने से 'ग्रैंड बैंक' क्षेत्र में बनता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार एल-नीनो (El Nino) परिघटना के समय दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर पेरू जलधारा के क्षेत्र में ठंडी जलधारा का प्रवाह और अधिक प्रबल हो जाता है, जिससे प्रशांत महासागर के पूर्वी भाग में अत्यधिक वर्षा और पश्चिमी भाग (ऑस्ट्रेलिया-इंडोनेशिया) में गंभीर सूखे की स्थिति उत्पन्न होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.