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Geography
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भारत की मृदा प्रणालियों, उनके रासायनिक गुणों और क्षेत्रीय वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लाल और पीली मृदाएं (Red and Yellow Soils) मुख्य रूप से दक्कन के पठार के पूर्वी और दक्षिणी भागों में कम वर्षा वाले क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों पर विकसित होती हैं, और इनमें लोहे के व्यापक विसरण के कारण इनका रंग लाल होता है, जबकि जलयोजन (Hydration) के बाद यह पीले रूप में दिखाई देती हैं।
- 2. काली मृदा (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर' (Regur) कहा जाता है, मूलतः ज्वालामुखी उद्गार से निर्मित बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से बनी है, जिसकी जल-धारण क्षमता अत्यंत उच्च होती है और भीगने पर यह चिपचिपी तथा सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
- 3. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र 'निक्षालन' (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरुप बनती है, जिसमें ह्यूमस की मात्रा कम पाई जाती है, किंतु यह मृदा खाद और उर्वरकों के उपयोग से चाय, कॉफ़ी और काजू की कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन सही हैं। 1. लाल और पीली मृदाएं क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों पर विकसित होती हैं, जहाँ फेरिक ऑक्साइड की उपस्थिति से रंग लाल और जलयोजन से पीला होता है। 2. काली मृदा (रेगुर मृदा) दक्कन ट्रैप क्षेत्र की बेसाल्ट चट्टानों से बनती है, जिसमें स्व-जुताई (Self-ploughing capacity) का गुण पाया जाता है। 3. लैटेराइट मृदा उच्च तापमान और अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) के कारण बनती है, जो पोषक तत्वों की कमी के बावजूद उर्वरकों के प्रयोग से बागवानी फसलों जैसे चाय और काजू के लिए अनुकूल होती है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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महासागरीय जलधाराओं और उनकी भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुरील या ओशियो जलधारा' (Oyashio Current) उत्तरी प्रशांत महासागर में बहने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो बेरिंग जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर आती है और जापान के पूर्वी तट पर गर्म कु्रशियो जलधारा से मिलकर विश्व के सबसे समृद्ध मत्स्यन क्षेत्रों में से एक का निर्माण करती है।
2. 'कैलिफोर्निया जलधारा' (California Current) उत्तरी प्रशांत महासागर के पूर्वी भाग में उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होने वाली एक गर्म जलधारा है, जिसके प्रभाव से उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट पर मरुस्थलीय दशाओं के विकास में सहायता मिलती है।
3. 'कैनरी जलधारा' (Canary Current) उत्तरी अटलांटिक महासागर में अफ्रीका के उत्तर-पश्चिमी तट के सहारे बहने वाली एक ठंडी जलधारा है, जो गल्फ स्ट्रीम के प्रभाव क्षेत्र का ही एक विस्तार मानी जाती है।
4. 'पेरू या हम्बोल्ट जलधारा' (Peru/Humboldt Current) दक्षिणी प्रशांत महासागर में दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होने वाली एक ठंडी जलधारा है, जिसके कमजोर पड़ने पर 'अल-निनो' (El Nino) जैसी मौसमी घटना सक्रिय होती है, जिसके बारे में विकिपीडिया संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मरुस्थलीय मृदा (Desert Soils) मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती हैं, जिनमें घुलनशील लवणों और कैल्शम कार्बोनेट की अधिकता होती है, जबकि निचले स्तरों में कैकड़ (Kankar) की परत पाए जाने के कारण जल का अंतःस्यंदन (Infiltration) अवरुद्ध हो जाता है।
2. क्षारीय और लवणीय मृदाओं (Saline and Alkaline Soils) को स्थानीय भाषा में 'कल्लर', 'उसर' या 'रेह' कहा जाता है, और इन मृदाओं में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों की प्रचुरता के कारण नाइट्रोजन और कैल्सियम की भारी कमी होती है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पर्वतीय मृदाएँ (Mountain/Forest Soils) घाटी के पर्यावरण के अनुसार अलग-अलग होती हैं, जो ऊपरी ढलानों पर सामान्यतः अमलीय और कम ह्यूमस युक्त होती हैं, जबकि निचली घाटियों में ये अपेक्षाकृत उपजाऊ और गहरी होती हैं।
4. लाल और पीली मृदाओं का विकास प्रायद्वीपीय पठार के कम वर्षा वाले क्षेत्रों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर होता है, और इनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा ह्यूमस की प्रचुरता पाई जाती है, जिसके कारण ये कपास और गेहूँ की खेती के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकृतिक स्वरूपों (पर्वत, पठार और मरुस्थल) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अंतरपर्वतीय पठार' (Intermontane Plateau) वे उच्च भूमि क्षेत्र होते हैं जो चारों तरफ से उच्च पर्वत श्रेणियों से घिरे होते हैं, जिसका सर्वोत्तम उदाहरण तिब्बत का पठार और बोलीविया का पठार है।
2. 'कोलोरैडो का पठार' (Colorado Plateau) एक प्रकार का गुंबदाकार पठार (Dome Plateau) है, जहाँ विवर्तनिक उत्थान के बाद अपरदन के कारण गहरी घाटियों और प्रसिद्ध 'ग्रैंड कैनियन' का निर्माण हुआ है।
3. विश्व का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय मरुस्थल 'सहारा मरुस्थल' मुख्य रूप से एक शिष्ट और ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित 'हमदा' (Hamada) प्रकार का मरुस्थल है, जिसमें बालू के टीलों वाले क्षेत्र को 'रग' (Erg) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके तापीय गुणों और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समताप मंडल (Stratosphere) की निचली सीमा में ओजोन गैस की प्रचुरता पाई जाती है, जो पराबैंगनी किरणों का अवशोषण कर इस परत में ऊंचाई के साथ तापमान में वृद्धि करती है, और यहीं जेट विमानों की उड़ान के लिए आदर्श दशाएं मिलती हैं।
2. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में होने वाली गिरावट की सामान्य दर (Normal Lapse Rate) लगभग 6.5 डिग्री सेल्सियस प्रति 1,000 मीटर होती है, जिसका मुख्य कारण पृथ्वी के धरातल से निकलने वाली पार्थिव विकिरण (Terrestrial Radiation) द्वारा इस परत का गर्म होना है।
3. भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt), जिसे 'डोलड्रम' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से गतिकीय रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) होती है, जहाँ पृथ्वी के घूर्णन के कारण हवाएं नीचे बैठती हैं।
4. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High Pressure Belts) थर्मल कारणों से उत्पन्न होती हैं, जो वर्ष भर अत्यधिक सूर्यताप के कारण हवाओं के गर्म होकर ऊपर उठने से निर्मित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय दर्रों तथा उनकी अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जोजिला दर्रा' (Zoji La) महान हिमालय श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है और इसका निर्माण सिंधु नदी की सहायक नदी द्वारा हुआ है, जबकि 'बुर्जिला दर्रा' कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है।
2. 'शिपकी ला दर्रा' जांसकर श्रेणी में स्थित एक प्रमुख दर्रा है जिससे होकर सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है, और यह हिमाचल प्रदेश को तिब्बत के साथ जोड़ता है।
3. 'नाथू ला दर्रा' सिक्किम राज्य में डोगंख्या श्रेणी (DongKya Range) के पास स्थित है, जो प्राचीन सिल्क रूट का एक हिस्सा था और भारत को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से जोड़ता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय भारत में स्थित 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित है, जो कोच्चि (केरल) को चेन्नई (तमिलनाडु) से जोड़ने वाला प्रमुख सड़क और रेल मार्ग प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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