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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) और उनकी विशिष्ट विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बृहस्पति (Jupiter) सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है, जिसके वायुमंडल में मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसें पाई जाती हैं, और इसका सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनीमेड' (Ganymede) संपूर्ण सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है।
  2. 2. शनि (Saturn) का घनत्व जल के घनत्व से भी कम है, जिसका अर्थ है कि यदि इसे एक विशाल महासागर में रखा जाए तो यह उस पर तैरने लगेगा, और इसके चारों ओर पाई जाने वाली प्रमुख वलय प्रणालियाँ मुख्य रूप से बर्फ के कणों और चट्टानी टुकड़ों से निर्मित हैं।
  3. 3. अरुण (Uranus) और वरुण (Neptune) को 'बरफ के महादैत्य' (Ice Giants) कहा जाता है, क्योंकि इनके आंतरिक क्रोड में भारी तत्वों के अलावा पानी, अमोनिया और मीथेन के जमे हुए तरल पदार्थ पाए जाते हैं, और अरुण अपनी धुरी पर अत्यधिक झुके होने के कारण 'लेट हुआ ग्रह' कहलाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। बृहस्पति सौर मंडल का सबसे विशाल ग्रह है और इसका उपग्रह गैनीमेड सबसे बड़ा उपग्रह है। शनि ग्रह का घनत्व (लगभग 0.69 g/cm³) पानी से भी कम है, जिससे यह जल पर तैरने योग्य बनता है। अरुण (Uranus) और वरुण (Neptune) को भारी बर्फीले यौगिकों (पानी, अमोनिया, मीथेन) की प्रधानता के कारण 'आइस जाइंट्स' (Ice Giants) कहा जाता है। अरुण अपनी कक्षीय समतल पर लगभग 98 डिग्री झुका हुआ है, जिस कारण इसे 'लेट हुआ ग्रह' भी माना जाता है। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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