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Geography
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारत में कोयला भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों से संबंधित है, जिसमें मुख्य रूप से बिटुमिनस प्रकार का कोयला पाया जाता है और यह दामोदर, महानदी एवं गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित है।
  2. 2. देश में 'लिग्नाइट' (भूरा कोयला) का सर्वाधिक संचित भंडार तमिलनाडु राज्य के नेवेली बेसिन में पाया जाता है, जबकि टर्शियरी युगीन कोयला मुख्य रूप से असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों में मिलता है।
  3. 3. भारत के अपतटीय (Offshore) पेट्रोलियम क्षेत्रों में 'मुंबई हाई' (Mumbai High) सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है, जिसकी खोज वर्ष 1974 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा 'सागर सम्राट' ड्रिलिंग पोत की सहायता से की गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सत्य हैं। भारत में कुल कोयला उत्पादन और भंडारों का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा गोंडवाना कोयला क्षेत्रों से आता है, जो उच्च कोटि के बिटुमिनस कोयले के लिए प्रसिद्ध हैं। टर्शियरी कोयला कम गुणवत्ता वाला होता है जिसमें सल्फर की मात्रा अधिक होती है। तमिलनाडु का नेवेली क्षेत्र लिग्नाइट के उत्पादन के लिए देश भर में विख्यात है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 1974 में ONGC द्वारा 'सागर सम्राट' रिग के माध्यम से खोजा गया मुंबई हाई भारत का सबसे प्रमुख अपतटीय पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्र है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) और मलय प्रायद्वीप (मलेशिया) के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को दक्षिण चीन सागर के माध्यम से हिंद महासागर से जोड़ती है और यह वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अति संवेदनशील और व्यस्त मार्ग है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार वृहद ज्वार (Spring Tide) पूर्णिमा और अमावस्या के दिन उत्पन्न होता है, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक ही सीधी रेखा में (स्युजी की स्थिति) होते हैं, जिसके कारण उनके गुरुत्वाकर्षण बलों का संचयी प्रभाव अधिकतम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सौर मंडल के ग्रहों, उनकी आंतरिक संरचना, चुंबकीय क्षेत्रों और उपग्रहों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) हमारे सौर मंडल के ऐसे दो ग्रह हैं जो अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (Clockwise/वामावर्त) दिशा में अपनी धुरी पर घूर्णन करते हैं, जिसका मुख्य कारण उनके प्राचीन इतिहास में किसी बड़े उल्कापिंड का प्रभाव या ज्वारीय उत्क्रमण हो सकता है। 2. बृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह 'गैनीमेड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है, और इसका अपना आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र (Intrinsic Magnetic Field) है, जो इसे सौर मंडल का एकमात्र ऐसा उपग्रह बनाता है जिसके पास स्वयं का चुंबकीय क्षेत्र मौजूद है। 3. शनि ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह 'टाइटन' (Titan) बुध ग्रह से भी आकार में बड़ा है और इसके वायुमंडल में मुख्य रूप से नाइट्रोजन तथा मीथेन गैस पाई जाती है, जहाँ मीथेन चक्र (जैसे पृथ्वी पर जल चक्र होता है) के कारण मीथेन की बारिश और तरल हाइड्रोकार्बन की झीलें पाई जाती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य स्थित है, और इस पेटी में सबसे बड़ा पिंड 'सेरेस' (Ceres) है जिसे वर्तमान में एक बौने ग्रह (Dwarf Planet) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी भागों में अत्यधिक तापमान के कारण विकसित होने वाला 'मानसून गर्त' (Monsoon Trough) वास्तव में अंतः उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) का ही उत्तर की ओर खिसका हुआ रूप है। 2. 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