Geography
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) और उनकी आंतरिक संरचना तथा उपग्रह प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सभी बाह्य ग्रह (बृहस्पति, शनि, अरुण और वरुण) मुख्य रूप से गैसीय पिंड हैं और उनमें ठोस चट्टानी भूपर्पटी (Solid Crust) का पूर्णतया अभाव होता है, किंतु अत्यधिक उच्च दाब के कारण इनके आंतरिक क्रोड में धात्विक हाइड्रोजन (Metallic Hydrogen) की परत पाई जाती है।
- 2. 'गेनीमेड' (Ganymede) हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा उपग्रह है, जो बृहस्पति की परिक्रमा करता है और आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है, तथा इसके पास अपना स्वयं का आंतरिक चुंबकीय क्षेत्र (Intrinsic Magnetic Field) भी मौजूद है।
- 3. 'अरुण' (Uranus) ग्रह अपनी धुरी पर अत्यधिक झुका हुआ है (लगभग 98 डिग्री), जिसके कारण यह अपनी कक्षा में सूर्य की परिक्रमा करते हुए एक 'लुढ़कते हुए गोले' (Rolling Planet) की तरह प्रतीत होता है और इसके सभी उपग्रहों की परिक्रमा की दिशा इसके घूर्णन के विपरीत होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि बृहस्पति और शनि जैसे बाह्य ग्रह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बने गैसीय ग्रह हैं, जिनमें ठोस धरातल नहीं होता है और भारी दबाव के कारण इनमें धात्विक हाइड्रोजन की अवस्था पाई जाती है। कथन 2 सही है क्योंकि गेनीमेड विकिपीडिया संदर्भ सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है जो बुध से भी बड़ा है और इसका अपना चुंबकीय क्षेत्र है। कथन 3 गलत है क्योंकि अरुण (Uranus) का अक्षीय झुकाव अत्यधिक (98°) होने के कारण यह लुढ़कते हुए प्रतीत होता है, लेकिन इसके सभी प्रमुख उपग्रह इसके अपने घूर्णन तल के अनुकूल ही इसकी परिक्रमा करते हैं, न कि विपरीत।
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भारत के खनिज संसाधनों और उनकी भू-वैज्ञानिक संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित…
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जेट स्ट्रीम (Jet Streams) और वायुमंडलीय परिसंचरण के संदर्भ…
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भारत की पर्वत प्रणालियों और घाटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'महान हिमालय' (Greater Himalaya) या हिमाद्रि श्रेणी में ही भारत की सर्वोच्च चोटी 'कंचनजंगा' (Kanchenjunga) स्थित है, जो सिक्किम और नेपाल की सीमा पर अवस्थित है।
2. 'कश्मीर घाटी' (Kashmir Valley) एक विस्तृत अनुदैर्ध्य (Longitudinal) घाटी है, जो पीर पंजाल श्रेणी और मुख्य महान हिमालय के बीच स्थित है और जहाँ 'करेवा' (Karewa) निक्षेप पाए जाते हैं।
3. 'स्पीति घाटी' (Spiti Valley) हिमाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्वी भाग में लद्दाख श्रेणी और जांसकर श्रेणी के बीच स्थित एक शुष्क शीत मरुस्थलीय घाटी है, जिससे होकर 'चिनाब' नदी प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी के वायुमंडल की संरचना, तापमान प्रवणता और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समताप मंडल (Stratosphere) के निचले भाग में तापमान स्थिर रहता है और इसके ऊपरी हिस्से में ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण ऊंचाई के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है, जो इस परत को वाणिज्यिक विमानों की उड़ान के लिए आदर्श बनाती है।
2. 'डोलड्रम' (Doldrums) या विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low-Pressure Belt) थर्मल रूप से जनित होती है, जहाँ वर्ष भर उच्च तापमान के कारण हवा गर्म होकर ऊपर उठती है और इस क्षेत्र में क्षोभमंडल की मोटाई ध्रुवों की तुलना में न्यूनतम होती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) से विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी की ओर बहने वाली सतही हवाओं को कोरियोलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्द्ध में उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें (North-East Trade Winds) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में उत्पन्न होने वाले कम वायुदाब के क्षेत्र (मानसून गर्त) की ओर दक्षिणी गोलार्द्ध की दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाएँ भूमध्य रेखा को पार करके दक्षिण-पश्चिमी मानसून के रूप में प्रवाहित होने लगती हैं, जिसका मुख्य कारण कोरियोलिस बल (Coriolis Force) का प्रभाव है।
2. 'अल-निनो' (El Niño) घटना, जो प्रशांत महासागर में पेरू के तट के पास गर्म जलधारा के रूप में प्रकट होती है, भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून के दबाव को और अधिक मजबूत करती है तथा देश में सामान्य से अधिक वर्षा लाती है।
3. 'मैथ्यू मैडेन जूलियन ऑसिलेशन' (MJO) एक महासागरीय-वायुमंडलीय परिघटना है, जो पूर्व की ओर बढ़ने वाले बादलों और वर्षा के पखवाड़े भर के चक्र के रूप में भारतीय मानसून के सक्रिय (Active) या कमजोर (Break) होने के चरणों को अत्यधिक प्रभावित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख पठारों और मरुस्थलों के भौगोलिक एवं भू-वैज्ञानिक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'तिब्बत का पठार' (Tibetan Plateau) एक विशाल अंतःपर्वतीय (Intermontane) पठार है, जिसका निर्माण भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के अभिसरण के परिणामस्वरूप हुआ है, तथा इसके उत्तर में कुनलन पर्वत और दक्षिण में हिमालय पर्वतमाला स्थित है।
2. 'कोलोराडो पठार' (Colorado Plateau) संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक लावा-निर्मित (Volcanic Plateau) पठार है, जिसे मिसिसिपी नदी और उसकी सहायक नदियों ने काटकर विश्वप्रसिद्ध 'ग्रैंड कैनियन' का निर्माण किया है।
3. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका में एंडीज पर्वत और प्रशांत महासागर के बीच स्थित एक शुष्क मरुस्थल है, जहाँ वर्ष भर तटीय कोहरे और हम्बोल्ट ठंडी जलधारा के प्रभाव के कारण अत्यधिक वर्षा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
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पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
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