त्वरित लिंक्स
Geography
4 views
पृथ्वी की विवर्तनिक गतिविधियों और आंतरिक प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी मुख्य रूप से विवर्तनिक प्लेटों की सीमाओं (Plate boundaries) पर सक्रिय होते हैं, और मेंटल प्लूम की स्थिर प्रकृति के कारण प्लेटों की गतिशीलता से सतह पर ज्वालामुखियों की एक श्रृंखला (Volcanic chain) का निर्माण होता है।
- 2. सुनामी तरंगें गहरे समुद्र में अत्यंत कम ऊँचाई और अत्यधिक लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे जल में इनका वेग तीव्र होता है और जहाजों को इनका आभास आसानी से हो जाता है।
- 3. विवर्तनिक भूकंपों के दौरान ऊर्जा की अधिकतम मुक्ति फॉल्ट प्लेन (Fault plane) पर चट्टानों के लचीले तनाव (Elastic strain) के अचानक विमोचन से होती है, जिसे 'रीड बाउंस सिद्धांत' (Elastic Rebound Theory) द्वारा समझाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि 'हॉटस्पॉट' ज्वालामुखी प्लेट सीमाओं पर नहीं, बल्कि आमतौर पर प्लेटों के मध्य (Intra-plate) क्षेत्रों में सक्रिय होते हैं (जैसे हवाई द्वीप)। कथन 2 गलत है क्योंकि गहरे समुद्र में सुनामी तरंगों का वेग अत्यंत तीव्र होता है, लेकिन इनकी ऊँचाई बहुत कम (एक मीटर से भी कम) और तरंगदैर्ध्य सैकड़ों किलोमीटर लंबी होती है, जिससे गहरे समुद्र में इनका आभास जहाजों को नहीं होता; तटों के समीप आने पर उथले जल में घर्षण के कारण इनकी गति धीमी होती है और ऊँचाई बढ़ जाती है। कथन 3 सही है, जिसे विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार हैरी रीड के 'इलास्टिक रीबाउंड थ्योरी' (Elastic Rebound Theory) द्वारा समझाया जाता है, जिसमें चट्टानों के टूटने पर संचित ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में मुक्त होती है।
Related Questions
→
भारत की पर्वत प्रणालियों और घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जास्कर श्रेणी' (Zaskar Range) ट्रांस-हिमालय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो महान हिमालय के उत्तर में समानांतर फैली हुई है और यह लेह क्षेत्र को तिब्बत से जोड़ने वाले मार्ग का निर्धारण करती है।
2. 'चुम्बी घाटी' (Chumbi Valley) एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घाटी है जो सिक्किम, भूटान और तिब्बत (चीन) की त्रिसंज्ञा (Tri-junction) पर स्थित है और प्राचीन रेशम मार्ग (Silk Road) का हिस्सा रही है।
3. 'मरी घाटी' (Murree Valley) या 'कश्मीर की मर्ग घाटियाँ' जैसे मर्ग (जैसे गुलमर्ग और सोनमर्ग) वास्तव में महान हिमालय और पीर पंजाल के बीच स्थित हिमनद द्वारा निर्मित समतल घास के मैदान हैं।
4. 'अराकू घाटी' (Araku Valley) पूर्वी घाट में स्थित एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है, जो आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले में स्थित है और यहाँ बॉक्साइट के भंडार के साथ-साथ कॉफी बागानों की प्रचुरता पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत की मृदा प्रणालियों और उनकी पेडोोजेनिक (मृदा निर्माण) विशेषताओं तथा वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) का विकास उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले मानसूनी क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप होता है, जिसके कारण इन मृदाओं में सिलिका का निष्कासन हो जाता है तथा आयरन एवं एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं।
2. 'काली मृदा' (Black Soil), जिसे स्थानीय रूप से 'रेगुर मृदा' भी कहा जाता है, मुख्य रूप से दक्कन ट्रैप के बेसाल्टिक लावा के अपक्षय से बनती है और इसमें 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का विशेष गुण पाया जाता है क्योंकि गीली होने पर यह चिपचिपी और सूखने पर चौड़ी-चौड़ी गहरी दरारों से फट जाती है।
3. 'क्षारकीय एवं रेह मृदा' (Alkaline Soils) मुख्य रूप से अर्ध-शुष्क और शुष्क क्षेत्रों में नहरों द्वारा अत्यधिक सिंचाई तथा अकुशल जल निकासी के कारण उत्पन्न जलभराव एवं केशिका क्रिया (Capillary action) के परिणामस्वरूप सतह पर सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों के जमा होने से बनती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने देश की मिट्टियों को उनकी उर्वरता और उत्पत्ति के आधार पर कुल 8 प्रमुख मृदा समूहों में वर्गीकृत किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराओं के निर्माण और दिशा निर्धारण में पृथ्वी का घूर्णन (कोरियोलिस बल), प्रचलित पवनें, तापमान और लवणता में भिन्नता तथा तटीय रेखाओं की आकृति मुख्य भूमिका निभाती हैं।
2. 'पेरू जलधारा' (हम्बोल्ट जलधारा) एक गर्म जलधारा है जो प्रशांत महासागर में दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर से दक्षिण की ओर प्रवाहित होती है और अल नीनो के प्रभाव को कमजोर करती है।
3. 'लैब्राडोर जलधारा' एक ठंडी जलधारा है जो आर्कटिक महासागर से आकर अटलांटिक महासागर में न्यूफाउंडलैंड के पास गल्फ स्ट्रीम (गर्म जलधारा) से मिलती है, जिससे वहाँ दुनिया के सबसे बड़े मस्य क्षेत्र (Grand Banks) और घने कोहरे का निर्माण होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उत्तरी गोलार्ध में महासागरीय जलधाराएँ कोरियोलिस बल के कारण अपनी दाईं ओर (Clockwise) तथा दक्षिणी गोलार्ध में अपनी बाईं ओर (Counter-clockwise) विक्षेपित होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों (Mountain Passes) और उनकी भौगोलिक अवस्थिति तथा संपर्क मार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चांग ला (Chang La) दर्रा लद्दाख और तिब्बत के बीच स्थित है, जो लद्दाख क्षेत्र को पैंगोंग त्सो झील क्षेत्र से जोड़ता है और यह दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दरों में से एक है।
2. बुर्जिल दर्रा (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है, जो श्रीनगर को गिलगित-बाल्टिस्तान से जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक मार्ग है।
3. माना दर्रा (Mana Pass) उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है, जो नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के भीतर स्थित है और इसे दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दरों में गिना जाता है।
4. पांग्सू दर्रा (Pangsau Pass) अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार की सीमा पर पटकाई बम पहाड़ियों में स्थित है, जिसके माध्यम से भारत और म्यांमार के बीच आवागमन होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों (शैल) के चक्रीय स्वरूप (Rock Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की क्रस्ट (Bhoopurpat) में 'ऑक्सीजन' और 'सिलिकॉन' के बाद तीसरा सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व 'एल्युमिनियम' है, जबकि सम्पूर्ण पृथ्वी के आंतरिक भाग (Core समेत) में सबसे अधिक प्रचुर मात्रा में 'लोहा' (Iron) पाया जाता है।
2. 'आग्नेय चट्टानें' (Igneous Rocks) प्राथमिक चट्टानें कहलाती हैं क्योंकि मैग्मा या लावा के ठंडे होने से इनका निर्माण होता है, और इनमें जीवाश्म (Fossils) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं क्योंकि ये परतदार रूप में जमती हैं।
3. 'रूपांतरित चट्टानें' (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपनी मूल आग्नेय या अवसादी संरचना को बदल लेती हैं, और इस प्रक्रिया में चूना पत्थर का संगमरमर (Marble) में तथा बलुआ पत्थर का क्वार्ट्जाइट (Quartzite) में परिवर्तन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा रेखा को प्रदर्शित करता है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक परिवर्तन होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.