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General Science
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मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि कौन सी है?

Detailed Explanation

यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है।
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→ रडार (RADAR) किस सिद्धांत पर कार्य करता है? → यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी संरक्षी बल (Conservative Force) द्वारा किए गए कार्य का मान प्रयुक्त पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के बल के अंतर्गत एक पूर्ण बंद चक्र में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है। 2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी पिंड पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही वैध है, असंरक्षी बलों (जैसे घर्षण बल) के लिए इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है। 3. जब कोई पिंड किसी ऊर्ध्वाधर वृत्त में ऊर्ध्वाधर तल पर चक्कर लगाता है, तो डोरी के न्यूनतम बिंदु (सबसे नीचे के बिंदु) पर डोरी में तनाव का मान सर्वोच्च बिंदु (सबसे ऊपर के बिंदु) पर तनाव के मान से हमेशा उसके भार के छह गुने ($6mg$) के अंतर के बराबर होता है। 4. अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic Collision) के दौरान संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) हमेशा लागू होता है, किंतु कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है, और ऊर्जा का एक हिस्सा ऊष्मा, ध्वनि या विरूपण (deformation) के रूप में हास हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → प्रथम कोटि अभिक्रिया का दर नियतांक मात्रक? → प्रकाश गमन? → पृथ्वी के चुम्बकत्व और चुंबकीय तत्वों (Magnetic Elements) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी स्थान पर पृथ्वी के कुल चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का क्षैतिज घटक ($B_H$) और उसका ऊर्ध्वाधर घटक ($B_V$) परस्पर लंबवत होते हैं, तथा यदि नमन कोण (Angle of Dip) $\theta$ हो, तो $B_H = B \cos\theta$ और $B_V = B \sin\theta$ द्वारा व्यक्त किया जाता है। 2. चुंबकीय विषुवत रेखा (Magnetic Equator) पर नमन कोण का मान $90^\circ$ होता है, जिसके कारण वहाँ पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक शून्य हो जाता है और केवल ऊर्ध्वाधर घटक ही शेष रहता है। 3. चुंबकीय उत्तर ध्रुव और भौगोलिक उत्तर ध्रुव एक ही बिंदु पर संपाती (Coincident) होते हैं, इसलिए एक कंपास सुई हमेशा भौगोलिक उत्तर-दक्षिण दिशा को सटीक रूप से दर्शाती है बिना किसी चुंबकीय विचलन (Declination) के। 4. पृथ्वी का क्रोड (Core) पिघली हुई अवस्था में लोहे और निकेल जैसे चुंबकीय पदार्थों के संवहन धाराओं (Convection Currents) के कारण 'डाइनमो प्रभाव' उत्पन्न करता है, जो पृथ्वी के मुख्य चुंबकीय क्षेत्र के लिए उत्तरदायी है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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