Geography
Asked 2 months ago · Viewed 24 times
पृथ्वी की आंतरिक संरचना और भूपर्पटी (Crust) के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कोनराड असांतत्य (Conrad Discontinuity) ऊपरी सियाल (Sial) और निचली सीमा (Sima) या ऊपरी क्रوست और निचली क्रस्ट के बीच की सीमा को अलग करता है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक परिवर्तन होता है।
- 2. मोहरोविकिक असांतत्य (Mohorovicic Discontinuity) भूपर्पटी (Crust) और ऊपरी मेंटल (Upper Mantle) के बीच स्थित है, और इस गहराई के पार जाने पर प्राथमिक (P) भूकंपीय तरंगों की गति में तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
- 3. गुटेनबर्ग असांतत्य (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल को पृथक् करता है, और इस क्षेत्र में द्वितीयक (S) भूकंपीय तरंगें पूरी तरह से विलुप्त (Shadow Zone) हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: कोनराड असांतत्य (Conrad Discontinuity) क्रस्ट के भीतर ऊपरी सियाल (ग्रेनाइटिक परत) और निचली सीमा (बेसाल्टिक परत) अथवा ऊपरी और निचली क्रस्ट के मध्य स्थित एक संक्रमण क्षेत्र है। कथन 2 सही है: मोहरोविकिक असांतत्य (Moho Discontinuity) भूपर्पटी और मेंटल के बीच की सीमा है, जहाँ घनत्व में अचानक वृद्धि के कारण P-तरंगों की गति तेज हो जाती है। कथन 3 गलत है: गुटेनबर्ग असांतत्य मेंटल और क्रोड (Core) के बीच की सीमा पर स्थित है, न कि ऊपरी और निचले मेंटल के बीच। क्रोड के तरल बाहरी हिस्से में प्रवेश करने पर S-तरंगें पूरी तरह विलुप्त हो जाती हैं। पृथ्वी की आंतरिक परतों और भूकंपीय तरंगों के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
ज्वालामुखी उद्गार और भूकंपीय तरंगों की गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर…
← पिछला प्रश्न
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या वितरण, घनत्व और…
Related Questions
→
भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें जल वर्षा के साथ-साथ पिघलती हुई बर्फ और ग्लेशियरों से प्राप्त होता है, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ मौसमी (Seasonal) होती हैं और उनकी जल आपूर्ति पूरी तरह से वर्षा पर निर्भर करती है।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपने विकास के अंतिम चरण में हैं और उन्होंने अपनी घाटियों में आधार तल (Base level) को प्राप्त कर लिया है, जिसके कारण वे विसर्पण (Meandering) जैसी स्थलाकृतियों का निर्माण करती हैं और अपने निचले मार्गों में विस्तृत जलोढ़ मैदानों का सृजन करती हैं।
3. कोसी नदी, जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, अपने मार्ग परिवर्तन और भारी मात्रा में अवसाद (Silt) लाने के लिए कुख्यात है, और यह नदी महान हिमालय से निकलकर सीधे बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले गंगा की एक दाहिने तट की सहायक नदी बन जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटीय गतिकी और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय नितल का 'महाद्वीपीय मग्नतट' (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ सीमांत भाग होता है, जिसकी औसत ढाल अत्यंत मंद (लगभग 1° या उससे कम) होती है और यह क्षेत्र पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस तथा विश्व के प्रमुख मतस्यन क्षेत्रों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
2. 'अपोजी' (Apogee) वह खगोलीय स्थिति है जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के सबसे निकट होता है, जिसके कारण इस अवधि में सामान्य से बहुत ऊँचे 'दीर्घ ज्वार' (Spring Tide) आते हैं।
3. 'बैरिंग जलसंधि' (Bering Strait) आर्कटिक महासागर को प्रशांत महासागर के बेरिंग सागर से जोड़ती है और यह एशिया महासागर के साइबेरिया क्षेत्र को उत्तरी अमेरिका के अलास्का से अलग करती है, तथा इसी जलसंधि से होकर अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
पृथ्वी की आंतरिक संरचना और शैलों के कायांतरण (Metamorphism) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्पर्श कायांतरण (Contact Metamorphism) तब होता है जब पिघला हुआ मैग्मा या लावा ठंडी होती चट्टानों के संपर्क में आता है, जिससे अत्यधिक तापमान के कारण मूल शैलों के खनिज पुनर्गठित हो जाते हैं, और इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से अनपर्णी (Non-foliated) शैलों का निर्माण होता है।
2. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) और उच्च तापमान के संयुक्त प्रभाव से होता है, जिसके परिणामस्वरूप शैलों में दाब के लंबवत खनिजों का संरेखण हो जाता है और 'पर्णिता' (Foliation) या विदलन की विशेषता उत्पन्न होती है।
3. क्वार्ट्जाइट (Quartzite) और संगमरमर (Marble) क्षेत्रीय कायांतरण के उत्कृष्ट उदाहरण हैं, जो क्रमशः बलुआ पत्थर और चूना पत्थर के कायांतरित होने से बनते हैं और इन दोनों में उच्च श्रेणी की पर्णिता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
पृथ्वी के वायुमंडल की विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समतापमंडल (Stratosphere) में ओजोन परत की उपस्थिति के कारण तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ता है, और इसी परत के निचले हिस्से में जेट विमानों के उड़ने के लिए आदर्श दशाएँ पाई जाती हैं क्योंकि यहाँ मौसमी हलचलें न्यूनतम होती हैं।
2. 'डोलड्रम' (Doldrums) या भूमध्यरेखीय शांत पेटी विषुवत वृत्त के दोनों ओर लगभग 5° उत्तर से 5° दक्षिण अक्षांशों के बीच विस्तृत एक उच्च वायुदाब पेटी है, जहाँ धरातलीय पवनें शांत रहती हैं।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) से विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटियों की ओर बहने वाली पवनें कोरियोलिस बल के प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में उत्तर-पूर्व और दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिण-पूर्व दिशा से चलती हैं, जिन्हें व्यापारिक पवनें कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) के संदर्भ में, 'हिमालय' का निर्माण किस प्रकार की प्लेट सीमांत क्रिया का परिणाम है?
→
पृथ्वी पर सबसे अधिक सौर ऊर्जा किस अक्षांश क्षेत्र में प्राप्त होती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.