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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक परतों (Layers) के घनत्व, रासायनिक संरचना और भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) की गति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पृथ्वी की क्रोड (Core) मुख्य रूप से निकल और लोहे से बनी है, जिसे 'निफे' (NIFE) कहा जाता है, और इसका बाहरी क्रोड तरल (Liquid) अवस्था में होने के कारण एस-वेव्स (S-waves) को अवशोषित कर लेता है।
- 2. मेंटल (Mantle) और क्रस्ट (Crust) की सीमा रेखा को 'मोहरोविčić (Moho) असंरकता' कहा जाता है, जहाँ प्राथमिक (P-waves) और द्वितीयक (S-waves) दोनों भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक वृद्धि होती है।
- 3. दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) में अत्यधिक तापमान के कारण चट्टानें पिघली हुई अवस्था (Magma chamber source) में होती हैं, जो प्लेट विवर्तनिकी के संचालन के लिए मुख्य ऊर्जा स्रोत प्रदान करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। पृथ्वी की आंतरिक संरचना को समझने के लिए भूकंपीय तरंगों (जैसे P और S तरंगों) का अध्ययन सबसे प्रमुख वैज्ञानिक स्रोत है। बाहरी क्रोड (Outer Core) तरल अवस्था में है, जिस कारण S-तरंगें इसमें से नहीं गुजर सकतीं और लुप्त हो जाती हैं। मेंटल और क्रस्ट के बीच 'मोहरोविčić असंरकता' (Moho discontinuity) पर तरंगों की गति बढ़ जाती है। ऊपरी मेंटल के हिस्से को विकिपीडिया संदर्भ दुर्बलतामंडल (Asthenosphere) कहा जाता है जो विवर्तनिक प्लेटों की गतिशीलता के लिए उत्तरदायी है।
Related Questions
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भारत के प्रमुख उद्योगों, परिवहन अवसंरचना और अंतर्देशीय जलमार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2' (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर सदिया से धुबरी तक लगभग 891 किमी की लंबाई में विस्तृत है, जो पूर्वोत्तर भारत में भारी वस्तुओं के परिवहन और अंतर्देशीय नौवहन के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
2. 'दुर्गापुर इस्पात संयंत्र' की स्थापना ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) के तकनीकी और आर्थिक सहयोग से पश्चिम बंगाल में दामोदर नदी घाटी क्षेत्र के पास की गई थी, जिसे निकटवर्ती रानीगंज क्षेत्र से कोकिंग कोयला प्राप्त होता है।
3. भारतीय रेल के 'उत्तरी रेलवे' (Northern Railway) ज़ोन का मुख्यालय कोलकाता में स्थित है, और यह देश का क्षेत्रफल और मार्ग की लंबाई की दृष्टि से सबसे बड़ा रेलवे ज़ोन है।
4. 'विशाखापत्तनम पोत निर्माण केंद्र' (हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड) भारत का पहला सार्वजनिक क्षेत्र का शिपयार्ड है, जिसे रणनीतिक रूप से पूर्वी तट पर सुरक्षित प्राकृतिक बंदरगाह के पास स्थापित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काराकोरम दर्रा' (Karakoram Pass) भारत के लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश में अक्साई चीन के पास स्थित एक उच्च पर्वतीय दर्रा है, जो भारत को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है और यह काराकोरम श्रृंखला का सबसे ऊंचा वाहन योग्य दर्रा है।
2. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) सतलुज नदी के भारत में प्रवेश करने का मार्ग बनाता है, जो हिमाचल प्रदेश को तिब्बत से जोड़ता है, तथा यह जास्कर श्रेणी में स्थित है।
3. 'जोजी ला दर्रा' (Zoji La) पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है और यह श्रीनगर को लेह से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है, जिसका निर्माण सिंधु नदी के अपरदन कार्य के परिणामस्वरूप हुआ है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार अरुणाचल प्रदेश में स्थित 'बोमडिला दर्रा' तवांग को तिब्बत की ल्हासा घाटी से जोड़ता है और यह ग्रेटर हिमालय के पूर्वी छोर पर स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की प्रमुख झीलों, जलप्रपातों और बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुंचिकल जलप्रपात', जो कर्नाटक के शिमोगा जिले में वाराही नदी पर स्थित है, भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात (कुल ऊँचाई लगभग 455 मीटर) है।
2. 'गोविंद बल्लभ पंत सागर' रिहंद बांध की कृत्रिम झील है, जो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित है और यह भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील (आयतन की दृष्टि से) है।
3. 'लोकतक झील' मणिपुर में स्थित पूर्वोत्तर भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है, जिसमें तैरते हुए अद्वितीय वनस्पति द्वीप पाए जाते हैं जिन्हें 'फुम्दि' (Phumdis) कहा जाता है।
4. चंबल नदी घाटी परियोजना के अंतर्गत गांधीसागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज का निर्माण किया गया है, जिसका विस्तार केवल मध्य प्रदेश राज्य तक ही सीमित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल की भूवैज्ञानिक संरचना और उनकी उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अटाकामा मरुस्थल' (Atacama Desert) दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित दुनिया के सबसे शुष्क मरुस्थलों में से एक है, जिसका मुख्य कारण पेरूवियन धारा (हमबोल्ट धारा) का ठंडा होना और एंडीज पर्वतमाला का वृष्टिछाया प्रभाव (Rain Shadow Effect) है।
2. 'ग्रेट ऑस्ट्रेलियन बेसिन' विश्व का सबसे बड़ा अंतःप्रवाह (Artesian Basin) क्षेत्र है, जो ऑस्ट्रेलिया के मध्यवर्ती भाग में स्थित एक विशाल शुष्क निम्नभूमि है जहाँ पाताल तोड़ कुएँ (Artesian Wells) पाए जाते हैं।
3. 'एनाटोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) एक अंतरपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) है, जो पोंटिक और टॉरस पर्वत श्रेणियों के मध्य टर्की (तुर्की) में स्थित है तथा टेथिस सागर के अवशेष के रूप में अल्पाइन भू-संचलन से प्रभावित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'पेटागोनिया का पठार' (Patagonia Plateau) अर्जेंटीना में स्थित एक उष्णकटिबंधीय वर्षावन आधारित पठार है, जो एंडीज पर्वतमाला के पूर्व में अत्यधिक मानसूनी वर्षा के कारण निर्मित हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जलवायु और दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति तथा वर्षा के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिम भारत और पाकिस्तान के मैदानी क्षेत्रों में अत्यधिक निम्न वायुदाब (Thermal Low) का विकास होता है, जो हिंद महासागर से आने वाली दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक हवाओं को विषुवत रेखा पार करने के बाद फेरेल के नियम के कारण दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुड़ने के लिए आकर्षित करता है।
2. 'एल निनो' (El Niño) घटना, जो प्रशांत महासागर में पेरू के तट के पास गर्म जलधारा के रूप में प्रकट होती है, भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा के लिए अत्यधिक अनुकूल मानी जाती है क्योंकि यह मानसून की सक्रियता और वर्षा की मात्रा को बढ़ा देती है।
3. भारत में होने वाली कुल वर्षा का अधिकांश भाग (लगभग 75% से अधिक) दक्षिण-पश्चिम मानसून काल में प्राप्त होता है, जिसकी दो प्रमुख शाखाएँ—अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा—देश के विभिन्न भौगोलिक अवरोधों के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में वर्षा करती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय मानसून की परिवर्तनशीलता और अनियमितता के पीछे 'अल निनो दक्षिणी दोलन' (ENSO) और 'हिन्द महासागर द्विध्रुव' (Indian Ocean Dipole - IOD) जैसी वैश्विक वायुमंडलीय एवं महासागरीय परिघटनाओं का प्रत्यक्ष प्रभाव होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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