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General Science
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मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों और उनके जैव-रासायनिक उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) वह प्रक्रिया है जिसमें यकृत और कंकाल पेशियों में संचित ग्लाइकोजन का ग्लूकोज-1-फास्फेट में अपघटन होता है, जिसे 'ग्लाइकोजन फास्फोराइलेज' एंजाइम उत्प्रेरित करता है।
  2. 2. ग्लूकोनियोजेनेसिस (Gluconeogenesis) के दौरान, गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों जैसे कि लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो अम्ल से ग्लूकोज का संश्लेषण होता है, जो मुख्य रूप से अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं में संपन्न होता है।
  3. 3. वसा अम्लों के बीटा-ऑक्सीडेशन (Beta-oxidation) की प्रक्रिया माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में होती है, जिससे एसिटाइल-CoA के अणु बनते हैं जो सीधे क्रेब्स चक्र में प्रवेश करके एटीपी का उत्पादन करते हैं।
  4. 4. प्रोटीन कुपोषण के कारण होने वाले गंभीर विकार 'क्वाशियोकोर' (Kwashiorkor) में केवल कैलोरी की भारी कमी होती है, जबकि 'मॅरास्मस' (Marasmus) प्रोटीन और कुल कैलोरी दोनों की भीषण कमी के कारण उत्पन्न होता है और इसमें एडिमा (Edema) प्रमुख लक्षण के रूप में देखा जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि ग्लाइकोजेनोलिसिस के दौरान ग्लाइकोजन फास्फोराइलेज एंजाइम ग्लाइकोजन को ग्लूकोज-1-फास्फेट में तोड़ता है। कथन 2 गलत है क्योंकि ग्लूकोनियोजेनेसिस मुख्य रूप से यकृत (Liver) और कुछ हद तक गुर्दे के कॉर्टेक्स में होता है, न कि अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं में (जो इंसुलिन स्रावित करती हैं)। कथन 3 सही है क्योंकि वसा अम्लों का बीटा-ऑक्सीडेशन माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में होता है जिससे एसिटाइल-CoA बनता है। कथन 4 गलत है क्योंकि क्वाशियोकोर (Kwashiorkor) में प्रोटीन की गंभीर कमी होती है और इसमें एडिमा (Edema) यानी सूजन पाई जाती है, जबकि मैरास्मस में प्रोटीन और कुल कैलोरी दोनों की कमी होती है लेकिन एडिमा नहीं होता है। पोषण और जैव अणुओं के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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