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General Science
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों और संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ट्रिपैनोसोमा ब्रूसी (Trypanosoma brucei) एक प्रोटोजोआ परजीवी है जो 'त्सेत्से मक्खी' (Tsetse fly) के काटने से मनुष्यों में फैलता है और इसके कारण 'African sleeping sickness' (अफ़्रीकी निद्रा रोग) उत्पन्न होता है।
- 2. रैबीज एक विषाणु जनित रोग है जो मुख्य रूप से लाइज़ावायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और यह संक्रमित पशुओं (जैसे कुत्ते, चमगादड़) की लार से तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हुए केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुंचता है।
- 3. विब्रियो कॉलेरा (Vibrio cholerae) एक ग्राम-नेगेटिव, कॉमा-आकार का जीवाणु है जो दूषित जल और भोजन के माध्यम से फैलता है, तथा इसके द्वारा उत्पादित एक्सोटॉक्सिन आंतों की उपकला कोशिकाओं से अत्यधिक मात्रा में जल और इलेक्ट्रोलाइट्स के स्राव को प्रेरित करता है।
- 4. एलिसा (ELISA) परीक्षण मुख्य रूप से प्राथमिक रूप से 'बैक्टीरियल मेनिंजाइटिस' की पुष्टि के लिए किया जाने वाला एक मानक नैदानिक परीक्षण है, जबकि एचआईवी संक्रमण के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' को केवल प्रारंभिक स्क्रीनिंग टेस्ट माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। 'अफ़्रीकी निद्रा रोग' (African sleeping sickness) प्रोटोजोआ परजीवी ट्रिपैनोसोमा ब्रूसी के कारण होता है, जिसका वाहक त्सेत्से मक्खी है। रैबीज लाइज़ावायरस द्वारा फैलने वाला एक घातक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। विब्रियो कॉलेरा एक कॉमा के आकार का जीवाणु है जो विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दूषित जल और भोजन से फैलने वाले हैजा (Cholera) का मुख्य कारक है। कथन 4 गलत है क्योंकि एलिसा (ELISA) परीक्षण एचआईवी (HIV) की प्रारंभिक स्क्रीनिंग के लिए किया जाता है, जबकि वेस्टर्न ब्लॉट इसकी संपुष्टि (Confirmatory test) के लिए प्रयुक्त होता है, न कि बैक्टीरियल मेनिंजाइटिस के लिए।
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी अक्ष (Hypothalamic-Pituitary Axis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पिट्यूटरी (Adenohypophysis) को ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण करने के लिए प्रेरित करता है, जो प्युर्टरी पोर्टल तंत्र के माध्यम से अग्र पिट्यूटरी तक पहुँचते हैं।
2. पश्च पिट्यूटरी (Neurohypophysis) स्वयं किसी भी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के अधिवृक्क न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हॉर्मोन का भंडारण और विमोचन करती है।
3. अधिवृक्क वल्कल (Adrenal Cortex) का 'जोना ग्लोमेरुलोसा' (Zona glomerulosa) क्षेत्र मिनरलोकोर्टिकोइड्स (मुख्य रूप से एल्डोस्टेरोन) का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं द्वारा सोडियम आयनों और जल के पुनravशोषित होने को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम और हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है।
4. पैराथायराइड ग्रंथियों द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपोकैल्सेमिक हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करता है, क्योंकि यह अस्थियों से कैल्शियम के पुनravशोषण को रोकता है और वृक्क द्वारा कैल्शियम के उत्सर्जन को बढ़ाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होती है, जिसके फलस्वरूप परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों की परमाणु त्रिज्या (वांडरवाल्स त्रिज्या) उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में बड़ी होती है।
2. ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान कम होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के 2p कक्षकों का अर्ध-पूर्ण (Half-filled) होना है जो अधिक स्थिरता प्रदान करती है।
3. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में कम होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाला नया इलेक्ट्रॉन पहले से उपस्थित 2p इलेक्ट्रונים से अधिक प्रतिकर्षण अनुभव करता है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ़िज़ियम) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण 4f कक्षकों का दुर्बल आवरण प्रभाव (Shielding effect) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'अंतःप्रद्रव्य जालिका' (Endoplasmic Reticulum) और 'गॉल्जीकाय' (Golgi Apparatus) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. खुरदरी अंतःप्रद्रव्य जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम जुड़े होते हैं, और यह मुख्य रूप से उन प्रोटीनों के संश्लेषण और स्रावण में सक्रिय रूप से भाग लेती है जो कोशिका के बाहर या उसकी झिल्ली के लिए आवश्यक होते हैं।
2. चिकनी अंतःप्रद्रव्य जालिका (SER) पर राइबोसोम का अभाव होता है, और यह फॉस्फोलिपिड, कोलेस्ट्रॉल जैसे लिपिड तथा स्टेरायड हॉर्मोन्स के संश्लेषण का प्रमुख स्थल है।
3. गॉल्जीकाय की संरचना में कई चपटी, डिस्क के आकार की थैलियाँ या 'कुंडिनियाँ' (Cisternae) होती हैं, जिनका एक उत्तल 'シス' (Cis/निर्माणी) सिरा अंतःप्रद्रव्य जालिका की ओर तथा अवतल 'トランス' (Trans/परिपक्व) सिरा प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है।
4. गॉल्जीकाय में प्रोटीनों और लिपिडों का ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation) और ग्लाइकोजिनेशन जैसी रासायनिक रूपांतरण प्रक्रियाएँ होती हैं, किंतु यह लाइसोसोम के निर्माण में प्रत्यक्ष रूप से कोई भूमिका नहीं निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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