त्वरित लिंक्स
General Science
8 views
धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सोडियम और पोटेशियम जैसी अत्यंत क्रियाशील धातुएं ठंडे पानी के साथ तीव्र अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं और यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी होती है, जबकि कैल्शियम पानी के साथ कम तीव्र गति से अभिक्रिया करता है और उत्पन्न होने वाली हाइड्रोजन गैस के बुलबुले धातु की सतह से चिपक जाते हैं जिससे कैल्शियम तैरने लगता है।
- 2. ऐलुमिनियम, जिंक और टिन जैसी धातुएं उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड या हाइड्रॉक्साइड का निर्माण करती हैं, जिसका अर्थ है कि वे अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और पानी बनाती हैं।
- 3. मिश्रधातु 'अमलगम' (Amalgam) में एक अनिवार्य धातु हमेशा पारा (Mercury) होती है, और लोहे की अनभिक्रियाशीलता (Unreactivity) के कारण लोहा पारे के साथ आसानी से अमलगम बना लेता है, यही कारण है कि पारे के भंडारण के लिए लोहे के पात्रों का उपयोग किया जाता है।
- 4. उत्कृष्ट गैसों के अतिरिक्त, कुछ अधातुएं जैसे सल्फर और फॉस्फोरस अपनी बहुपरमाणुकता दर्शाती हैं, जिसमें सल्फर $S_8$ के रूप में वलय संरचना और श्वेत फॉस्फोरस $P_4$ के रूप में चतुष्फलकीय संरचना बनाता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि सोडियम और पोटेशियम ठंडे पानी के साथ अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया करते हैं और कैल्सियम पानी के साथ अभिक्रिया करते समय हाइड्रोजन गैस के बुलबुले सतह पर चिपकने के कारण तैरने लगता है। कथन 2 सही है क्योंकि ऐलुमिनियम और जिंक जैसी धातुएं उभयधर्मी प्रकृति दर्शाती हैं जो अम्ल और क्षार दोनों से क्रिया करती हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि लोहा (Iron) पारे के साथ अमलगम का निर्माण नहीं करता है, यही कारण है कि पारे (Mercury) को संग्रहित करने के लिए लोहे के बर्तनों (Iron containers) का उपयोग किया जाता है। कथन 4 सही है क्योंकि सल्फर ($S_8$) और श्वेत फॉस्फोरस ($P_4$) बहुपरमाणुक रूप में पाए जाते हैं। धातु और अधातु के गुणों के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
→
प्रकाश तरंगें कैसी तरंगें हैं?
→
भौतिक राशियों और उनके एसआई मात्रकों (SI Units) तथा विमीय सूत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal gas constant): जूल प्रति मोल प्रति केल्विन ($J \cdot mol^{-1} \cdot K^{-1}$) और इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^2 T^{-2} \theta^{-1} mol^{-1}]$ है।
2. प्लांक नियतांक (Planck's constant): जूल-सेकेंड ($J \cdot s$) और इसका विमीय सूत्र ऊर्जा के विमीय सूत्र के समान होता है।
3. श्यानता गुणांक (Coefficient of viscosity): पास्कल-सेकेंड ($Pa \cdot s$) या $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$ और इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ है।
4. पृष्ठीय तनाव (Surface tension): न्यूटन प्रति मीटर ($N \cdot m^{-1}$) और इसका विमीय सूत्र $[M^1 L^0 T^{-2}]$ है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
पाचन कहाँ?
→
भूकंप की तरंगें?
→
मानव शरीर में जैविक अणुओं और उनके चयापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B12 (कोबालामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो यकृत (Liver) में कई वर्षों तक भंडारित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की parietal कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'Intrinsic Factor' की अनिवार्यता होती है।
2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential Amino Acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो सकता, इसलिए इन्हें आहार के माध्यम से लेना आवश्यक होता है; उदाहरण के लिए, वैलीन, ल्यूसीन और टायरोसिन इसी श्रेणी में आते हैं।
3. ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) वह प्रक्रिया है जिसमें संचित ग्लाइकोजेन का ग्लूकोज-1-फास्फेट में विघटन होता है, और यह मुख्य रूप से यकृत और कंकाल पेशियों में इंसुलिन हार्मोन के नियंत्रण में संपन्न होती है।
4. सेलूलोज एक पादप-जनित पॉलीसेकेराइड है जिसमें ग्लूकोज इकाइयाँ $eta$-1,4-ग्लूकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं, और मानव शरीर में इसे पचाने के लिए आवश्यक 'सेल्युलेज' एंजाइम का पूर्ण अभाव होता है, जिससे यह आहार में फाइबर के रूप में कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.