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General Science
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पानी का घनत्व अधिकतम?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
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4°C।
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मानव शरीर में वृहत् पोषक तत्वों (Macronutrients) के चयापचय, विटामिनों की जैव रासायनिक क्रियाओं और उनके न्यूनताजनित रोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) वह चयापचय मार्ग है जिसके द्वारा गैर-कार्बोहाइड्रेट अग्रcursers जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो अम्ल से ग्लूकोज का संश्लेषण मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होता है, जो उपवास की अवस्था में रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
2. वसा में घुलनशील विटामिनों में, 'विटामिन D' (कैल्सीफेरॉल) का सक्रिय रूप '1,25-डाइहाइड्रॉक्सीकोलेकैल्सीफेरॉल' वास्तव में एक हॉर्मोन की तरह कार्य करता है, जो आंतों से कैल्शम और फॉस्फेट के अवशोषण को विनियमित करता है, और इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' तथा वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेशिया' नामक रोग हो जाता है।
3. जल-विलेय विटामिनों में, 'विटामिन B1' (थiamine) का सक्रिय रूप 'थिएमीन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) कार्बोहाइड्रेट चयापचय के दौरान पाइरुवेट के एसिटाइल-कोए में ऑक्सीडेटिव डीकार्बोक्सिलेशन के लिए एक आवश्यक सह-एंजाइम (Coenzyme) है, और इसकी भारी कमी से 'बेरी-बेरी' नामक विकार उत्पन्न होता है।
4. 'विटामिन B12' (सायनोकोबलामिन) का अवशोषण छोटी आंत के शुरुआती हिस्से (ग्रहणी या डियोडेनम) में स्वतंत्र रूप से होता है, जिसके लिए किसी भी आंतरिक कारक (Intrinsic factor) की आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों, लेंसों और दर्पणों के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total internal reflection) होता है, जिसके लिए प्रकाश का सघन माध्यम से जाना और अपवर्तनांक का नियम अनिवार्य है।
2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस की तरह व्यवहार करने के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की भाँति कार्य करने लगता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि दर्पण की फोकस दूरी $f$ है और वस्तु की दूरी $u$ तथा प्रतिबिंब की दूरी $v$ है, तो रैखिक आवर्धन ($m$) का मान सदैव $-v/u$ होता है, जो यह दर्शाता है कि वास्तविक प्रतिबिंबों के लिए आवर्धन ऋणात्मक और आभासी प्रतिबिंबों के लिए धनात्मक होता है।
4. खगोलीय दूरदर्शी (Astronomical telescope) की आवर्तन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्य लेंस (Objective lens) का द्वारक (Aperture) और फोकस दूरी दोनों बहुत कम होने चाहिए, जिससे दूर स्थित तारों से आने वाला प्रकाश अधिक केंद्रित हो सके।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन के नामकरण, समवयस्कता (Isomerism) और उनकी रासायनिक अभिक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्काइन्स (Alkynes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच कम से कम एक त्रिक बंध (Triple bond) होता है, और इनका सामान्य सूत्र $C_n{H}_{2n-2}$ होता है।
2. 'ब्यूटेन' ($C_4{H}_{10}$) के दो संरचनात्मक समवयस्क (Structural isomers) संभव हैं—सामान्य ब्यूटेन (n-butane) और आइसोब्यूटेन (2-methylpropane), जो श्रृंखला समवयस्कता (Chain isomerism) प्रदर्शित करते हैं।
3. जब एल्केन्स को वायु की अधिकता में पूर्ण रूप से जलाया जाता है, तो यह दहन अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी होती है जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प के साथ-साथ बड़ी मात्रा में कार्बन मोनोऑक्साइड भी सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की सतह से छोड़े गए किसी उपग्रह की कक्षीय चाल ($v_0$) और उसी कक्षा में परिक्रमण करने वाले उपग्रह की पलायन चाल ($v_e$) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी उपग्रह की कक्षीय चाल उसकी पृथ्वी की सतह से ऊँचाई पर निर्भर करती है, और जैसे-जैसे उपग्रह की कक्षीय त्रिज्या बढ़ती है, उसकी कक्षीय चाल कम हो जाती है।
2. यदि किसी उपग्रह की कक्षीय चाल में अचानक $\sqrt{2}-1$ (या लगभग 41.4%) की आनुपातिक वृद्धि कर दी जाए, तो वह अपनी वृत्ताकार कक्षा को छोड़कर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकल जाएगा (पलायन कर जाएगा)।
3. पृथ्वी के बहुत निकट परिक्रमण कर रहे उपग्रह की कक्षीय चाल लगभग 11.2 किमी/सेकंड होती है, जबकि पृथ्वी की सतह से पलायन वेग का मान लगभग 7.9 किमी/सेकंड होता है।
4. दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगाते हुए उपग्रह की चाल नियत नहीं रहती है, बल्कि जब उपग्रह पृथ्वी के निकटतम बिंदु (उपभू या Perigee) पर होता है, तब उसकी चाल अधिकतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत-चुंबकीय तरंगों को माध्यम चाहिए?
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