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General Science
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मानव शरीर के तंत्रों—विशेषकर श्वसन और तंत्रिका तंत्र के नियंत्रण व समन्वय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मानव में श्वसन लय का मुख्य नियंत्रण केंद्र मस्तिष्क के मेडुला ओब्लोंगेटा (Medulla oblongata) में स्थित होता है, जो रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड ($ ext{CO}_2$) और हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता में वृद्धि होने पर अत्यधिक संवेदनशील रूप से सक्रिय होता है।
  2. 2. पोंस (Pons) क्षेत्र में स्थित 'न्यूटैक्सिक केंद्र' (Pneumotaxic center) श्वसन लय केंद्र के कार्यों को नियंत्रित कर सकता है, और यह अंतःश्वसन की अवधि को बढ़ाकर श्वसन दर को धीमा कर देता है।
  3. 3. परिधीय रासायनसंवेदी (Peripheral chemoreceptors), जो महाधमनी चाप (Aortic arch) और कैरोटिड धमनी से जुड़े होते हैं, रक्त में ऑक्सीजन ($ ext{O}_2$) के स्तर में कमी आने पर मेडुला केंद्र को संकेत भेजकर श्वसन दर को बढ़ाने में सहायता करते हैं।
  4. 4. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) के अंतर्गत, अनुकंपी तंत्रिका तंत्र (Sympathetic nervous system) श्वासनली (Bronchi) के प्रसार को प्रेरित करता है, जबकि परानुकंपी तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic nervous system) श्वासनली को संकुचित करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

मानव शरीर में श्वसन और इसके तंत्रिका नियंत्रण का नियमन अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। श्वसन लय का मुख्य केंद्र मस्तिष्क के मेडुला ओब्लोंगेटा में स्थित होता है, जिसे 'श्वसन ताल केंद्र' (Respiratory rhythm center) कहते हैं। यह केंद्र कार्बन डाइऑक्साइड ($ ext{CO}_2$) और $ ext{H}^+$ आयनों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है; इनकी सांद्रता बढ़ने पर यह श्वसन की दर को तीव्र कर देता है। पोंस में स्थित न्यूटैक्सिक केंद्र अंतःश्वसन की अवधि को 'घटाकर' श्वसन दर को नियंत्रित करता है (अतः कथन 2 गलत है क्योंकि यह अवधि को बढ़ाता नहीं बल्कि सीमित करता है)। परिधीय रासायनसंवेदी (कैरोटिड और महाधमनी पिंड) रक्त में $ ext{O}_2$ की सांद्रता में भारी गिरावट आने पर सक्रिय होते हैं। स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के तहत अनुकंपी तंत्रिका तंत्र श्वासनली का विस्तार करता है जबकि परानुकंपी तंत्रिका तंत्र संकुचन करता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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