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General Science
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कौन सा एंजाइम लार में पाया जाता है?

Detailed Explanation

लार में टायलिन होता है जो स्टार्च पचाता है।
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मानव शरीर के विभिन्न जैविक तंत्रों की सूक्ष्म क्रियाप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. छोटी आंत के ड्यूओडेनम (Graahani) भाग में स्रावित होने वाला 'सिक्रेटिन' (Secretin) हार्मोन मुख्य रूप से अग्न्याशय को उद्दीप्त कर सोडियम बाइकार्बोनेट युक्त क्षारीय रस के स्रावण को प्रेरित करता है, ताकि आमाशय से आने वाले अम्लीय काइम को उदासीन किया जा सके। 2. मानव हृदय चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, निलय संकुचन (Ventricular systole) के आरंभ में जब निलय का दबाव आलिंद के दबाव से अधिक हो जाता है, तब एट्रियोवेंट्रिकुलर कपाट (जैसे द्विवलनी और त्रिवलनी) रक्त के पश्च-प्रवाह को रोकने के लिए बंद हो जाते हैं, जिससे पहली हृदय ध्वनि ('लब') उत्पन्न होती है। 3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में सिनाप्टिक संचरण के दौरान, प्री-सिनाप्टिक न्यूरॉन के अंतर्ग्रथनी पुटिकाओं (Synaptic vesicles) से न्यूरोट्रांसमीटर का मोचन कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) के अंतःप्रवाह (Influx) के कारण होता है। 4. मानव श्वसन तंत्र के नियमन में, हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन की कमी) की स्थिति में महाधमनी चाप (Aortic arch) और कैरोटिड धमनी में स्थित केंद्रीय केमोरेसेप्टर्स (Central chemoreceptors) अत्यधिक सक्रिय होकर श्वसन दर को तीव्र करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? डायबिटीज? मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों की जैव-रासायनिक और प्रतिरक्षात्मक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की सतह पर पाए जाने वाले ABO रक्त समूह प्रतिजन (Antigens) लिपिड और प्रोटीन रीढ़ की हड्डी से जुड़े कार्बोहाइड्रेट श्रृंखलाओं (Oligosaccharides) के रूप में होते हैं, जिनका संश्लेषण ग्लाइकोसिलट्रांसफेरेज एंजाइमों द्वारा होता है, न कि सीधे 'ABO' जीन द्वारा कूटबद्ध पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाओं से। 2. 'बॉम्बे फिनोटाइप' ($O_h$) से ग्रसित व्यक्तियों में H-एंटीजन का पूर्णतः अभाव होता है क्योंकि उनमें FUT1 जीन उत्परिवर्तित होता है, जिसके कारण उनके प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B के साथ-साथ एक विशेष 'एंटी-H' एंटीबॉडी भी उपस्थित होती है, जो उन्हें किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह से रक्त लेने से रोकती है। 3. Rh-असंगतता (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति में, यदि एक Rh-ऋणात्मक माता और Rh-धनात्मक पिता की संतान Rh-धनात्मक होती है, तो प्रथम गर्भधारण के दौरान माँ के शरीर में बनी IgG प्रकार की एंटी-Rh एंटीबॉडी प्लेसेंटा को पार कर सकती हैं और प्रथम शिशु को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। 4. रुधिर स्कंदन (Blood Coagulation) की बाह्य प्रणाली (Extrinsic pathway) की शुरुआत रक्त वाहिका की क्षति के बाद ऊतक कारक (Tissue Factor या Factor III) के मुक्त होने और प्लाज्मा में उपस्थित फैक्टर VII के साथ मिलकर उसके सक्रिय होने से होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? प्रकाशिकी (Optics) और प्रकाश के अपवर्तन तथा लेंसों के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक होने पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और इस प्रक्रिया में प्रकाश की चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों बढ़ जाते हैं जबकि आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है। 2. लेंस निर्माता सूत्र (Lens Maker's Formula) के अनुसार, किसी लेंस की फोकस दूरी उसके दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं और लेंस के पदार्थ के सापेक्षिक अपवर्तनांक पर निर्भर करती है, जिसके बारे में विस्तृत अध्ययन विकिपीडिया संदर्भ में उपलब्ध है। 3. यदि किसी उत्तल लेंस (Convex lens) को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक हो, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और उसकी अभिसारी (Converging) प्रकृति अपसारी (Diverging) प्रकृति में बदल जाती है। 4. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक (Objective) लेंस और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए ताकि अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर स्पष्ट बन सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? धातुओं के निष्कर्षण (Metallurgical Processes) और उनके अयस्क के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'भर्जन' (Roasting) प्रक्रिया में सांद्रित अयस्क को वायु की नियमित या नियंत्रित आपूर्ति के साथ उसके गलनांक से कम ताप पर तीव्रता से गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उपयोग आमतौर पर सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइड अयस्कों में परिवर्तित करने के लिए किया जाता है। 2. 'निस्तापन' (Calcination) प्रक्रिया के दौरान कार्बोनेट और हाइड्रेटेड ऑक्साइड अयस्कों को वायु की अनुपस्थिति या सीमित आपूर्ति में गर्म किया जाता है, जिससे वाष्पशील अशुद्धियाँ दूर हो जाती हैं और अयस्क सरलता से छिद्रयुक्त ऑक्साइड में बदल जाता है। 3. 'प्रगालन' (Smelting) एक ऐसी उच्च-तापीय प्रक्रिया है जिसमें भर्जित या निस्पापित अयस्क को किसी उपयुक्त गलनक (Flux) और कोक (कार्बन) के साथ उसके गलनांक से ऊपर गर्म किया जाता है, जिससे धातु का अपचयन होकर वह द्रवित अवस्था में प्राप्त होती है और साथ ही अशुद्धियाँ 'धातुमल' (Slag) के रूप में अलग हो जाती हैं। 4. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हैरॉल्ट प्रक्रम में क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) का मुख्य उपयोग ऐलुमिनियम ऑक्साइड के गलनांक को कम करने के लिए किया जाता है, क्योंकि शुद्ध एलुमिना का गलनांक बहुत उच्च होता है और यह विद्युत का बहुत अच्छा चालक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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