त्वरित लिंक्स
General Science
9 views
पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हॉर्मोन्स (Plant Hormones) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) प्रथम ऐसे स्थलीय पौधे हैं जिनमें वास्तविक संवहन ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं, लेकिन इनमें बीज का निर्माण नहीं होता है और इनका मुख्य पादप शरीर बीजाणुकोद्भिद (Sporophyte) होता है।
- 2. C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर C3 पौधों की तुलना में नगण्य या शून्य होती है, क्योंकि इनमें रुबिस्को (RuBisCO) एंजाइम पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में स्थित होता है और यह सीधे वायुमंडलीय $CO_2$ का स्थिरीकरण करता है।
- 3. ऑक्सिन (Auxin), विशेष रूप से इंडोल-3-एसेटिक एसिड (IAA), तने और मूल के अग्रभाग पर संश्लेषित होता है और यह 'शिखाग्र प्रमुखता' (Apical Dominance) के लिए उत्तरदायी है, जहाँ शीर्षस्थ कलिकायें पार्श्व कलिकाओं के विकास को संदमित करती हैं।
- 4. प्रकाश संश्लेषण की प्रकाश-निर्भर अभिक्रिया (Light-dependent reaction) के दौरान जल का प्रकाशीय अपघटन (Photolysis) फोटोसिस्टम-II (PS-II) से जुड़ा हुआ है, जिससे ऑक्सीजन, प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि टेरिडोफाइट्स पहले ऐसे स्थलीय पौधे हैं जिनमें जाइलम और फ्लोएम जैसे संवहनी ऊतक पाए जाते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि C4 पौधों में रुबिस्को एंजाइम पर्णमध्योतक कोशिकाओं में नहीं बल्कि पूंचच्छद (Bundle sheath) कोशिकाओं में पाया जाता है, और C4 पौधों में PEPcase एंजाइम द्वारा प्रारंभिक स्थिरीकरण होने के कारण प्रकाश श्वसन नगण्य होता है। कथन 3 सही है क्योंकि ऑक्सिन पादप के शीर्ष पर बनता है और शिखाग्र प्रमुखता को नियंत्रित करता है। कथन 4 सही है क्योंकि जल का प्रकाशीय अपघटन फोटोसिस्टम-II से जुड़ा होता है। पादपों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
विलयन और उत्प्रेरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राउल्ट के नियम का एक अणुसंख्यक गुणधर्म है।
2. वेंट-हॉफ कारक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए हमेशा एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में पूर्ण रूप से संघनित (Association) हो जाते हैं, क्योंकि अणुओं के जुड़ने से कणों की कुल संख्या बढ़ जाती है।
3. उत्प्रेरक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) को परिवर्तित करके अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करते हैं, किंतु वे साम्य स्थिरांक (Equilibrium Constant) के मान को बदल देते हैं।
4. जिओलाइट्स (Zeolites) त्रि-विमीय सिलिकेट नेटवर्क संरचना वाले सूक्ष्मछिद्रित उत्प्रेरक हैं जो 'आकार-वरण उत्प्रेरण' (Shape-selective Catalysis) प्रदर्शित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एड्स (AIDS) उत्पन्न करने वाला विषाणु एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवाइवायरस है, जो मुख्य रूप से शरीर की सहायक टी-लिम्फोसाइट्स ($CD_4^+$ T cells) को संक्रमित करता है और इसकी पुष्टि के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) परीक्षण किया जाता है।
2. मलेरिया परजीवी प्लाज्मोडियम की संक्रामक अवस्था 'स्पोरोज़ोइट' (Sporozoite) होती है, जो मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से मानव शरीर में प्रवेश करती है, और इसके उपचार के लिए कुनैन (Quinine) का उपयोग किया जाता है जो सिनकोना वृक्ष की छाल से प्राप्त होती है।
3. क्षय रोग (Tuberculosis) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है, और इसके उपचार के लिए डॉट्स (DOTS) प्रणाली के तहत 'मल्टी-ड्रग थेरेपी' दी जाती है जिसमें बीसीजी (BCG) का टीका निवारक के रूप में कार्य करता है।
4. हेपेटाइटिस बी एक विषाणु जनित रोग है जो केवल दूषित जल और भोजन के माध्यम से फैलता है, और यह यकृत को गंभीर रूप से प्रभावित करके सिरोसिस का कारण बनता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि कौन सी है?
→
पेनिसिलिन?
→
कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) में कार्बन परमाणु केवल एकल सहसंयोजक बंधों से जुड़े होते हैं, और इनका सामान्य सूत्र $C_n H_{2n}$ होता है।
2. ऐल्कीन (Alkenes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें कम से कम एक कार्बन-कार्बन द्विबंध (Double bond) उपस्थित होता है, और इन्हें ओलेफिन भी कहा जाता है।
3. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रस्फोटन-रोधी (Anti-knock) क्षमता का माप है, जिसमें उच्च प्रस्फोटन गुण वाले 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 और निम्न प्रस्फोटन गुण वाले 'n-हेप्टेन' को 0 मान दिया जाता है।
4. द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसमें सुरक्षा की दृष्टि से गंध के लिए 'एथिल मर्कैप्टेन' मिलाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.