BaalVikas
Menu
General Science
Asked 2 months ago · Viewed 26 times

आवर्त सारणी के तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) और उनके रासायनिक व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में वृद्धि होती है, जिसके कारण प्रथम आयनन एन्थैल्पी का मान सामान्यतः बढ़ता है, हालांकि ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी अधिक होती है क्योंकि नाइट्रोजन में अर्ध-पूरित (Half-filled) $2p$ कक्षकों का अतिरिक्त स्थायित्व पाया जाता है।
  2. 2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान सभी तत्वों के लिए हमेशा ऋणात्मक होता है, और किसी भी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर हमेशा ऊर्जा का उत्सर्जन ही होता है, चाहे उस परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास या आकार कुछ भी हो।
  3. 3. हैलोजन समूह में फ्लोरीन ($F$) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान अपने ही समूह के अगले तत्व क्लोरीन ($Cl$) की तुलना में अधिक (अधिक ऋणात्मक) होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होता है जिसके कारण अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक बल का मान कम हो जाता है।
  4. 4. लैंथानाइड संकुचन (Lanthanoid contraction) के कारण $5d$ श्रेणी के संक्रमण तत्वों (जैसे हाफ्नियम, $Hf$) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित $4d$ श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, $Zr$) के लगभग बराबर हो जाती हैं।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि नाइट्रोजन ($1s^2 2s^2 2p^3$) का $2p$ कक्षक अर्ध-पूरित होता है, जो इसे अधिक स्थायित्व प्रदान करता है और इससे इलेक्ट्रॉन निकालना कठिन हो जाता है, जिससे इसकी आयनन एन्थैल्पी ऑक्सीजन से अधिक हो जाती है। कथन 2 गलत है क्योंकि कुछ तत्वों (जैसे उत्कृष्ट गैसों) के लिए इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान धनात्मक होता है क्योंकि उनमें इलेक्ट्रॉन प्रवेश कराने के लिए ऊर्जा देनी पड़ती है। कथन 3 गलत है क्योंकि फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन और पहले से मौजूद इलेक्ट्रॉनों के बीच अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक बल बढ़ जाता है, जिससे फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान क्लोरीन से कम हो जाता है। कथन 4 सही है; लैंथानाइड संकुचन के कारण $4f$ कक्षकों के दुर्बल आवरण प्रभाव के परिणामस्वरूप $5d$ और $4d$ श्रेणी के तत्वों के आकार लगभग समान हो जाते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Share:
अगला प्रश्न → पदार्थ के सामान्य गुण, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ… ← पिछला प्रश्न कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में…

Related Questions

→ मानव शरीर के पाचन, श्वसन और तंत्रिका तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आमाशय की भित्ति में पाई जाने वाली पेप्टिक या मुख्य कोशिकाएँ (Chief cells) निष्क्रिय 'पेप्सिनोजेन' स्रावित करती हैं, जिसे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) द्वारा सक्रिय पेप्सिन में बदला जाता है, और यह पेप्सिन प्रोटीन को प्रोटीज और पेप्टोन में जल-अपघटित करता है। 2. 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) के अनुसार, ऊतकों में उच्च कार्बन डाइऑक्साइड सांद्रता, कम pH और उच्च तापमान की स्थिति हीमोग्लोबिन के लिए ऑक्सीजन की आत्मीयता (Affinity) को बढ़ा देती है, जिससे फेफड़ों में ऑक्सीजन का विमोचन आसान हो जाता है। 3. 'सिम्पेथेटिक तंत्रिका तंत्र' (Sympathetic nervous system) के सक्रिय होने पर हृदय की धड़कन बढ़ जाती है, पुतलियाँ फैल जाती हैं और पाचन नली की क्रमाकुंचन (Peristalsis) गति मंद पड़ जाती है, जो संकटकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए शरीर को तैयार करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) और पादप हार्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये पौधे मिट्टी में उगते हैं लेकिन लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर करते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूरी तरह अनुपस्थित होते हैं। 2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की दर C3 पौधों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि इनमें 'हैच-स्लैग मार्ग' पाया जाता है और इनका प्राथमिक कार्बन डाइऑक्साइड ग्राही 'फॉस्फेनाइलपाइरुवेट' (PEP) होता है, जो रुबिस्को एंजाइम की फोटोरेस्पिरेशन (प्रकाश श्वसन) प्रवृत्ति को कम कर देता है। 3. 'साइटोकिनीन' (Cytokinin) एक प्राकृतिक पादप हॉर्मोन है जो मुख्य रूप से कोशिका विभाजन को प्रेरित करता है, शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को बढ़ावा देता है और पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करने का कार्य करता है। 4. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) को 'तनाव हॉर्मोन' (Stress hormone) कहा जाता है, जो प्रतिकूल जल तनाव की स्थिति में रंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीजों के प्रसुप्तिकरण (Dormancy) को प्रेरित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों और उत्प्रेरण के विशेष सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, जो राउल्ट के नियम पर आधारित है और यह विलेय की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है। 2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के वियोजन की स्थिति में एक से अधिक होता है, जबकि संगुणन (Association) की स्थिति में इसका मान एक से कम होता है। 3. 'विषमांगी उत्प्रेरण' के 'अधिशोषण सिद्धांत' (Adsorption theory) के अनुसार, अभिकर्मक गैसें उत्प्रेरक की सतह पर आकर अधिशोषित होती हैं, जिससे उनकी प्रभावी सांद्रता बढ़ जाती है और अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा ($E_a$) कम हो जाती है। 4. 'एन्जाइम उत्प्रेरण' की क्रियाविधि में 'माइकलिस-मेंटेन नियतांक' ($K_m$) जितना अधिक होता है, एंजाइम और सब्सट्रेट के बीच की बंधुता (Affinity) उतनी ही अधिक होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → आवर्त सारणी और तत्वों के रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में वृद्धि होती है, जिसके कारण प्रथम आयनन एन्थैल्पी का मान सामान्यतः बढ़ता है, हालांकि ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी अधिक होती है क्योंकि नाइट्रोजन में अर्ध-पूरित $2p$ कक्षकों का अतिरिक्त स्थायित्व पाया जाता है। 2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान सभी तत्वों के लिए हमेशा ऋणात्मक होता है, और किसी भी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर हमेशा ऊर्जा का उत्सर्जन ही होता है, चाहे उस परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास कुछ भी हो। 3. हैलोजन समूह में फ्लोरीन ($F$) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान अपने ही समूह के अगले तत्व क्लोरीन ($Cl$) की तुलना में अधिक (अधिक ऋणात्मक) होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होता है जिसके कारण अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक बल का मान कम हो जाता है। 4. लैंथानाइड संकुचन (Lanthanoid contraction) के कारण $5d$ श्रेणी के संक्रमण तत्वों (जैसे हाफ्नियम, $Hf$) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित $4d$ श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, $Zr$) के लगभग बराबर हो जाती हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है। 2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है। 3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था। 4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.