General Science
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'पारसेक' (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो कि उस दूरी के बराबर होती है जिस पर एक खगोलीय इकाई (AU) की चाप पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या के केंद्र पर एक आर्कसेकंड का कोण बनाती है।
- 2. किसी भौतिक राशि के विमीय सूत्र में यदि द्रव्यमान, लंबाई और समय की विमाएँ क्रमशः $A, B$ और $C$ हैं, तो उस राशि की पद्धति बदलने पर उसका संख्यात्मक मान (Numerical value) बदल जाता है, किंतु उसका विमीय सूत्र और एसआई मात्रक अपरिवर्तित रहते हैं।
- 3. 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) समय की एक इकाई है जिसका उपयोग अंतरिक्ष में अत्यधिक तीव्र गतियों और अंतरालीय समय अंतरालों को मापने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'पारसेक' (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी इकाई है और यह लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष के बराबर होती है। कथन 2 भी सही है क्योंकि किसी भौतिक राशि का विमीय सूत्र (Dimensional formula) और एसआई पद्धति में मात्रक मूल रूप से स्थिर होते हैं, जबकि विभिन्न मात्रक प्रणालियों में बदलने पर संख्यात्मक मान और मात्रक का आकार बदल जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) समय की नहीं बल्कि **दूरी** की एक इकाई है, जो एक वर्ष में निर्वात में प्रकाश द्वारा तय की गई कुल दूरी को दर्शाती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मानव शरीर में पोषण, वृहत् पोषक तत्वों (Macronutrients) और विटामिनों की जैव…
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हॉर्मोन्स के…
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मानव शरीर में पोषण और वृहत् पोषक तत्वों के उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ग््लुकोनियोजेनेसिस' (Gluconeogenesis) मुख्य रूप से यकृत और वृक्क में होने वाली वह चयापचय प्रक्रिया है जिसमें गैर-कार्बोहाइड्रेट अग्रcursers (जैसे लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो एसिड) से ग्लूकोज का संश्लेषण होता है, जो उपवास की स्थिति में रक्त शर्करा को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
2. 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential amino acids वे हैं जिन्हें मानव शरीर संश्लेषित नहीं कर सकता, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना आवश्यक होता है, और वेल्लीन, ल्यूसीन तथा लाइसिन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
3. जल में घुलनशील 'विटामिन C' (ऐस्कॉर्बिक अम्ल) का मुख्य कार्य कोलेजन संश्लेषण में सहायक होना है, और इसकी अत्यधिक कमी से 'बेरी-बेरी' नामक गंभीर विकार उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आवर्त सारणी के तत्वों के गुणों, आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) और इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective nuclear charge) बढ़ने के कारण प्रथम आयनन एन्थैल्पी के मान में सामान्यतः वृद्धि होती है, हालांकि बेरिलियम ($Be$) और बोरॉन ($B$) तथा नाइट्रोजन ($N$) और ऑक्सीजन ($O$) के बीच इस सामान्य प्रवृत्ति में अपवाद देखे जाते हैं।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और किसी भी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर ऊर्जा का हमेशा उत्सर्जन ही होता है, चाहे परमाणु का आकार कुछ भी हो।
3. हैलोजन समूह में फ्लोरीन ($F$) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान अपने ही समूह के अगले तत्व क्लोरीन ($C l$) की तुलना में अधिक होता है, जिसका मुख्य कारण फ्लोरीन के छोटे आकार के कारण होने वाला अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक (Interelectronic repulsion) बल है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) पहले ऐसे स्थलीय पौधे हैं जिनमें वास्तविक संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) पाए जाते हैं, और इनका मुख्य पादप शरीर बीजाणुकोद्भिद (Sporophyte) होता है जो स्पष्ट रूप से जड़, तने और पत्तियों में विभेदित रहता है।
2. C-4 चक्र में प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड का प्राथमिक स्थिरीकरण मेसोफिल कोशिकाओं में फॉस्फोएनोलपाइरुवेट (PEP) द्वारा होता है, जबकि केल्विन चक्र (C-3 चक्र) की क्रिया मुख्य रूप से बंडल शीथ (Bundle sheath) कोशिकाओं की हरितक में संपन्न होती है।
3. 'जिबरेलिन' (Gibberellin) पादप हॉर्मोन आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में तने की तीव्र लंबाई में वृद्धि (इंटरनोड दीर्घाकरण) को प्रेरित करता है, जबकि 'साइटोकाइनिन' मुख्य रूप से कोशिका विभाजन को रोकता है और पत्तियों में जीर्णता (Senescence) को त्वरित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनबर्ग सिद्धांत (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक संगामी आबादी (Random mating population) में एलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह या आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) जैसी विकासवादी शक्तियाँ कार्य न कर रही हों।
2. लैमार्कवाद (Lamarckism) का मूल आधार 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) है, जिसके अनुसार जीवों द्वारा अपने जीवनकाल में अर्जित किए गए शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी को वंशागत होते हैं, जिसे वीज़मैन (Weismann) के 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Continuity of Germplasm) द्वारा पूरी तरह से सही ठहराया गया था।
3. 'अनुकूली विकिरण' (Adaptive radiation) एक ही पूर्वज से विकसित होकर विभिन्न भौगोलिक या पारिस्थितिकीयniches में नए स्पीशीज़ के उद्भव की प्रक्रिया है, जिसका उत्कृष्ट उदाहरण डार्विन फिंच (Darwin's finches) हैं जो गैलापागोस द्वीप समूह में पाई जाती हैं।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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