BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
9 views

मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. छोटी आंत के अग्रभाग (ड्यूडेनम) में अग्नाशयी रस द्वारा स्रावित 'ट्रिप्सिनोजेन' एंजाइम आंत की श्लेष्मला कला द्वारा स्रावित 'एंटेरोकाइनेज' एंजाइम की उपस्थिति में सक्रिय ट्रिप्सिन में बदलता है, जो प्रोटीन को डाइपेप्टाइड और अमीनो अम्ल में तोड़ता है।
  2. 2. फुफ्फुस वेंटिलेशन (Pulmonary ventilation) के दौरान, बाह्य अंतःपर्शुक पेशियों (External intercostal muscles) और मध्यपट (Diaphragm) के संकुचन से छाती की गुहा का आयतन बढ़ जाता है, जिससे फेफड़ों के भीतर का अंतःफुफ्फुसीय दाब वायुमंडलीय दाब से कम हो जाता है और वायु अंदर प्रवेश करती है।
  3. 3. हृदय के चक्र के दौरान, 'आर्टरीओवेंट्रिकुलर वाल्व' (जैसे त्रिवलनी और द्विवलनी वाल्व) का बंद होना 'डब' (Dubb) ध्वनि उत्पन्न करता है, जबकि 'सेमीलुनर वाल्व' (महाधमनी और फुफ्फुसीय कपाट) का बंद होना 'लब' (Lubb) ध्वनि उत्पन्न करता है।
  4. 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में, 'मस्तिष्कराजी द्रव' (Cerebrospinal fluid) का मुख्य कार्य मस्तिष्क और मेरुरज्जु को यांत्रिक आघातों से बचाना तथा उन्हें पोषक तत्वों की आपूर्ति करना है, जिसका स्राव मुख्य रूप से वेंट्रिकल्स में स्थित 'कोरॉइड प्लेक्सस' द्वारा होता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि एंटेरोकाइनेज द्वारा सक्रिय ट्रिप्सिन प्रोटीन को पूर्ण रूप से अमीनो अम्ल में नहीं, बल्कि मुख्य रूप से पेप्टाइड्स और डाइपेप्टाइड्स में तोड़ता है, जिन्हें बाद में इरेप्सिन द्वारा अमीनो अम्ल में बदला जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'लब' (Lubb) ध्वनि ए-वी वाल्वों (त्रिवलनी और द्विवलनी) के बंद होने से उत्पन्न होती है, जबकि 'डब' (Dubb) ध्वनि सेमीलुनर वाल्वों के बंद होने से होती है। कथन 2 और 4 पूरी तरह सही हैं; श्वसन के समय डायाफ्राम के संकुचन से नकारात्मक दबाव बनता है जिससे हवा फेफड़ों में आती है, और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मस्तिष्कराजी द्रव (CSF) कोरॉइड प्लेक्सस द्वारा स्रावित होता है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की रक्षा करता है।
Share:

Related Questions

संक्रमण धातुओं (Transition Metals) और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संक्रमण धातुएं और उनके कई यौगिक उत्कृष्ट उत्प्रेरक गुण प्रदर्शित करते हैं, जिसका मुख्य कारण उनका परिवर्तित ऑक्सीकरण अवस्थाएं दर्शाना और अभिकारकों को अपनी सतह पर अधिशोषित करने के लिए मुक्त संयोजकताएँ प्रदान करना है। 2. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 5d श्रेणी के संक्रमण तत्वों (जैसे Hafnium) की परमाणु त्रिज्या और रासायनिक गुण लगभग 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे Zirconium) के समान हो जाते हैं, जिससे उन्हें प्रकृति में एक साथ खनिजों से अलग करना अत्यंत कठिन होता है। 3. जिंक (Zn), कैडमियम (Cd) और मर्करी (Hg) को औपचारिक रूप से d-ब्लॉक के अंतर्गत रखा गया है, परंतु उनके परमाणु या आयनों में d-कक्षक पूर्ण रूप से भरे होने के कारण वे संक्रमण धातुओं के सभी विशिष्ट गुणों, जैसे उत्प्रेरक सक्रियता और रंगीन आयन बनाना, को पूर्णतः प्रदर्शित नहीं करते हैं। 4. जब संक्रमण धातुओं को प्रबल ऑक्सीकारकों के साथ उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है, तो वे हमेशा अपनी न्यूनतम ऑक्सीकरण अवस्था वाले आयनिक यौगिक बनाते हैं क्योंकि उच्च ऑक्सीकरण अवस्थाएं केवल जलीय माध्यम में ही स्थिर रह सकती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों और संचरण के तरीकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'प्लेग' (Plague) एक तीव्र जीवाणुजनित संक्रामक रोग है जो *येरिनिया पेस्टिस* (Yersinia pestis) नामक जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से चूहों पर पाए जाने वाले पिस्सू (*Xenopsylla cheopis*) के काटने से मनुष्यों में फैलता है। 2. 'एड्स' (AIDS) एक विषाणुजनित सिंड्रोम है जो रेट्रोवायरस (HIV) के संक्रमण से होता है, और यह शरीर की 'सहायक टी-लिम्फोसाइट्स' (CD4+ T cells) को नष्ट करके प्रतिरक्षा तंत्र को गंभीर रूप से क्षीण कर देता है। 3. 'मलेरिया' प्लाज्मोडियम प्रजाति के प्रोटोजोआ परजीवी द्वारा होता है, जिसके जीवन चक्र को पूरा करने के लिए प्राथमिक पोषक (Definitive host) मादा एनाफिलिस मच्छर है, जबकि मनुष्य इसके लिए अंतर्वर्ती पोषक (Intermediate host) के रूप में कार्य करता है। 4. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy), जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक विषाणुजनित रोग है जो तंत्रिका तंत्र और त्वचा को प्रभावित करता है और वायु के माध्यम से अत्यधिक संक्रामक रूप से फैलता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? पदार्थ के सामान्य गुणों, विशेषकर पृष्ठ तनाव (Surface Tension), श्यानता (Viscosity) और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव मुख्य रूप से उसके अणुओं के बीच लगने वाले ससंजक बलों (Cohesive forces) के कारण होता है, और तापमान बढ़ने पर अधिकांश द्रवों का पृष्ठ तनाव घट जाता है, जबकि साबुन या डिटर्जेंट जैसे पृष्ठसक्रिय एजेंट मिलाने पर जल का पृष्ठ तनाव बढ़ जाता है। 2. श्यानता द्रवों और गैसों का वह आंतरिक गुण है जो उनकी विभिन्न परतों के बीच होने वाली आपेक्षिक गति का विरोध करता है; उच्च ताप पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, जबकि गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि होने पर बढ़ती है। 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी द्रव में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर आभासी कमी का अनुभव करती है, और उत्प्लावन बल विस्थापित द्रव के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है। 4. केशिकत्व (Capillarity) की परिघटना का कारण ससंजक और आसंजक बल दोनों हैं; जब कांच की एक केशिका नली को जल में डुबोया जाता है, तो जल ऊपर चढ़ता है क्योंकि कांच और जल के बीच का आसंजक बल, जल के अणुओं के अपने संसंजक बल से अधिक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सूर्योदय से पहले सूर्य का दिखना? मानव शरीर में 'एरिथropoiesis' (Erythropoiesis - लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया) के नियमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रक्त में ऑक्सीजन की कमी (Hypoxia) होने पर मुख्य रूप से यकृत (Liver) की कुप्फर कोशिकाएं 'एरिथ्रोपायोटेन' (Erythropoietin) नामक हार्मोन का स्राव करती हैं जो अस्थि मज्जा को प्रेरित करता है। 2. एरिथ्रोपायोटेन हार्मोन अस्थि मज्जा (Bone marrow) में हीमैटोपोएटिक स्टेम सेल से लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) के विभेदन और परिपक्वता को तेज करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.