त्वरित लिंक्स
General Science
8 views
मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगकारकों (Pathogens) और उनके संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'ट्रैकोमा' (Trachoma) एक क्रोनिक संक्रामक नेत्र रोग है जो 'क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस' (Chlamydia trachomatis) नामक जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से कॉर्निया तथा कंजंक्टिवा को प्रभावित करके अंधेपन का कारण बन सकता है।
- 2. 'एन्सेफलाइटिस' (Japanese Encephalitis) एक विषाणु जनित तीव्र मस्तिष्क संक्रमण है, जिसका मुख्य प्राकृतिक संवाहक 'क्यूलेक्स' (Culex) प्रजाति का मच्छर है और यह मुख्य रूप से सुअर तथा जलपक्षियों के माध्यम से चक्रित होता है।
- 3. 'सिफलिस' (Syphilis) एक जीवाणु जनित यौन संचारित रोग है जो 'ट्रेपोनेमा पैलिडम' (Treponema pallidum) नामक स्पिरोकीट बैक्टीरिया के कारण होता है, और यह प्राथमिक अवस्था में जननांगों पर एक दर्द रहित अल्सर (Chanker) का निर्माण करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। ट्रैकोमा क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस जीवाणु द्वारा होने वाला एक प्रमुख नेत्र रोग है; जापानी एन्सेफलाइटिस एक वायरल मस्तिष्क संक्रमण है जिसका संवाहक क्यूलेक्स मच्छर है और इसके प्रमुख रिजर्वायर सुअर और पक्षी हैं; तथा सिफलिस ट्रेपोनेमा पैलिडम नामक जीवाणु से होने वाला यौन संचारित रोग है जो प्रारंभिक चरण में चांकर (Chancres) उत्पन्न करता है। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
→
पृथ्वी का जुड़वां?
→
विद्युत धारा, प्रतिरोध और सर्किट (Electricity) की संकल्पनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है और तापमान में वृद्धि होने पर धात्विक चालकों का प्रतिरोध घट जाता है क्योंकि मुक्त इलेक्ट्रॉनों का विश्राम काल (Relaxation time) बढ़ जाता है।
2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (धारा नियम या KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से अधिक होता है, और परिपथ में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान प्रत्येक प्रतिरोधक पर भिन्न-भिन्न होता है।
4. एक आदर्श वोल्टमीटर का आंतरिक प्रतिरोध अनंत होना चाहिए ताकि वह जिस उपकरण के समांतर क्रम में जोड़ा जाए, उससे कोई विद्युत धारा न खींचे और विभवांतर का यथार्थ मापन कर सके, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
हीरा क्या है?
→
नाभिकीय भौतिकी और रेडियोएक्टिवता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी रेडियोएक्टिव तत्व की अर्ध-आयु (Half-life) उस समयाराश के बराबर होती है जिसमें परमाणु नाभिकों की प्रारंभिक संख्या घटकर अपनी मूल संख्या की आधी रह जाती है, और यह अर्ध-आयु काल उस तत्व के रेडियोएक्टिव क्षय नियतांक (Decay Constant) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
2. 'द्रव्यमान क्षति' (Mass Defect) किसी नाभिक के वास्तविक कुल द्रव्यमान और उसके व्यक्तिगत प्रोटॉनों व न्यूट्रॉनों के द्रव्यमानों के योग के बीच का अंतर है, और यही द्रव्यमान क्षति अल्बर्ट आइंस्टीन के संबंध $E=mc^2$ के अनुसार नाभिकीय बंधन ऊर्जा (Nuclear Binding Energy) में परिवर्तित होती है।
3. नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission) की प्रक्रिया में यूरेनियम-235 पर जब एक धीमा न्यूट्रॉन आघात करता है, तो यह अस्थिर यूरेनियम-236 बनाता है जो लगभग समान आकार के दो छोटे नाभिकों में टूट जाता है, तथा इस प्रक्रिया में प्रति विखंडन औसत रूप से 2 से 3 तीव्र न्यूट्रॉन उत्सर्जित होते हैं।
4. सूर्य और अन्य तारों में ऊर्जा का मुख्य स्रोत 'नाभिकीय संलयन' (Nuclear Fusion) है, जिसमें अत्यधिक उच्च तापमान और दाब पर चार हाइड्रोजन नाभिक मिलकर एक हीलियम नाभिक का निर्माण करते हैं, और इस संलयन प्रक्रिया के दौरान द्रव्यमान में होने वाली मामूली क्षति ऊर्जा के रूप में मुक्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
पवन?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.