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General Science
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मानव पोषण और जैव अणुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो यकृत और अन्य ऊतकों में कई वर्षों तक संग्रहीत रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की parietal कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'नैज कारक' (Intrinsic factor) का होना अनिवार्य है।
  2. 2. 'आवश्यक अमीनो अम्ल' (Essential amino acids) वे होते हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाता है, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से लेना आवश्यक होता है; उदाहरण के लिए, वैलीन, ल्यूसीन और टायरोसिन आवश्यक अमीनो अम्ल की श्रेणी में आते हैं।
  3. 3. कार्बोहाइड्रेट चयापचय में, ग्लाइकोजेनेसिस (Glycogenesis) वह प्रक्रिया है जिसमें ग्लूकोज के अणु ग्लाइकोजन में परिवर्तित होकर यकृत और कंकाल पेशियों में संचित होते हैं, जबकि ग्लूकोनियोजेनेसिस (Gluconeogenesis) गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों (जैसे अमीनो अम्ल और ग्लिसरोल) से ग्लूकोज का निर्माण है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) जल-विलेय होने के बावजूद यकृत में लंबी अवधि (कई वर्षों) तक संग्रहीत हो सकता है और इसके अवशोषण हेतु आमाशय द्वारा 'इंट्रिंसिक फैक्टर' का स्रावण आवश्यक होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि टायरोसिन एक 'अना-आवश्यक' (Non-essential) अमीनो अम्ल है जिसे शरीर फेनिलएलानिन से संश्लेषित कर सकता है (वैलीन और ल्यूसीन आवश्यक हैं)। कथन 3 सही है क्योंकि ग्लाइकोजेनेसिस ग्लूकोज से ग्लाइकोजन का निर्माण है और ग्लूकोनियोजेनेसिस गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों से ग्लूकोज संश्लेषण की प्रक्रिया है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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