History of India
Asked 2 months ago · Viewed 19 times
माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) और उसके प्रावधानों के क्रियान्वयन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. माउंटबेटन योजना के अंतर्गत ब्रिटिश भारत के विभाजन को मूर्त रूप देने के लिए बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की अलग-अलग बैठकें बुलाई गईं, जिनमें दोनों प्रांतों के हिंदू बहुल और मुस्लिम बहुल जिलों के सदस्यों ने अपने-अपने प्रांतों के विभाजन के पक्ष में मतदान किया था।
- 2. उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसी एक को शामिल करने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराया गया, जिसमें खान अब्दुल गफ्फार खान और उनके 'खुदाई खिदमतगार' संगठन ने पाकिस्तान के पक्ष में मतदान का पुरजोर समर्थन किया था।
- 3. रियासतों (Princely States) के भविष्य के संबंध में माउंटबेटन योजना में स्पष्ट किया गया कि वे भौगोलिक स्थिति और जनता की इच्छा के आधार पर भारत या पाकिस्तान में से किसी एक डोमिनियन में शामिल हो सकती हैं अथवा अपनी संप्रभुता बनाए रखते हुए स्वतंत्र रह सकती हैं।
- 4. पंजाब और बंगाल की सीमाओं के निर्धारण और सीमांकन के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो अलग-अलग 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) गठित किए गए, जिन्होंने 15 अगस्त 1947 से पूर्व ही अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) के अनुसार बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठक बुलाई गई जहाँ सदस्यों ने प्रांत के विभाजन के पक्ष में मतदान किया, अतः कथन 1 सही है। उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) में हुए जनमत संग्रह का खान अब्दुल गफ्फार खान और उनके 'खुदाई खिदमतगार' संगठन ने बहिष्कार किया था न कि पाकिस्तान के पक्ष में समर्थन, अतः कथन 2 गलत है। रियासतों को भारत या पाकिस्तान में शामिल होने या स्वतंत्र रहने का विकल्प दिया गया था, अतः कथन 3 सही है। रेडक्लिफ आयोग की सीमा रेखा की रिपोर्ट 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिलने के ठीक बाद (17 अगस्त 1947 को) सार्वजनिक की गई थी, न कि उससे पूर्व, अतः कथन 4 गलत है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
अगला प्रश्न →
सत्रहवीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशासनिक…
← पिछला प्रश्न
दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक, सैन्य एवं आर्थिक सुधारों के…
Related Questions
→
1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन से संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन
2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल और जेम्स आउट्राम
3. कानपुर - मेजर जनरल हैवलॉक
4. झांसी और ग्वालियर - सर ह्यूरोज
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व, सैन्य अभियानों तथा ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध उनके संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 25 जुलाई 1857 को दानापुर छावनी के सैनिकों के विद्रोह के पश्चात बाबू कुंवर सिंह ने उनका नेतृत्व स्वीकार किया और आरा पर आक्रमण कर ब्रिटिश सेना को पराजित किया, किंतु मेजर विन्सेंट आयर के विरुद्ध बिहिया के जंगलों में हुए निर्णायक संघर्ष में कुंवर सिंह को भारी क्षति उठानी पड़ी और उनका महल व जगदीशपुर का अधिकांश हिस्सा नष्ट कर दिया गया था।
2. जगदीशपुर से निकलने के पश्चात कुंवर सिंह ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे आजमगढ़, बलिया और कानपुर) में नाना साहब और तात्या टोपे की सेनाओं के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध सैन्य अभियानों का कुशल समन्वय किया तथा गंगा नदी पार करते समय अपने हाथ में गोली लगने पर स्वयं तलवार से अपना हाथ काटकर गंगा में अर्पित कर दिया था।
3. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष की कमान संभाली और कैमूर की पहाड़ियों (रोहतास और शाहबाद क्षेत्र) को अपना मुख्य केंद्र बनाते हुए ब्रिटिश सेनाओं के खिलाफ एक प्रभावी 'छापामार युद्ध' (Guerrilla Warfare) प्रणाली का सफलतापूर्वक संचालन किया था।
4. अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों से अंग्रेजी प्रशासन के विरुद्ध समानांतर सरकार चलाई और ब्रिटिश अधिकारियों (जैसे आउट्राम और डगलस) को भारी रणनीतिक चुनौती दी, किंतु अंततः नेपाल के राजा के विश्वासघात और ब्रिटिश घेराबंदी के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और कलकत्ता में सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, पल्लव राजवंश और चालुक्य राजवंश के प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं सैन्य संघर्षों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पल्लव नरेश नरसिंहवर्मन प्रथम ने चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय को 'मणिमंगलम् के युद्ध' में निर्णायक रूप से पराजित किया था और वातापी पर अधिकार करने के उपरांत 'वातापीकोंड' की उपाधि धारण की थी।
2. बादामी के चालुक्य वंश के प्रसिद्ध शासक पुलकेशिन द्वितीय के 'ऐहोल अभिलेख' की रचना उसके दरबारी कवि रवि कीर्ति ने की थी, जिसमें कालिदास और भारवि की कीर्ति का उल्लेख मिलता है तथा नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन पर उसकी विजय का वर्णन है।
3. पल्लव शासक महेंद्रवर्मन प्रथम ने अपने शासन के प्रारंभिक काल में जैन धर्म का अनुयायी होने के कारण बौद्ध धर्म का घोर उत्पीड़न किया था, किंतु शैव संत अप्पर के प्रभाव में आकर उसने शैव धर्म अपना लिया और त्रिचिरापल्ली तथा महाबलीपुरम में भव्य रॉक-कट मंदिरों का निर्माण करवाया।
4. महाबलीपुरम के प्रसिद्ध 'रथ मंदिरों' (सप्त पगोडा) का निर्माण पल्लव राजा नरसिंहवर्मन द्वितीय (राजसिंह) के शासनकाल में करवाया गया था, जो महाबलीपुरम के समुद्रतट मंदिर (Shore Temple) के समकालीन हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में 'भूमि छिद्र न्याय' (Bhumichhidra Nyaya) की अवधारणा के अंतर्गत बंजर या बेकार पड़ी भूमि को कृषि योग्य बनाने वाले व्यक्ति को उस भूमि पर पूर्ण स्वामित्व का अधिकार मिल जाता था, जिस पर राज्य द्वारा कोई कर नहीं वसूला जाता था।
2. सातवाहन काल में प्रचलित 'अग्रहार' व्यवस्था के तहत ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि या गाँवों के दान की शुरुआत हुई, जिससे सामंती प्रवृत्तियों और प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा मिला।
3. गुप्त सम्राट कुमारगुप्त प्रथम के शासनकाल में नालंदा महाविहार की स्थापना की गई थी, जिसे बाद में बौद्ध शिक्षा के एक महान केंद्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हुई।
4. सुदर्शन झील का जीर्णोद्धार मौर्य काल से लेकर गुप्त काल तक कई शासकों द्वारा कराया गया, और गुप्त शासक स्कन्दगुप्त के जूनागढ़ अभिलेख के अनुसार उसके गवर्नर पर्णदत्त ने इस झील के टूटे हुए बाँध की मरम्मत करवाई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं?
→
महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.