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History of India
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व तथा ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध उनके संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दानापुर छावनी के विद्रोही सिपाहियों के आरा पहुँचने से पूर्व ही बाबू कुंवर सिंह ने शाहबाद क्षेत्र के स्थानीय नेतृत्व को संगठित कर लिया था, और आरा पर अधिकार करने के बाद उन्होंने अपनी एक स्वतंत्र सरकार की स्थापना की थी जिसके मुख्य सेनापति उनके छोटे भाई अमर सिंह बने थे।
- 2. ब्रिटिश जनरल ली ग्रैंड के विरुद्ध बीबीगंज के निकट हुए निर्णायक संघर्ष में बाबू कुंवर सिंह ने अपनी अद्भुत सैन्य क्षमता और छापामार युद्ध शैली का परिचय देते हुए ब्रिटिश सेना को बुरी तरह पराजित कर दिया था।
- 3. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु के उपरांत उनके भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय कैमूर की पहाड़ियों से सशस्त्र प्रतिरोध जारी रखा और अंग्रेजों के विरुद्ध एक लंबी छापामार युद्ध नीति का सफल संचालन किया।
- 4. अमर सिंह द्वारा कैमूर के जंगलों से चलाए जा रहे समानांतर प्रशासन और जन-सहयोग को पूरी तरह समाप्त करने में असफल रहने के बाद, ब्रिटिश सरकार ने अंततः बिहार से अपनी सैन्य टुकड़ियाँ वापस बुला ली थीं और अमर सिंह को जगदीशपुर का स्थायी गवर्नर स्वीकार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध अत्यंत वीरतापूर्ण संघर्ष किया। दानापुर के विद्रोही सिपाहियों के पहुँचने पर कुंवर सिंह ने उनका नेतृत्व संभाला और आरा पर अधिकार किया। जनरल ली ग्रैंड के विरुद्ध बीबीगंज की लड़ाई में कुंवर सिंह ने अंग्रेजों को पराजित किया था। उनकी मृत्यु के बाद अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों से छापामार युद्ध जारी रखा, किंतु अंग्रेजों ने अंततः इस विद्रोह का दमन कर दिया था। इस संघर्ष के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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1719 ई. में मुगलों और मराठों के बीच हुई किस संधि को रिचर्ड टेम्पल ने "मराठों का मैग्नाकार्टा" कहा है?
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19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में भारतीय समाज-सुधार आंदोलनों और उनके प्रणेताओं के वैचारिक दृष्टिकोण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वामी विवेकानंद ने 1897 में 'रामकृष्ण मिशन' की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक मुक्ति प्राप्त करना था और इसने भौतिक उन्नति या सामाजिक कल्याण के कार्यों को पूर्णतः त्याग दिया था।
2. ज्योतिराव फुले द्वारा स्थापित 'सत्यशोधक समाज' ने ब्राह्मणवादी वर्चस्व, पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों और पुरोहिती व्यवस्था का विरोध करते हुए शूद्रों तथा अति-शूद्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
3. गोपाल गणेश आगरकर ने 'सुधारक' नामक समाचार पत्र के माध्यम से अंधविश्वास, बाल विवाह और सामाजिक रूढ़ियों की कड़ी आलोचना की तथा सामाजिक सुधार को राजनीतिक स्वतंत्रता से अधिक प्राथमिकता दी।
4. एनी बेसेंट ने थियोसोफिकल सोसायटी के माध्यम से प्राचीन हिंदू धर्म और उसकी दार्शनिक परंपराओं का समर्थन करते हुए भारतीय पुनरुत्थान में योगदान दिया, किंतु उन्होंने जाति व्यवस्था और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं का पुरजोर समर्थन किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गदर पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में स्थापित 'गदर पार्टी' का मूल उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य को उखाड़ फेंकने के लिए सशस्त्र क्रांति का आयोजन करना था और इसका साप्ताहिक पत्र 'गदर' प्रारंभिक रूप से गुरुमुखी लिपि में प्रकाशित किया जाता था।
2. 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में की गई थी, जिसमें समाजवाद को संगठन का आधिकारिक लक्ष्य बनाया गया था।
3. वर्ष 1929 की सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली बम कांड घटना में भगत सिंह के साथ बटुकेश्वर दत्त ने भाग लिया था, जिसका उद्देश्य किसी को हताहत करना नहीं बल्कि 'बहरों को सुनाना' और जनसाधारण का ध्यान ब्रिटिश दमनकारी नीतियों की ओर आकर्षित करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1905 के 'बंगाल विभाजन एवं स्वदेशी आंदोलन' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय की औपचारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, और इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया था।
2. विभाजन के विरोधस्वरूप 16 अक्टूबर 1905 को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, नंगे पाँव जुलूस निकाले और बंगाली कवि रवींद्रनाथ ठाकुर के आह्वान पर एक-दूसरे की कलाई पर 'राखी' बांधकर बंगाल की अटूट एकता का प्रदर्शन किया।
3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के साथ-साथ शिक्षा के राष्ट्रीयकरण पर भी विशेष बल दिया गया, जिसके तहत अक्टूबर 1905 में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना की गई थी।
4. इस आंदोलन के दौरान मुस्लिम समुदाय की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलकत्ता के युवा मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने बंगाल विभाजन का समर्थन करते हुए स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन का पुरजोर विरोध किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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फिरोज शाह तुगलक ने अपने भाई जूना खाँ की याद में किस शहर की स्थापना की थी?
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