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History of India
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वर्ष 1857 के महान स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार के जगदीशपुर में वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व एवं रणनीतिक संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वीर कुंवर सिंह ने 80 वर्ष की वृद्धावस्था में जगदीशपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभाला और दानापुर से आरा पहुँची विद्रोही सैनिकों की टुकड़ी का स्वागत करते हुए ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशक्त मोर्चाबन्दी की।
- 2. ब्रिटिश जनरल ली ग्रांड की सेना के साथ आरा के निकट हुए निर्णायक संघर्ष में वीर कुंवर सिंह ने अद्भुत सैन्य कौशल का परिचय देते हुए ब्रिटिश सेना को बुरी तरह पराजित किया, हालाँकि इसी संघर्ष के कुछ दिनों पश्चात अत्यधिक रक्तस्राव और संक्रमण के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
- 3. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के उपरांत उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष को जारी रखा और कैमूर की पहाड़ियों से ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ एक प्रभावी और संगठित 'छापामार युद्ध' (Guerrilla Warfare) का संचालन किया।
- 4. अमर सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस समानांतर प्रशासन और प्रतिरोध को कुचलने के लिए ब्रिटिश अधिकारी विलियम टेलर और विंसेंट आयर को विशेष रूप से भेजा गया था, जिन्होंने तुरंत ही कैमूर के जंगलों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया और अमर सिंह को जीवित पकड़कर फाँसी पर लटका दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वर्ष 1857 के महान विद्रोह में बिहार के जगदीशपुर के जमींदार वीर कुंवर सिंह ने अद्वितीय नेतृत्व प्रदान किया। 80 वर्ष की उम्र में भी उनके अदम्य साहस और युद्ध कौशल ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे। अप्रैल 1858 में जनरल ली ग्रांड की सेना को उन्होंने करारी शिकस्त दी, लेकिन इसी दौरान गंभीर रूप से घायल होने के कारण 26 अप्रैल 1858 को उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु के पश्चात उनके भाई अमर सिंह ने कमान संभाली और कैमूर की पहाड़ियों से अंग्रेजों के खिलाफ छापामार युद्ध जारी रखा तथा एक समानांतर सरकार चलाई। अमर सिंह को युद्ध के दौरान आसानी से नहीं पकड़ा जा सका था, और बाद में नेपाल की तराई की ओर बढ़ते हुए उनकी मृत्यु हुई थी, इसलिए कथन 4 गलत है। इस ऐतिहासिक संघर्ष के बारे में अधिक जानने के लिए देखें विकिपीडिया संदर्भ।
Related Questions
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक चरण और 'नरम दल-गरम दल' के वैचारिक संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कांग्रेस के नरमपंथी नेताओं (जैसे दादाभाई नौरोजी और फिरोजशाह मेहता) की राजनीतिक पद्धति 'प्रार्थना, याचिका और विरोध' (Prayer, Petition and Protest) पर आधारित थी, तथा उनका मुख्य विश्वास ब्रिटिश न्यायप्रियता में था।
2. वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन और 1906 के कलकत्ता अधिवेशन के बीच बढ़ते तनाव के दौरान, गरम दल के नेता बंगाल से बाहर भी स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन का विस्तार करना चाहते थे, जबकि नरमपंथी इस आंदोलन को केवल बंगाल तक ही सीमित रखना चाहते थे।
3. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के विभाजन के उपरांत ब्रिटिश सरकार ने 'दमन और फुसलाiment' (Repression and Conciliation) की नीति अपनाई, जिसके तहत वर्ष 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम (मॉर्ले-मिंटो सुधार) के माध्यम से नरमपंथियों को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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अनाज की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अलाउद्दीन ने किन व्यापारियों को दिल्ली में बसने के लिए मजबूर किया था?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नरम दल (Moderate) और गरम दल (Extremist) के वैचारिक संघर्ष तथा सूरत विभाजन (1907) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, कांग्रेस के भीतर स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को केवल बंगाल तक सीमित रखने या पूरे देश में फैलाने को लेकर गंभीर वैचारिक मतभेद उभरकर सामने आए थे।
2. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस के भीतर आसन्न विभाजन टल गया था, क्योंकि उनके अध्यक्षीय भाषण में पहली बार 'स्वराज' (Self-Government) शब्द का औपचारिक रूप से प्रस्ताव पारित कर उल्लेख किया गया था तथा नरमपंथियों और गरमपंथियों के मध्य समन्वय स्थापित किया गया था।
3. सूरत अधिवेशन (1907) में कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर तीखा गतिरोध उत्पन्न हुआ, जहाँ नरमपंथियों ने रास बिहारी घोष की उम्मीदवारी का समर्थन किया, जबकि गरमपंथियों की मांग लाला लाजपत राय को अध्यक्ष बनाने की थी।
4. सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के विभाजन के पश्चात ब्रिटिश सरकार ने दमनकारी रुख अपनाते हुए गरमपंथी नेताओं का दमन किया, जिसके तहत बाल गंगाधर तिलक को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर छह वर्ष के लिए मांडले (बर्मा) जेल भेज दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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