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History of India
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक दौर के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत में पुर्तगालियों द्वारा स्थापित 'इस्ताद दा इंडिया' (Estado da India) के तहत हिंद महासागर में व्यापारिक जहाजों से 'कार्टाज' (Cartaz) नामक कर वसूला जाता था, तथा अफ़सोस की नीति के अंतर्गत वर्ष 1510 में अल्बुकर्क ने बीजापुर के सुल्तान यूसुफ आदिल शाह से गोवा को छीनकर पुर्तगाली साम्राज्य का मुख्य प्रशासनिक केंद्र बनाया था।
- 2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए शाही चार्टर (राजपत्र) के माध्यम से अनिश्चित काल के लिए पूर्व के साथ व्यापार करने का एकाधिकार प्रदान किया गया था, जिसे बाद में जेम्स प्रथम के शासनकाल में सीमित कर दिया गया था।
- 3. बंगाल के नवाब सिराजुद्दोला और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच हुए संघर्ष के दौरान, वर्ष 1757 के प्लासी के युद्ध में रॉबर्ट क्लाइव ने मीर जाफर के साथ गुप्त संधि कर नवाब को पराजित किया, किंतु इस युद्ध के तत्काल पश्चात बंगाल का औपचारिक नवाब मीर जाफर को बनाया गया जिसे अंग्रेजों ने 'कठपुतली नवाब' के रूप में इस्तेमाल किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि पुर्तगाली गवर्नर अल्बुकर्क ने 1510 ई. में बीजापुर के सुल्तान से गोवा को जीतकर पुर्तगाली शक्ति का वास्तविक संस्थापक होने का प्रमाण दिया और हिंद महासागर में 'कार्टाज-अर्मडा काफिला प्रणाली' के तहत व्यापारिक जहाजों से कर वसूला। कथन 2 गलत है क्योंकि वर्ष 1600 में एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए चार्टर में एकाधिकार केवल 15 वर्षों के लिए था, जिसे बाद में 1609 में जेम्स प्रथम ने अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया था। कथन 3 सही है; प्लासी के युद्ध (1757) में मीर जाफर की गद्दारी के कारण सिराजुद्दोला की पराजय हुई और अंग्रेजों ने मीर जाफर को बंगाल का नवाब बनाकर अपनी राजनीतिक नींव मजबूत की। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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दिसंबर 1802 ई. में बाजीराव द्वितीय और अंग्रेजों के बीच कौन सी अपमानजनक संधि हुई थी?
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माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के प्रावधानों तथा उनके क्रियान्वयन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना के तहत बंगाल और पंजाब की विधानसभाओं में हुए मतदान के परिणामस्वरूप इन दोनों प्रांतों का धार्मिक आधार पर विभाजन तय किया गया, तथा सिलहट जिले में हुए जनमत संग्रह (Referendum) में वहां के लोगों ने पूर्वी बंगाल (पाकिस्तान) में शामिल होने का निर्णय लिया।
2. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के द्वारा ब्रिटिश संसद ने भारत में ब्रिटिश राज की समाप्ति की घोषणा की और 15 अगस्त 1947 से भारत तथा पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र प्रभुत्वसंपन्न (Dominions) राष्ट्रों के सृजन का वैधानिक प्रावधान किया।
3. इस अधिनियम के तहत दोनों नए डोमिनियन राज्यों के लिए संविधान सभाओं को उनके respective संविधान के निर्माण तक पूर्ण विधायी संप्रभुता प्रदान की गई, तथा ब्रिटिश क्राउन की भारत सचिव की संस्था को समाप्त कर दिया गया।
4. पंजाब और बंगाल की सीमाओं के निर्धारण के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा सर रेडक्लिफ की अध्यक्षता में गठित सीमा आयोग (Boundary Commission) ने 15 अगस्त 1947 से ठीक पहले अपनी सीमा रेखाओं की रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी थी, जिससे विभाजन के समय होने वाली हिंसा पूरी तरह नियंत्रित हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण में यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर 'तीनकठिया' प्रणाली थोपी गई थी, जिसके तहत किसानों को अपनी भूमि के प्रत्येक बीघे के तीन-बीसवें हिस्से (3/20 भाग) पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी पड़ती थी।
2. चंपारण सत्याग्रह के दौरान ही महात्मा गांधी ने पहली बार भारत में 'भूख हड़ताल' (Hunger Strike) का अस्त्र के रूप में प्रयोग किया था, जबकि अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918) उनका पहला सविनय अवज्ञा प्रयोग था।
3. खेड़ा सत्याग्रह के दौरान फसलें नष्ट हो जाने के बाद भी जब ब्रिटिश प्रशासन ने राजस्व वसूली माफ नहीं की, तो गांधीजी ने किसानों को लगान न चुकाने का आह्वान किया, और इसी आंदोलन के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल गांधीजी के मुख्य सहयोगियों के रूप में उभरे।
4. चंपारण जाँच समिति (Champaranya Agrarian Enquiry Committee) के एक सदस्य के रूप में महात्मा गांधी ने स्वयं बागान मालिकों द्वारा किसानों से अवैध रूप से वसूले गए धन का 50 प्रतिशत हिस्सा वापस दिलाने का सफल समझौता कराया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्य साम्राज्य की केंद्रीय और प्रांतीय प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में राज्य के सात अंगों (सप्तांग सिद्धांत) का वर्णन है, जिसमें 'स्वामी' (राजा) को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और केंद्रीय सचिवालय के प्रशासनिक अधिकारियों को 'तीर्थ' या 'महामात्र' कहा जाता था जिनकी कुल संख्या अठारह थी।
2. अशोक के शासनकाल में प्रांतीय प्रशासन की इकाइयों को 'चक्र' कहा जाता था, जो प्रायः राजकुमारों (कुमार या आर्यपुत्र) के अधीन होते थे, जबकि सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई 'ग्राम' थी जिसका मुखिया 'ग्रामिक' कहलाता था जो पूर्णतः शाही अधिकारियों के नियंत्रण से मुक्त और स्वतंत्र इकाई था।
3. मौर्य काल में व्यापार और वाणिज्य के नियमन के लिए राज्य द्वारा कड़े नियंत्रण रखे जाते थे, जिसके तहत माप-तौल के अध्यक्ष को 'पोतवाध्यक्ष' और वैश्य वर्ग से एकत्रित किए जाने वाले करों के अतिरिक्त बंदरगाहों एवं समुद्री व्यापार के नियंत्रण के लिए 'पतनध्यक्ष' नामक अधिकारी नियुक्त होता था।
4. अशोक के लघु शिलालेखों और स्तंभ लेखों में न्याय व्यवस्था का विस्तृत उल्लेख मिलता है, जिसके अनुसार साम्राज्य में 'धर्मस्थीय' (दीवानी) और 'कंटकशोधन' (फौजदारी) नामक दो प्रकार के न्यायालयों का प्रचलन था, और न्यायाधीशों को 'रज्जुक' कहा जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोहियों के वास्तविक सैन्य नेतृत्व और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के सैनिकों के दिल्ली पहुँचने के बाद मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर ने अनिच्छा से ही सही, किंतु विद्रोहियों का नेतृत्व स्वीकार कर लिया था और उन्हें 'शहिंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किया गया था।
2. दिल्ली में विद्रोहियों की प्रशासनिक और सैन्य गतिविधियों के संचालन के लिए एक 'कोर्ट ऑफ सोल्जर' (सैनिक न्यायालय) का गठन किया गया था, जिसमें निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाते थे और सम्राट की व्यक्तिगत इच्छाओं या आदेशों को इस सैन्य परिषद द्वारा अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता था।
3. दिल्ली की पुनः प्राप्ति के लिए अंग्रेजों द्वारा चलाए गए अंतिम और निर्णायक सैन्य अभियान का नेतृत्व जनरल जॉन निकलसन ने किया था, जिनके हताहत होने के बाद मेजर हडसन ने कश्मीरी गेट के पास से अभियान की कमान संभाली थी।
4. दिल्ली पर अंग्रेजों के अधिकार के पश्चात हुमायूं के मकबरे में छिपे हुए बहादुर शाह जफर को लेफ्टिनेंट हडसन द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था और उनके दोनों पुत्रों तथा पोते को सरेआम गोली से उड़ा दिया गया था, जिसके बाद जफर को रंगून (बर्मा) निर्वासित कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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