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History of India
Asked 2 months ago · Viewed 13 times

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व करने वाले नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उनके संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने कानपुर में 5 जून 1857 को विद्रोह का नेतृत्व संभाला और स्वयं को पेशवा घोषित करते हुए ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सत्ता को समाप्त कर दिया, जिसमें अजीमुल्ला खां उनके मुख्य सलाहकार और राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में कार्यरत थे।
  2. 2. तात्या टोपे ने कानपुर और ग्वालियर के मोर्चों पर ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध अत्यंत कुशल छापामार (गोरिल्ला) युद्ध का संचालन किया तथा ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल को पराजित कर कानपुर पर स्थायी रूप से अधिकार बनाए रखा था।
  3. 3. कानपुर में ब्रिटिश आत्मसमर्पण के उपरांत घटी 'बीबीघर नरसंहार' (Bibighar Massacre) की घटना के पश्चात ब्रिटिश सेनापति जनरल सर ह्यूरोज ने कानपुर की पुनः प्राप्ति के लिए भीषण सैन्य अभियान का नेतृत्व किया था और नाना साहब को गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व नाना साहब ने किया था। नाना साहब ने पेशवा बाजीराव द्वितीय की पेंशन बंद किए जाने और डलहौजी की नीतियों से नाराज होकर विद्रोह का झंडा उठाया। अजीमुल्ला खां उनके मुख्य सलाहकार और दूत थे, जिन्होंने लंदन तक कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी। तात्या टोपे ने उनके सेनापति के रूप में उत्कृष्ट सैन्य कौशल का परिचय दिया, किंतु कथन 2 गलत है क्योंकि तात्या टोपे कानपुर पर स्थायी अधिकार नहीं रख सके और अंततः अंग्रेजों ने मेजर जनरल हैवलॉक और कॉलिन कैंपबेल के नेतृत्व में कानपुर पर पुनः अधिकार कर लिया। कथन 3 भी गलत है क्योंकि नाना साहब अंग्रेजों के हाथ नहीं आए और वे नेपाल की पहाड़ियों की ओर निकल गए, जबकि सर ह्यूरोज ने झांसी और ग्वालियर में विद्रोह का दमन किया था, न कि कानपुर में। विकिपीडिया संदर्भ
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Related Questions

→ गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, भूमि अनुदान प्रणाली और प्रशासनिक शब्दावली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त काल में भूमि के वर्गीकरण और स्वामित्व के संबंध में 'क्षेत्र' (कृषि योग्य भूमि), 'वापस' (निवास योग्य भूमि), 'अप्राहत' (जंगल या बिना जोती गई भूमि), 'खिल' (चारागाह भूमि) और 'अपरहत' जैसे प्रादेशिक एवं राजकोषीय शब्दों का उल्लेख मिलता है, जिसमें भूमि पर राजा का व्यक्तिगत स्वामित्व सर्वोपरि माना जाता था और किसानों को भूमि बेचने का कोई अधिकार नहीं था। 2. इस काल में राजाओं और धार्मिक संस्थाओं द्वारा ब्राह्मणों तथा बौद्ध विहारों को दिए जाने वाले कर-मुक्त भूमि अनुदान (अग्रहार) की प्रथा में व्यापक वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप अधीनस्थ कृषक और कारीगर भी भूमि के साथ हस्तांतरित होने लगे, जिसे मध्यकालीन सामंतवाद के शुरुआती लक्षण के रूप में देखा जाता है। 3. गुप्त साम्राज्य की प्रांतीय प्रशासनिक इकाइयों (भुक्ति) के प्रमुख को 'उपरिक' कहा जाता था, जो सीधे सम्राट के प्रति उत्तरदायी होते थे, तथा जिला स्तर (विषय) के प्रशासन का संचालन 'विषयपति' द्वारा स्थानीय प्रशासनिक निकायों (अधिकरण) के सहयोग से किया जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → बंगाल विभाजन (1905) और इसके विरोध में प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की औपचारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, और इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित एक ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया था। 2. 16 अक्टूबर 1905 को जिस दिन बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, बन्दे मातरम गीत गाया और एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर एकता का प्रदर्शन किया। 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा की दिशा में उठाए गए कदमों के तहत बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम प्राचार्य के रूप में अरबिंदो घोष को नियुक्त किया गया था। 4. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के दौरान मुस्लिम समुदाय की व्यापक भागीदारी रही और पूर्वी बंगाल के नवाब सलीमुल्लाह खान ने इस आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते हुए ब्रिटिश सरकार की विभाजनकारी नीतियों का कड़ा विरोध किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न भारतीय क्षेत्रों में ब्रिटिश सत्ता को पुनः स्थापित करने और विद्रोह का दमन करने वाले प्रमुख ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दिल्ली — जॉन निकलसन 2. लखनऊ — सर कॉलिन कैंपबेल 3. झांसी और ग्वालियर — सर ह्यूरोज 4. बनारस और इलाहाबाद — मेजर जनरल हैवलॉक उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? → मौर्य साम्राज्य की केंद्रीय एवं प्रांतीय प्रशासनिक व्यवस्था तथा राजकोषीय तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' और अशोककालीन अभिलेखों के अनुसार, मौर्य प्रशासन में सर्वोच्च अधिकारियों या मंत्रियों को 'तीर्थ' कहा जाता था जिनकी कुल संख्या अठारह थी, और इनमें 'समाहर्ता' का मुख्य दायित्व साम्राज्य में करों का संग्रहण, आय-व्यय का विवरण तैयार करना तथा वार्षिक बजट बनाना था। 2. मेगस्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन छह उप-समितियों वाली तीस सदस्यों की नगर परिषद द्वारा संचालित होता था, जिसमें जन्म-मृत्यु पंजीकरण का कार्य रखने वाली समिति जनगणना जैसे कार्य भी करती थी। 3. अशोक के अभिलेखों में उल्लिखित 'रज्सुक' (Rajjukas) प्रांतीय शासन व्यवस्था के वे उच्च अधिकारी थे, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय देने और भूमि की पैमाइश करने के साथ-साथ व्यापक न्यायिक अधिकार भी प्राप्त थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं? → महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
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