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History of India
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन किए गए क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जॉन निकलसन — दिल्ली
  2. 2. कैंपबेल — लखनऊ
  3. 3. सर ह्यूरोज — झाँसी एवं ग्वालियर
  4. 4.

कर्नल जेम्स नील — बनारस एवं इलाहाबाद उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 के महान विद्रोह को कुचलने के लिए ब्रिटिश सरकार ने अपने सबसे अनुभवी सैन्य अधिकारियों को नियुक्त किया था। जॉन निकलसन ने दिल्ली पर पुनः अधिकार करने में मुख्य भूमिका निभाई थी (जहाँ वे लड़ते हुए मारे गए), कॉलिन कैंपबेल ने लखनऊ में विद्रोह का दमन किया, सर ह्यूरोज ने झाँसी और ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे का सामना किया, तथा कर्नल जेम्स नील ने बनारस और इलाहाबाद में विद्रोहियों के खिलाफ क्रूर दमनकारी नीतियां अपनाई थीं। अतः चारों युग्म सही सुमेलित हैं। विकिपीडिया संदर्भ
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से लेकर सूरत विभाजन (1907) तक के कालखंड के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कांग्रेस के प्रारंभिक वर्षों (1885-1905) में नरम दल के नेताओं का यह दृढ़ विश्वास था कि ब्रिटिश शासन न्यायप्रिय है और वे ब्रिटिश संसद के प्रति 'राजभक्ति' रखते हुए प्रार्थना, याचिका और शिष्टमंडल (प्रार्थना और विरोध की राजनीति) के माध्यम से प्रशासनिक सुधार चाहते थे। 2. वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के पश्चात उत्पन्न स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के दौरान गरम दल के नेताओं (लाल-बाल-पाल और अरबिंदो घोष) ने इस आंदोलन के दायरे को केवल बंगाल तक सीमित रखने और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार को कलकत्ता तक ही प्रतिबंधित करने का समर्थन किया था। 3. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पहली बार 'स्वराज' (Self-Government) के प्रस्ताव को अपने मुख्य लक्ष्य के रूप में स्वीकार किया, जिससे नरम और गरम दल के बीच वैचारिक तनाव कुछ समय के लिए टल गया। 4. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष पद के निर्वाचन को लेकर नरम दल और गरम दल के बीच हुए तीव्र मतभेद के कारण पार्टी में औपचारिक विभाजन हो गया, और रासबिहारी घोष को कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? औरंगजेब के समय "नुस्खा-ए-दिलकुशा" की रचना किसने की थी जो दक्षिण भारत के इतिहास का स्रोत है? सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दशकों में पुर्तगालियों और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच भारत में वर्चस्व की प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1612 में लड़े गए 'स्वाली के युद्ध' (Battle of Swally) में ब्रिटिश नौसेना ने पुर्तगालियों की नौसैनिक ताकत को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप मुगल सम्राट जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में एक स्थायी कारखाना स्थापित करने की अनुमति प्रदान की। 2. पुर्तगाली वायसराय अल्फांसो डी अल्बुकर्क ने वर्ष 1510 में बीजापुर के सुल्तान यूसुफ आदिल शाह से गोवा छीनकर उसे पुर्तगाली साम्राज्य का मुख्य प्रशासनिक और वाणिज्यिक केंद्र बनाया था, तथा उसने भारत में पुर्तगाली शक्ति को मजबूत करने के लिए भारतीय महिलाओं से विवाह करने की नीति को प्रोत्साहित किया था। 3. ब्रिटिश ईस्ट India कंपनी के गठन के समय ही उसे भारत के साथ व्यापार करने का एकाधिकार प्रदान किया गया था, और शुरुआत से ही मुगल दरबार में थॉमस रो को आधिकारिक राजदूत के रूप में तुरंत स्वीकार कर लिया गया था, जिससे उन्हें पूरे साम्राज्य में बिना किसी कर के व्यापार करने की खुली छूट मिल गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? गोलकुंडा के "कुतुबशाही वंश" की स्थापना किसने की थी? सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34), गोलमेज सम्मेलनों और गांधी-इरविन समझौते के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कांग्रेस के कराची अधिवेशन (1931) में गांधी-इरविन समझौते को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया था तथा इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस ने 'मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम' से संबंधित प्रस्ताव पारित किए थे। 2. वर्ष 1931 में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था, जहाँ कम्यूनल अवार्ड (सांप्रदायिक पंचाट) के मुद्दे पर दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग को लेकर उनका डॉ. बी.आर. अंबेडकर के साथ तीव्र मतभेद हुआ था। 3. प्रथम गोलमेज सम्मेलन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैमसे मैकडोनाल्ड ने भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेट्स' (औपनिवेशिक स्वराज्य) की पूर्ण घोषणा कर दी थी, जिससे संतुष्ट होकर मुस्लिम लीग और हिंदू महासभा ने इस सम्मेलन के सभी निर्णयों का पूर्ण समर्थन किया था। 4. सविनय अवज्ञा आंदोलन के दूसरे चरण (1932-34) के दौरान जब गांधीजी ने आंदोलन पुनर्जीवित किया, तब ब्रिटिश सरकार ने दमन चक्र तेज करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को एक 'गैर-कानूनी संगठन' घोषित कर दिया था और इसके अधिकांश नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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