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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की नगर योजना, वास्तुकला और जल प्रबंधन प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. इस सभ्यता के अधिकांश नगर सामान्यतः दो भागों में विभाजित थे — पश्चिमी भाग जो ऊँचा होता था (जिसे 'दुर्ग' या 'सिटाडेल' कहा जाता था) और पूर्वी भाग जो बड़ा होता था तथा सामान्य नागरिकों के लिए आवास क्षेत्र था, किंतु 'धोलावीरा' एक ऐसा विशिष्ट नगर था जो दो के स्थान पर तीन भागों (किल्ला, मध्यम नगर और निचला नगर) में विभाजित था।
- 2. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) के निर्माण में जल के रिसाव को रोकने के लिए ईंटों के बीच बिटुमिन (तारकोल) या जिप्सम की परतों का प्रयोग किया गया था, और इसका मुख्य उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों या सार्वजनिक स्नान के लिए किया जाता था।
- 3. सिंधु घाटी सभ्यता के लगभग सभी प्रमुख नगरों में घरों के गंदे पानी की निकासी के लिए सड़कों के किनारे ढकी हुई नालियों की उत्तम व्यवस्था थी, तथा हर घर का गड़ा हुआ जलमार्ग मुख्य सड़क की ढकी हुई नालियों से जुड़ने से पहले रास्ते में एक छोटे 'सोक पिट' (हौज या सेप्टिक टैंक) से होकर गुजरता था ताकि कचरा नीचे बैठ सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिंधु घाटी सभ्यता अपनी उन्नत नगर नियोजन, ग्रिड प्रणाली पर आधारित सड़कों और अत्याधुनिक जल निकास प्रणाली के लिए विश्व प्रसिद्ध थी। धौलावीरा (गुजरात) इसका अपवाद है जहाँ नगर तीन भागों में विभाजित था। मोहनजोदड़ो का विशाल स्नानागार इसके जल-इंजीनियरिंग कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ दीवारों और फर्श पर ईंटों की चिनाई के साथ बिटुमिन का लेप लगाकर उसे जल-सह बनाया गया था। इसके अतिरिक्त, घरों की नालियाँ सोक पिट के माध्यम से मुख्य नालियों से जुड़ी होती थीं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों — स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी — के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल प्रेसिडेंसी में लॉर्ड कार्नवालिस द्वारा वर्ष 1793 में लागू किए गए 'स्थाई बंदोबस्त' के तहत जमींदारों को भूमि का स्थाई स्वामी बना दिया गया, किंतु 'सूर्ي अस्त कानून' (Sunset Law) के अंतर्गत यदि निश्चित तिथि तक सूर्यास्त से पहले भू-राजस्व जमा नहीं किया जाता था, तो उनकी जमींदारी नीलाम कर दी जाती थी।
2. थॉमस मुनरो द्वारा मुख्य रूप से मद्रास और बॉम्बे प्रेसिडेंसी में लागू 'रयतवारी व्यवस्था' में सरकार और कृषक (रयत) के बीच सीधा समझौता होता था, जिसमें किसानों को मालिकाना हक तो मिला, किंतु लगान की दरें अत्यधिक ऊँची थीं और सरकार को राजस्व समीक्षा के बाद हर 30 वर्ष पर कर दरों में वृद्धि करने का अधिकार प्राप्त था।
3. उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब के कुछ हिस्सों में हॉल्ट मैकेंज़ी द्वारा प्रवर्तित 'महालवारी व्यवस्था' के अंतर्गत भू-राजस्व निर्धारण के लिए व्यक्तिगत किसानों को नहीं, बल्कि पूरे ग्राम समुदाय या 'महाल' को एक इकाई माना जाता था, और इस प्रणाली में गाँव के प्रत्येक किसान की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होती थी, जबकि सामूहिक या संयुक्त जिम्मेदारी का कोई प्रावधान नहीं था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के प्रारंभिक चरण और संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भखना द्वारा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना की गई थी, जिसे आगे चलकर इसके साप्ताहिक पत्र 'गदर' के नाम पर 'गदर पार्टी' के रूप में जाना गया।
2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य समाजवादी विचारधारा पर आधारित एक स्वतंत्र गणराज्य की स्थापना करना था।
3. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ट्रेड डिस्प्यूट बिल और पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बम फेंका, जिसका उद्देश्य किसी की जान लेना नहीं बल्कि 'बहनों को अपनी बात सुनाने' के लिए धमाका करना और अपनी गिरफ्तारी देकर अदालत को प्रचार का मंच बनाना था।
4. वर्ष 1931 में लाहौर षड्यंत्र केस के तहत भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फाँसी दी गई थी, और उसी वर्ष दिसंबर में चटगांव शस्त्रागार लूट के प्रमुख क्रांतिकारी सूर्य सेन को अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन किए गए क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली
2. मेजर जनरल हैवलॉक — लखनऊ
3. सर ह्यूरोज — झाँसी एवं ग्वालियर
4. कर्नल नील — कानपुर एवं इलाहाबाद
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन से संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन
2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल और जेम्स आउट्राम
3. कानपुर - मेजर जनरल हैवलॉक
4. झांसी और ग्वालियर - सर ह्यूरोज
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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मध्यकालीन भारत के सूफी आंदोलनों तथा उनके विभिन्नसिलसिलों (संप्रदायों) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में चिश्ती सिलसिला की स्थापना ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने की थी, जिनका मुख्य केंद्र अजमेर था, और इस सिलसिले के संतों ने राज्य के राजकीय संरक्षण तथा शाही दरबारों से संबंध रखने को अनिवार्य माना ताकि जनता के कल्याण के लिए धन जुटाया जा सके।
2. सुहरावर्दी सिलसिला मुख्य रूप से सिंध और मुल्तान के क्षेत्रों में अधिक सक्रिय था, तथा चिश्ती संतों के विपरीत सुहरावर्दी संतों ने राजनीतिक सत्ता से दूरी नहीं बनाई बल्कि सुल्तानों और अमीर-उमरावों से वित्तीय सहायता (इनाम और जागीरें) स्वीकार की थी।
3. कादिरिया सिलसिले की स्थापना भारत में शाह नेमतुल्लाह द्वारा की गई थी, और इस सिलसिले के प्रसिद्ध संत मियां मीर थे, जिनसे मुगल राजकुमार दारा शिकोह और शाहजहां ने आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की थी।
4. नक्सबंदी सिलसिले की स्थापना भारत में ख्वाजा बाकी بالله (Baqi Billah) द्वारा की गई थी, और इस सिलसिले के सबसे प्रमुख संत शेख अहमद सरहिंदी (मुजद्दिद अलिफसानी) थे, जिन्होंने अकबर की उदार धार्मिक नीतियों और 'दीन-ए-इलाही' की कड़ी आलोचना की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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