BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
5 views

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के सैन्य अभियानों तथा रणनीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ब्रिटिश जनरल ह्यूरोज द्वारा झाँसी की घेराबंदी किए जाने के पश्चात रानी लक्ष्मीबाई ने साहसपूर्वक किले की रक्षा की और अंततः तात्या टोपे की संयुक्त सेना के सहयोग से कालपी की ओर प्रस्थान किया, जहाँ तात्या टोपे के साथ मिलकर उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध भीषण संघर्ष किया।
  2. 2. कालपी के पतन के पश्चात रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने असाधारण सैन्य कौशल का परिचय देते हुए ग्वालियर के किले पर अधिकार कर लिया और सिंधिया राजवंश के शासक जयाजीराव सिंधिया को ग्वालियर से खदेड़कर वहाँ राव साहब (नारायण राव) के नेतृत्व में मराठा सत्ता स्थापित की।
  3. 3. ग्वालियर के पतन के अंतिम चरण में कोटरा की लड़ाई (मुरार) के दौरान ब्रिटिश सेनाओं का सामना करते हुए तात्या टोपे वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों के हाथों गिरफ्तार होकर आजीवन कारावास के लिए मांडू भेज दी गईं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान झाँसी और ग्वालियर क्षेत्र में विकिपीडिया संदर्भ रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। मार्च 1858 में ब्रिटिश जनरल ह्यूरोज ने झाँसी को घेर लिया। रानी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए किले की रक्षा की, किंतु अंग्रेजों के भारी दबाव के कारण वे कालपी पहुँचीं जहाँ तात्या टोपे की सेना ने उनका साथ दिया। कालपी की पराजय के पश्चात दोनों ने ग्वालियर की ओर कूच किया और ग्वालियर के सिंधिया शासक (जो अंग्रेजों के प्रति निष्ठावान थे) को पराजित कर वहाँ राव साहब पेशवा की सरकार स्थापित की। ग्वालियर की अंतिम लड़ाई (मुरार/फुगैल) में रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं, जबकि तात्या टोपे वहाँ से बच निकलने में सफल रहे और बाद में मानसिंह के विश्वासघात के कारण पकड़े गए तथा उन्हें अप्रैल 1859 में फाँसी दी गई। अतः कथन 3 गलत है।
Share:

Related Questions

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन तथा उससे जुड़े नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिन्हें अंततः ब्रिटिश सेनापति जनरल रेनार्ड के साथ हुए संघर्ष के बाद पराजित किया गया और ब्रिटिश सरकार द्वारा उनकी गिरफ्तारी पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 2. बरेली में खान बहादुर खान ने 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया था, और विद्रोह के दमन के पश्चात ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने इस क्षेत्र पर पुनः अधिकार प्राप्त किया, जिसके उपरांत खान बहादुर खान को नेपाल भागना पड़ा जहाँ उनकी मृत्यु हो गई। 3. इलाहाबाद (प्रयागराज) में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी लियाकत अली ने किया था, जिन्हें बाद में ब्रिटिश अधिकारी कर्नल नील (Colonel James Neill) ने अत्यंत क्रूरता के साथ इस विद्रोह को कुचलते हुए पराजित किया था। 4. खान बहादुर खान को बरेली में विद्रोह के दमन के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था और उन पर मुकदमा चलाकर 1860 में कोतवाली के सामने सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के संचालन और उनके दमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी अहमदुल्लाह शाह द्वारा किया गया था, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, और उन्होंने ब्रिटिश सेना के खिलाफ कड़ा मुकाबला किया था, जिन्हें अंततः कर्नल नील के स्थान पर जनरल कैंपबेल के अभियानों द्वारा दबाया गया। 2. रोहिलखंड के केंद्र बरेली में खान बहादुर खान ने रोहिला सेना का संगठन कर स्वयं को नवाब घोषित किया था, किंतु कर्नल जोन्स और सर कॉलिन कैंपबेल के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने इस विद्रोह का अत्यंत क्रूरतापूर्वक दमन कर खान बहादुर खान को सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी थी। 3. इलाहाबाद में विद्रोह की कमान मौलवी लियाकत अली ने संभाली थी, जिन्होंने वहां प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की थी, किंतु ब्रिटिश सेनापति कर्नल नील ने इस सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर पर पुनः अंग्रेजों का अधिकार स्थापित कर लिया था। 4. इन तीनों केंद्रों पर विद्रोह का दमन करने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों में कर्नल नील की भूमिका केवल इलाहाबाद तक सीमित थी, जबकि फैजाबाद और बरेली में दमन का मुख्य नेतृत्व ब्रिटिश जनरल हैवलॉक और जेम्स आउट्राम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के दौरान स्थापित विभिन्न संगठनों, उनके संस्थापकों तथा उनके वैचारिक दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और जन्मगत जाति व्यवस्था का जोरदार खंडन किया, किंतु इसने पाश्चात्य शिक्षा और तर्कवाद को अपनाते हुए भी उपनिषदों के एकेश्वरवादी सिद्धांतों को अपने धार्मिक दर्शन का आधार बनाया। 2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को अपरिवर्तनीय तथा अपौरुषेय मानते हुए मूर्तिपूजा, अवतारवाद और कर्मकांडों का समर्थन किया। 3. आत्माराम पांडुरंग द्वारा 1867 में स्थापित 'प्रार्थना समाज' का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र में भक्ति परंपरा के आधार पर सामाजिक सुधार करना था, जिसने अंतर-जातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा के प्रसार पर विशेष बल दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के क्रियान्वयन तथा उसके ऐतिहासिक प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माउंटबेटन योजना के तहत ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद बंगाल और पंजाब के सीमा निर्धारण के लिए ब्रिटिश न्यायविद् सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो अलग-अलग सीमा आयोगों (Boundary Commissions) का गठन किया गया था, जिन्हें 15 अगस्त 1947 से पहले अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। 2. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के अनुसार 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश संसद की सर्वोच्चता और ब्रिटिश सम्राट का भारतीय क्षेत्रों पर प्रभुत्व समाप्त हो गया, तथा दोनों नए डोमिनियनों (भारत और पाकिस्तान) की संविधान सभाओं को अपनी-अपनी संप्रभुता के तहत भारत सरकार अधिनियम, 1935 में संशोधन करने का पूर्ण अधिकार मिल गया। 3. इस अधिनियम के तहत देशी रियासतों (Princely States) को यह विकल्प दिया गया कि वे चाहें तो भारत या पाकिस्तान में शामिल हो सकती हैं अथवा अपनी स्वतंत्रता बनाए रख सकती हैं, और लॉर्ड माउंटबेटन ने देशी रियासतों पर दबाव बनाते हुए उन्हें बिना किसी शर्त के स्वतंत्र रहने की आधिकारिक अनुमति प्रदान की थी। 4. उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) में हुए जनमत संग्रह (Referendum) में खान अब्दुल गफ्फार खान और उनकी 'खुदाई खिदमतगार' पार्टी ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए पाकिस्तान में शामिल होने के पक्ष में भारी मतदान किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगल सम्राट के घरेलू विभाग और शाही कारखानों का प्रभारी अधिकारी कौन होता था?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.