History of India
Asked 2 months ago · Viewed 19 times
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन तथा उसके नेतृत्व से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. फैजाबाद — मौलवी अहमदुल्लाह शाह द्वारा नेतृत्व और कर्नल नील द्वारा विद्रोह का क्रूर दमन
- 2. बरेली — खान बहादुर खान द्वारा नेतृत्व और सर कॉलिन कैंपबेल तथा बर्ड द्वारा विद्रोह का दमन
- 3.
इलाहाबाद — लियाकत अली द्वारा नेतृत्व और जनरल जनरल नील द्वारा विद्रोह का दमन उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रमुख केंद्रों पर विद्रोह का दमन ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों द्वारा अत्यंत क्रूरता के साथ किया गया था। फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने विद्रोह का सशक्त नेतृत्व किया, जबकि इलाहाबाद (प्रयागराज) में लियाकत अली ने मोर्चा संभाला और यहाँ कर्नल नील (General Neil) ने अत्यधिक निर्दयता से विद्रोह को कुचला। इसी प्रकार, बरेली में रोहिलखंड के पूर्व शासक हाफिज रहमत खान के पोते खान बहादुर खान ने विद्रोह की बागडोर संभाली, जिसे अंततः ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल और कमिश्नर बर्ड द्वारा पराजित कर दमन किया गया। इस ऐतिहासिक घटना के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
गुप्तकालीन प्रशासनिक व्यवस्था, आर्थिक संरचना तथा भूमि अनुदान (Land Grants) के…
← पिछला प्रश्न
वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले…
Related Questions
→
मराठा साम्राज्य के प्रशासनिक ढांचे और शिवाजी की राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी ने अपनी भू-राजस्व प्रणाली में मलिक अंबर की रय्यतवाड़ी व्यवस्था के आधार पर पैमाइश (काठी प्रणाली) को अपनाया और बिघा (बीघा) को भूमि की माप की इकाई बनाया।
2. 'चौथ' मराठा राज्य द्वारा उन पड़ोसी क्षेत्रों से वसूला जाने वाला कर था जो सीधे तौर पर मराठा नियंत्रण में नहीं थे, और यह कर उस क्षेत्र की कुल राजस्व आय का लगभग एक-चौथाई हिस्सा होता था, जिसके बदले मराठा शासक उन क्षेत्रों को बाहरी आक्रमणों से सुरक्षा और शांति की गारंटी (सरदेशमुखी) देते थे।
3. शिवाजी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद 'अष्टप्रधान' में प्रत्येक मंत्री पूर्णतः स्वतंत्र रूप से सैन्य और प्रशासनिक निर्णय लेता था, और मंत्रियों के पद वंशानुगत होते थे ताकि राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनी रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
ब्रिटिश भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व व्यवस्थाओं—स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी—के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में लागू 'स्थाई बंदोबस्त' (Permanent Settlement) के तहत भू-राजस्व की दर को स्थायी रूप से निश्चित कर दिया गया था, जिससे जमींदार भूमि के वास्तविक स्वामी बन गए और यदि वे निर्धारित तिथि तक सूर्यास्त से पहले कर नहीं चुका पाते थे, तो उनकी जमींदारी नीलाम कर दी जाती थी (सूर्यास्त कानून)।
2. थॉमस मुनरो और कैप्टन रीड द्वारा मुख्य रूप से मद्रास और बंबई प्रेसीडेंसी में लागू की गई 'रयतवारी व्यवस्था' में सरकार और किसान (रयत) के बीच सीधा समझौता था, जिसमें व्यक्तिगत किसानों को भूमि का स्वामित्व दिया गया और लगान की दरें पूरी तरह स्थायी थीं, जिन्हें कभी बढ़ाया नहीं गया।
3. उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब के कुछ हिस्सों में लागू 'महालवारी व्यवस्था' के अंतर्गत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसान के स्तर पर न करके पूरे गाँव या 'महाल' (गाँवों के समूह) के आधार पर किया जाता था, और राजस्व संग्रह की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ग्राम के मुखिया या लंबरदार को सौंपी जाती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां के नेतृत्व तथा उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाना साहब को अंग्रेजों द्वारा उनके पिता पेशवा बाजीराव द्वितीय की पेंशन से वंचित किए जाने और ब्रिटिश सत्ता द्वारा उनके उपाधि एवं अधिकारों को अस्वीकार करने के पश्चात उन्होंने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभाला तथा स्वयं को पेशवा घोषित किया।
2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और कूटनीतिक रणनीतिकार थे, ने ब्रिटिश नीतियों के विरुद्ध तुर्की और अन्य अंतरराष्ट्रीय ताकतों से संपर्क साधने का प्रयास किया था तथा कानपुर में सैन्य अभियानों के दौरान अंग्रेजों के साथ कूटनीतिक वार्ताओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
3. तात्या टोपे ने कानपुर में नाना साहब की सेना के सैन्य कमांडर के रूप में कार्य करते हुए ब्रिटिश जनरल सर कॉलिन कैंपबेल को निर्णायक रूप से पराजित किया और कानपुर पर स्थायी रूप से अधिकार स्थापित कर लिया, जिसे अंग्रेजों ने कभी पुनः नहीं जीता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उनके सैन्य और कूटनीतिक प्रयासों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) को अंग्रेजों द्वारा उनके पिता की पेंशन से वंचित किए जाने और ब्रिटिश सत्ता द्वारा कानपुर में उनके अधिकारों को अस्वीकार करने के पश्चात उन्होंने विद्रोह का नेतृत्व संभाला तथा स्वयं को पेशवा घोषित किया।
2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और कूटनीतिक रणनीतिकार थे, ने विद्रोह के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने के लिए लंदन की यात्रा की थी तथा बाद में कानपुर में सैन्य अभियानों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
3. तात्या टोपे ने कानपुर में नाना साहब की सेना के सैन्य कमांडर के रूप में कार्य किया और ब्रिटिश जनरल सर कॉलिन कैंपबेल की सेना को पराजित कर कानपुर पर स्थायी रूप से अधिकार बनाए रखा, जिसे ब्रिटिश कभी पुनः जीत नहीं सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
मुगल काल में "खुलासत-उत-तवारीख" के लेखक कौन हैं?
→
महाभारत का फारसी अनुवाद "रज़्मनामा" किसके निर्देशन में किया गया था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.