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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दशकों में भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के प्रवेश और पुर्तगाली-ब्रिटिश संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जहांगीर के दरबार में आने वाला प्रथम अंग्रेज दूत विलियम हॉकिंस था, जो 'हेक्टर' जहाज लेकर 1608 में सूरत पहुँचा था, किंतु पुर्तगालियों के तीव्र विरोध और शाही दरबार में उनके प्रभाव के कारण जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में स्थायी कारखाना स्थापित करने की अनुमति तुरंत प्रदान नहीं की थी।
  2. 2. वर्ष 1612 में स्वाली के युद्ध (Battle of Swally) में ब्रिटिश कमांडर थॉमस बेस्ट ने पुर्तगाली नौसेना को पराजित किया, जिससे प्रभावित होकर जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री खोलने का शाही फरमान जारी कर दिया।
  3. 3. पुर्तगालियों ने भारत में अपने एकाधिकार को बनाए रखने के लिए 'कार्टाज' (Cartaz) प्रणाली लागू की थी, जिसके तहत अरब सागर और हिंद महासागर से गुजरने वाले प्रत्येक भारतीय और एशियाई जहाज को पुर्तगाली गवर्नरों से लाइसेंस लेना अनिवार्य था, और अक्साइज शुल्क के रूप में भारी कर चुकाना पड़ता था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दौर में भारत में यूरोपीय शक्तियों का वर्चस्व स्थापित करने के लिए कड़ा संघर्ष हुआ। विलियम हॉकिंस 1608 में हेक्टर जहाज से सूरत आया था और जहांगीर से मिला, परंतु पुर्तगालियों के विरोध के कारण उसे शुरुआत में असफलता मिली। वर्ष 1612 में स्वाली के युद्ध में कैप्टन थॉमस बेस्ट द्वारा पुर्तगालियों की नौसेना की हार ने मुगलों की नजर में अंग्रेजों की सैन्य क्षमता को साबित किया, जिसके बाद जहांगीर ने अंग्रेजों को व्यापारिक छूट दी। पुर्तगाली हिंद महासागर में अपने व्यापारिक एकाधिकार के लिए 'कार्टाज-अमीडा' नीति के तहत लाइसेंस प्रणाली चलाते थे। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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