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Indian Polity
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भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित राजभाषाओं, राजनीतिक दलों की मान्यता तथा संविधान की विभिन्न सूचियों और भागों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संशोधनों के माध्यम से जोड़ा गया; जैसे कि 21वें संविधान संशोधन द्वारा सिंधी को, 71वें संशोधन द्वारा कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को, तथा 92वें संविधान संशोधन द्वारा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को शामिल किया गया, जिससे वर्तमान में इस अनुसूची में कुल 22 राजभाषाएँ हैं।
  2. 2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 29A के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, किंतु किसी राजनीतिक दल को 'राष्ट्रीय दल' (National Party) या 'राज्यीय दल' (State Party) के रूप में मान्यता देने की शर्तें संविधान के अनुच्छेद 324 में प्रत्यक्ष रूप से उल्लिखित हैं।
  3. 3. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 348 में यह प्रावधान किया गया है कि संसद द्वारा जब तक कोई अन्य विधि नहीं बनाई जाती, तब तक उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ तथा संसद और राज्य विधानमंडलों द्वारा पारित प्रत्येक अधिनियम का प्राधिकृत पाठ केवल और केवल अंग्रेजी भाषा में ही होगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं। 21वें संशोधन (1967) द्वारा सिंधी, 71वें संशोधन (1992) द्वारा कोंकणी, मणिपुरी व नेपाली, तथा 92वें संशोधन (2003) द्वारा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को जोड़ा गया, जिससे कुल संख्या 22 हो गई। कथन 2 गलत है क्योंकि राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय या राज्यीय दल के रूप में मान्यता देने की शर्तें और मानदंड संविधान के अनुच्छेद 324 में नहीं, बल्कि 'निर्वाचन प्रतीक (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968' (Election Symbols Order, 1968) के तहत निर्धारित किए जाते हैं। कथन 3 सही है: संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 348 के अनुसार, जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों की कार्यवाहियाँ और विधायी अधिनियमों के प्राधिकृत पाठ अंग्रेजी भाषा में ही होंगे। इस विषय से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जा सकते हैं।
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