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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की विभिन्न शक्तियों, अधिकार क्षेत्र और संविधान के निर्वाचन से संबंधित उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 137 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय को अपनी स्वयं की दी गई किसी निर्णय या आदेश की पुनरावलोकन (Review) करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि या अनुच्छेद 145 के अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन रहते हुए ही न्यायालय इस शक्ति का प्रयोग कर सकता है।
  2. 2. संविधान के अनुच्छेद 143 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा विधि या तथ्य के किसी व्यापक लोक महत्व के प्रश्न पर उच्चतम न्यायालय से परामर्श मांगे जाने पर, न्यायालय के लिए राष्ट्रपति को अपनी राय देना अनिवार्य होता है, और उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई यह सलाह राष्ट्रपति पर प्रत्येक स्थिति में पूर्ण रूप से बाध्यकारी (Binding) होती है।
  3. 3. संविधान के अनुच्छेद 141 के अनुसार उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित किया गया विधि भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर आबद्धकर (Binding) होता है, जिसका तात्पर्य यह है कि यह निर्णय न्यायपालिका के अधीनस्थ न्यायालयों के साथ-साथ स्वयं उच्चतम न्यायालय पर भी पूर्ववर्ती निर्णयों के रूप में सर्वथा लागू होता है, जब तक कि एक बड़ी पीठ द्वारा इसे उलट न दिया जाए।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 137 के तहत उच्चतम न्यायालय को संसद द्वारा बनाई गई विधियों या अनुच्छेद 145 के नियमों के अधीन रहते हुए अपने द्वारा दिए गए किसी निर्णय या आदेश का पुनरावलोकन (Review) करने की शक्ति प्राप्त है। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति द्वारा मांगे गए परामर्श पर उच्चतम न्यायालय अपनी राय दे सकता है, किंतु यह सलाह राष्ट्रपति पर बाध्यकारी नहीं होती है (विशेष मामलों को छोड़कर)। इसके अलावा, यदि मामला प्री-कॉन्स्टिट्यूशन संधि या समझौते से जुड़ा हो (अनुच्छेद 143 का खंड 2), तो न्यायालय के लिए राय देना अनिवार्य होता है, फिर भी सामान्य मामलों में सलाह बाध्यकारी नहीं होती। कथन 3 सही है क्योंकि अनुच्छेद 141 के अनुसार उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित कानून भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होता है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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