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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा के गठन, उसकी समितियों और निर्माण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्ट 1946 में हुए चुनावों में कुल 296 सीटों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 208 सीटें जीती थीं, जबकि मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिली थीं, और इन चुनावों में ब्रिटिश प्रांतों की सीटों के लिए मतदान प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा किया गया था, जिसमें प्रत्येक समुदाय (सामान्य, मुस्लिम, सिख) के प्रतिनिधियों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा हुआ था।
- 2. संविधान सभा की विभिन्न समितियों में प्रक्रियाओं के नियम समिति (Committee on the Rules of Procedure) के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जबकि संघ संविधान समिति (Union Constitution Commission) के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू और मौलिक अधिकारों एवं अल्पसंख्यकों से संबंधित सलाहकार समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
- 3. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण के लिए विभिन्न विषयों पर कुल 22 मुख्य समितियों का गठन किया गया था, जिनमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय प्रारूप समिति (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसने संविधान का पहला प्रारूप फरवरी 1948 में प्रकाशित किया था जिस पर देश भर में जनता और प्रेस द्वारा विचार-विमर्श किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: जुलाई-अगस्त 1946 में संविधान सभा के लिए हुए चुनावों में कुल 296 ब्रिटिश भारतीय सीटों में से कांग्रेस को 208 और मुस्लिम लीग को 73 सीटें प्राप्त हुईं। चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत पद्धति से हुए थे। कथन 2 सही है: डॉ. राजेंद्र प्रसाद 'प्रक्रिया के नियम समिति' के अध्यक्ष थे, जवाहरलाल नेहरू 'संघ संविधान समिति' के अध्यक्ष थे, और सरदार वल्लभभाई पटेल 'मौलिक अधिकारों, अल्पसंख्यकों और जनजातिक क्षेत्रों से संबंधित सलाहकार समिति' के अध्यक्ष थे। कथन 3 सही है: संविधान निर्माण के लिए कुल 22 प्रमुख समितियां थीं, जिनमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में 29 अगस्त 1947 को गठित 'प्रारूप समिति' सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसने फरवरी 1948 में संविधान का पहला प्रारूप प्रकाशित किया था। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जाएं।
Related Questions
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भारत के निर्वाचन आयोग और चुनाव सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार निर्वाचन आयोग एक स्थायी और स्वतंत्र निकाय है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के अध्यधीन की जाती है, और मुख्य चुनाव आयुक्त को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया और आधार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही होते हैं, जबकि अन्य चुनाव आयुक्तों को मुख्य चुनाव आयुक्त की संस्तुति के बिना नहीं हटाया जा सकता।
2. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 77 के तहत किसी निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा व्यय की जाने वाली अधिकतम सीमा तय करने का अधिकार निर्वाचन आयोग के पास है, और इस अधिनियम के अंतर्गत यदि कोई उम्मीदवार अपने चुनाव खर्च का हिसाब निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत नहीं करता है, तो निर्वाचन आयोग उसे तीन साल की अवधि के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर सकता है।
3. वर्ष 1989 के 61वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा मताधिकार की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया, तथा इसी संशोधन के माध्यम से बहु-सदस्यीय निर्वाचन आयोग की अवधारणा को हमेशा के लिए अनिवार्य बनाते हुए संविधान के अनुच्छेद 324 में स्थायी रूप से कम से कम तीन चुनाव आयुक्तों का होना法定 रूप से तय किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान की अनुसूचियों, राजभाषाओं और राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की मान्यता से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में 21वें, 71वें और 92वें संविधान संशोधनों द्वारा जोड़कर कुल 22 भाषाएँ कर दिया गया है, और इस अनुसूची में अंग्रेजी तथा राजस्थानी दोनों भाषाएँ वर्तमान में आधिकारिक राजभाषा के रूप में सम्मिलित हैं।
2. भारतीय संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 351 में यह निर्देश दिया गया है कि संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके।
3. निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार किसी पंजीकृत दल को 'राष्ट्रीय दल' (National Party) के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम चार राज्यों में लोकसभा चुनाव या आम विधानसभा चुनावों में कुल वैध मतों का कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्त करे और इसके अतिरिक्त कम से कम चार राज्यों से लोकसभा में कुल 4 सीटें भी जीते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत और संविधान सभा द्वारा 22 जनवरी 1947 को स्वीकृत 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) ही परिवर्धित रूप से भारतीय संविधान की प्रस्तावना बना, जिसमें प्रस्तावना को संविधान के एक विशिष्ट भाग के रूप में स्वीकार करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने 'बेरूबारी यूनियन वाद' (1960) में यह प्रतिपादित किया कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है।
2. प्रस्तावना में उल्लिखित 'न्याय' (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) के आदर्श को रूस की क्रांति (1917) से प्रेरित होकर लिया गया है, जबकि 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' (Liberty, Equality and Fraternity) के आदर्शों को फ्रांस की क्रांति (1789) के प्रेरणास्त्रोत से अपनाया गया है।
3. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार संशोधन किया गया है, जिसके माध्यम से इसमें 'समाजवादी' (Socialist), 'पंथनिरपेक्ष' (Secular) और 'अखंडता' (Integrity) शब्दों को जोड़ा गया, और इन संशोधनों की वैधानिकता को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'केशवानंद भारती वाद' (1973) के उस सिद्धांत के आलोक में वैध ठहराया गया जिसके तहत प्रस्तावना को संविधान का मूल ढांचा (Basic Structure) माना गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत प्रदत्त 'भारतीय नागरिकता' और संसद की नागरिकता संबंधी विधाई शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य विदेशी राज्य की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त (Termination) हो जाती है, भले ही भारत सरकार ने उसके संबंध में कोई विशिष्ट आदेश जारी किया हो या नहीं।
2. अनुच्छेद 11 के अंतर्गत संविधान ने संसद को यह स्पष्ट और अनन्य शक्ति प्रदान की है कि वह नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में कोई भी उपबंध कर सकेगी, और इसी शक्ति का प्रयोग करते हुए संसद ने 'भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955' पारित किया था।
3. वर्ष 2019 में किए गए नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई अल्पसंख्यकों को अवैध प्रवासी की श्रेणी से छूट देते हुए त्वरित देशीयकरण (Naturalisation) के माध्यम से नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, तथा यह संपूर्ण देश में बिना किसी अपवाद के समान रूप से लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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