त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
13 views
किस ग्रह को 'पृथ्वी की जुड़वां बहन' (Twin Planet) कहा जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सौर मंडल में 'शुक्र' (Venus) ग्रह को पृथ्वी की 'जुड़वां बहन' कहा जाता है, क्योंकि इसका आकार, घनत्व और द्रव्यमान काफी हद तक पृथ्वी के समान है। शुक्र को 'भोर का तारा' (Morning Star) और 'सांझ का तारा' (Evening Star) भी कहा जाता है। यह सौर मंडल का सबसे गर्म ग्रह है।
Related Questions
→
शुष्क क्षेत्रों में पवन अपरदन द्वारा विकसित भू-आकृतियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
→
भारतीय संविधान के भाग I के अंतर्गत 'संघ और उसका राज्यक्षेत्र' (Articles 1-4) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 1 में भारत को 'राज्यों का संघ' (Union of States) कहा गया है, न कि 'राज्यों का फेडरेशन' (Federation of States), क्योंकि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है।
2. अनुच्छेद 2 संसद को विधि द्वारा ऐसे निबंधनों और शर्तों को ठीक समझे, 'संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना' करने की शक्ति प्रदान करता है, जिसका प्रयोग करते हुए संसद ने सिक्किम को सह-राज्य (Associate State) से पूर्ण राज्य का दर्जा दिया था।
3. नए राज्यों के निर्माण, वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता, तथा ऐसे विधेयक को राष्ट्रपति द्वारा संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसके विचार के लिए भेजना संवैधानिक रूप से अनिवार्य होता है, बशर्ते राज्य विधानमंडल द्वारा दी गई सलाह को मानना संसद के लिए सर्वथा बाध्यकारी होता है।
4. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'बेरुबारी यूनियन मामले' (1960) में दिए गए निर्णय के अनुसार, भारतीय भू-क्षेत्र के किसी हिस्से को किसी अन्य देश को सौंपने (Cession of territory) के लिए संसद द्वारा साधारण बहुमत से अनुच्छेद 3 के तहत सामान्य कानून पारित करके ही ऐसा किया जा सकता है, इसके लिए संविधान संशोधन की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
मध्यकालीन भारतीय इतिहास के प्रशासनिक और राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली सल्तनत के दौरान 'दीवान-ए-आरिज' विभाग का मुख्य कार्य राज्य की सेना का संगठन करना, सैनिकों का हुलिया रखना तथा घोड़ों को दागने (दाग प्रथा) की व्यवस्था का निरीक्षण करना था, जिसकी स्थापना सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी द्वारा की गई थी।
2. मुगल काल में 'जब्ती प्रणाली' (या बन्दोबस्त व्यवस्था) राजा टोडरमल के वित्तीय सुधारों से संबंधित थी, जिसके अंतर्गत भूमि की पैमाइश, उसकी उर्वरता के आधार पर वर्गीकरण (जैसे पोलज, परती, चाचर और बंजर) तथा नकद रूप में राजस्व का निर्धारण किया जाता था।
3. शेरशाह सूरी द्वारा अपनी प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लगान निर्धारण के लिए 'राय' (उत्पादन का एक-तिहाई भाग) प्रणाली को अपनाया गया था, तथा उसने तांबे के 'दाम' और चांदी के 'रुपये' का प्रचलन शुरू किया था, जो मुगल काल में भी सिक्का प्रणाली का आधार बने।
4. विजयनगर साम्राज्य में 'अनाय' (Ayan) और 'अदयै' कर प्रणालियाँ प्रचलित थीं, जिसमें 'अमरनायक प्रणाली' के अंतर्गत नायकों को सैन्य सेवा के बदले विशेष भू-क्षेत्र (अमरम) दिए जाते थे, और वे केंद्रीय दरबार को नियमित रूप से वार्षिक कर और सैन्य टुकड़ियाँ भेजते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हजारीबाग में 30 जुलाई 1857 को रामगढ़ बटालियन के सैनिकों द्वारा विद्रोह किया गया था, जिसका नेतृत्व सूबेदार माधव सिंह ने किया था और उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का संचालन किया था।
2. पटना में 23 जुलाई 1857 को पीर अली खाँ नामक एक पुस्तक विक्रेता के नेतृत्व में हुए विद्रोह को ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर द्वारा क्रूरतापूर्वक दबा दिया गया था, और पीर अली को सार्वजनिक रूप से फाँसी दे दी गई थी।
3. बाबू कुंवर सिंह ने आरा पर कब्जा करने के बाद ब्रिटिश सेना के विरुद्ध दानापुर के विद्रोही सैनिकों के साथ मिलकर जुलाई 1857 में ही 'आरा की लड़ाई' (Battle of Arrah) लड़ी थी, जिसमें मेजर विन्सेंट आयर के नेतृत्व में आई ब्रिटिश सेना को कुंवर सिंह की सेना ने पूरी तरह पराजित कर दिया था और वे कभी आरा पर पुनः अधिकार नहीं कर पाए थे।
4. सिंहभूम (वर्तमान झारखंड, तब के बिहार का हिस्सा) क्षेत्र में विद्रोह का नेतृत्व अर्जुन सिंह ने किया था, जिन्होंने पोरहाट के राजा के रूप में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध आदिवासियों को संगठित किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण, उनकी शारीरिक विशेषताओं तथा ग्रिफ़िथ टेलर और हटन जैसे मानवविज्ञानियों के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफ़िथ टेलर के 'प्रवास-कटीबंध सिद्धांत' (Migration-Zone Theory) के अनुसार, मानव प्रजातियों का उद्गम मध्य एशिया क्षेत्र में हुआ था, और जो प्रजातियाँ सबसे पहले उत्पन्न हुईं, वे विस्थापन के कारण सबसे बाहरी क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया के आदिवासियों या टसमानियाई लोगों) में धकेल दी गईं।
2. 'काकेशॉइड' (Caucasoid) प्रजाति के शारीरिक लक्षणों में आमतौर पर पतली नाक, सीधी या लहरदार बाल संरचना, और हल्के रंग की त्वचा शामिल होती है, और इस प्रजाति का मूल विस्तार मुख्य रूप से यूरोप, मध्य पूर्व और भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी क्षेत्रों तक पाया जाता है।
3. मंगोलॉइड (Mongoloid) प्रजाति के लोगों की एक प्रमुख शारीरिक विशेषता उनकी पलकों पर 'एपिकैंथिक फोल्ड' (Epicanthic fold) का पाया जाना है, जिसके कारण उनकी आँखें तिरछी या मुड़ी हुई प्रतीत होती हैं, और यह विशेषता मुख्य रूप से एशियाई महाद्वीप के मूल निवासियों में मिलती है।
4. मानव प्रजातियों के वर्गीकरण में 'रक्त समूह' (Blood Groups - ABO System) को एक सटीक आनुवंशिक आधार माना जाता है, क्योंकि शारीरिक बाहरी लक्षण (जैसे त्वचा का रंग और बालों की बनावट) पर्यावरणीय दशाओं और जलवायु से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि आनुवंशिक रक्त कारक पर्यावरण से अपरिवर्तित रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.