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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा के गठन, समितियों और उसकी निर्माण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में ब्रिटिश भारत के प्रांतों के लिए निर्धारित 296 सीटों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 208 सीटें जीती थीं, जबकि मुस्लिम लीग को 73 सीटें प्राप्त हुई थीं, और इस निर्वाचन प्रक्रिया में सार्वभौम वयस्क मताधिकार का प्रयोग नहीं किया गया था।
  2. 2. संविधान के निर्माण हेतु संविधान सभा द्वारा कुल 22 प्रमुख और गौण समितियों का गठन किया गया था, जिनमें संघ संविधान समिति, प्रांतीय संविधान समिति और प्रारूप समिति (Drafting Committee) सम्मिलित थीं, तथा सरदार वल्लभभाई पटेल को 'प्रारूप समिति' का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
  3. 3. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था, तथा संविधान के प्रारूप पर कुल तीन वाचन (Readings) हुए थे, जिसके उपरांत 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि जुलाई-अगस्त 1946 में संविधान सभा के लिए हुए चुनावों में ब्रिटिश प्रांतों की 296 सीटों में से कांग्रेस को 208 और मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिली थीं। यह चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के माध्यम से हुआ था और इसमें सार्वभौम वयस्क मताधिकार का प्रयोग नहीं किया गया था। कथन 2 गलत है क्योंकि 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. आंबेडकर थे, जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल 'प्रांतीय संविधान समिति' और 'मौलिक अधिकारों एवं अल्पसंख्यकों से संबंधित सलाहकार समिति' के अध्यक्ष थे। कथन 3 बिल्कुल सही है क्योंकि संविधान निर्माण में 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था और इस पर तीन वाचन हुए थे तथा 26 नवंबर 1949 को इसे अंगीकृत किया गया था। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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