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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा के गठन, समितियों और उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा के निर्वाचन में ब्रिटिश प्रांतों की सीटों का आंटन उनकी जनसंख्या के अनुपात में (सामान्य, मुस्लिम और सिख) तीन प्रमुख समुदायों के बीच किया गया था, और रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के शासकों द्वारा नामांकित किया जाना था, जिसके कारण संविधान सभा एक पूर्णतः निर्वाचित निकाय थी।
- 2. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे, और इस सात-सदस्यीय समिति का मुख्य कार्य सभा द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक प्रारूप पर विचार करना था।
- 3. संविधान सभा द्वारा 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया गया था, तथा सभा के संवैधानिक सलाहकार (Constitutional Advisor) के रूप में बी.एन. राव द्वारा संविधान का पहला प्रारूप (Draft) तैयार किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि संविधान सभा एक **पूर्णतः निर्वाचित निकाय नहीं थी**, बल्कि यह आंशिक रूप से निर्वाचित और आंशिक रूप से मनोनीत (Partially elected and partially nominated) निकाय थी। ब्रिटिश प्रांतों के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा हुआ था, जबकि रियासतों के प्रतिनिधियों को रियासतों के शासकों द्वारा 'मनोनीत' किया गया था। कथन 2 सत्य है; 29 अगस्त 1947 को गठित 'प्रारूप समिति' के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे और इसमें कुल 7 सदस्य थे। कथन 3 भी सत्य है; संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया था और सर बी.एन. राव (Benegal Narsing Rau) को संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार नियुक्त किया गया था जिन्होंने संविधान का पहला प्रारूप तैयार किया था। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की स्वतंत्रता, इसकी संरचना तथा चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग एक स्थायी निकाय है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर निर्धारित संख्या में अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं, और मूल संविधान में ही निर्वाचन आयोग को एक बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में स्थापित किया गया था।
2. 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023' के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य आयुक्तों की चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता) और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।
3. निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा किसी भी समय पद से हटाया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के क्रम में पारित 'चार्टर अधिनियम, 1833' (Charter Act of 1833) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया, तथा देश में पहली बार ऐसी सरकार का निर्माण किया गया जिसका अधिकार क्षेत्र संपूर्ण ब्रिटिश भारत के नियंत्रण पर था और लॉर्ड विलियम बैंटिक देश के पहले 'भारत के गवर्नर-जनरल' बने।
2. इस अधिनियम ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की एक व्यापारिक निकाय के रूप में बची हुई गतिविधियों को भी पूरी तरह समाप्त कर दिया और इसे विशुद्ध रूप से एक प्रशासनिक निकाय बना दिया गया, जिसके तहत यह प्रावधान किया गया कि कंपनी द्वारा अधिकार में रखे गए भारतीय क्षेत्र ब्रिटिश सम्राट के नाम पर न्यास (Trust) के रूप में रखे जाएंगे।
3. इस अधिनियम के अंतर्गत सिविल सेवकों के चयन के लिए 'खुली प्रतियोगिता प्रणाली' (Open Competition System) का आरंभ किया गया, जिसके माध्यम से भारतीयों को भी बिना किसी भेदभाव के उच्च प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति का पूर्ण अधिकार मिल गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति की विधायी शक्तियों, अध्यादेश निर्माण तथा प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 123 के अधीन राष्ट्रपति की अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति संसद की विधि बनाने की शक्ति के सह-विस्तृत (Co-extensive) है, जिसका तात्पर्य यह है कि राष्ट्रपति उन सभी विषयों पर अध्यादेश जारी कर सकता है जिन पर संसद कानून बना सकती है, और इसके द्वारा संविधान के किसी भी प्रावधान (मौलिक अधिकारों सहित) में संशोधन किया जा सकता है।
2. मंत्रिपरिषद के सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत (अनुच्छेद 75(3)) के अनुसार, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद संसद के निचले सदन यानी लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ है कि यदि लोकसभा में किसी एक कैबिनेट मंत्री के विरुद्ध भी अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।
3. अनुच्छेद 78 के प्रावधानों के तहत प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन और विधान संबंधी प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करे, और यदि राष्ट्रपति ऐसी कोई सूचना माँगता है, तो उसे उपलब्ध कराए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) और केंद्र-राज्य प्रशासनिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और यह परिषद् एक स्थायी संवैधानिक निकाय (Constitutional Body) है जिसका मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच करना और उन पर अंतिम एवं बाध्यकारी निर्णय देना है।
2. अंतर-राज्यीय परिषद् की बैठकों की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा की जाती है, और इस परिषद् में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री तथा संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासक इसके सदस्य के रूप में शामिल होते हैं।
3. अनुच्छेद 263 के तहत स्थापित इस परिषद् की प्रकृति मुख्य रूप से संस्तुति प्रदान करने वाली (Advisory) है, न कि न्यायिक निर्णय देने वाली।
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शिक्षा किस सूची में है?
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