BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
10 views

भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण के साथ-साथ राज्यों की पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनावों का अधीक्षण और संचालन भी करता है।
  2. 2. वर्ष 1989 तक निर्वाचन आयोग मुख्य रूप से एक एकल-सदस्यीय निकाय था, किंतु अक्टूबर 1989 में राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 324(2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति करके इसे बहु-सदस्यीय निकाय बना दिया, जिसे बाद में 1993 में वैधानिक रूप से स्थायी बहु-सदस्यीय आयोग बना दिया गया।
  3. 3. वर्ष 2023 में अधिनियमित मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के अनुसार, चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता) और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं, और इस समिति की संस्तुति पर राष्ट्रपति द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 324 संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का जिम्मा निर्वाचन आयोग को देता है, किंतु राज्यों की पंचायतों और नगरपालिकाओं (स्थानीय निकायों) के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) द्वारा किया जाता है, जिसका प्रावधान अनुच्छेद 243K और 243ZA के तहत किया गया है। कथन 2 सत्य है; 1989 तक निर्वाचन आयोग एक सदस्यीय था, अक्टूबर 1989 में राष्ट्रपति ने दो अन्य आयुक्त नियुक्त किए, और 1993 के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (सेवा शर्तें) अधिनियम के माध्यम से इसे स्थायी रूप से बहु-सदस्यीय बना दिया गया। कथन 3 सत्य है क्योंकि नए 2023 अधिनियम के तहत चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष का नेता और एक कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

भारतीय संविधान के भाग XVII (राजभाषा) और संविधान की विभिन्न अनुसूचियों तथा भागों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 344 के अंतर्गत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्रदान की गई है कि वह संविधान के प्रारंभ से पाँच वर्ष की अवधि समाप्त होने पर और उसके ठीक दस वर्ष पश्चात एक राजभाषा आयोग (Official Language Commission) का गठन करेगा, तथा इस आयोग की संस्तुतियों की जाँच के लिए संसद के दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति के गठन का भी प्रावधान है। 2. आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर विभिन्न संविधान संशोधनों द्वारा जोड़ा गया; जैसे—सिंधी भाषा को 21वें संविधान संशोधन द्वारा, कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को 71वें संविधान संशोधन द्वारा, तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 92वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया। 3. भारतीय संविधान के भाग XV के अंतर्गत निर्वाचन आयोग का प्रावधान है, भाग XVI के अंतर्गत कुछ वर्गों से संबंधित विशेष उपबंध (जैसे SC, ST, Anglo-Indian) दिए गए हैं, और भाग XVIII पूरी तरह से आपातकालीन उपबंधों से संबंधित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) और केंद्र-राज्यीय प्रशासनिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और यदि राष्ट्रपति को यह प्रतीत होता है कि ऐसी परिषद् की स्थापना से लोकहित होगा, तो वह संघ और राज्यों के बीच अथवा राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले उन विवादों की जाँच कर सकता है और उन पर सलाह दे सकता है जिनका स्वरूप विशुद्ध रूप से कानूनी (Legal) होता है। 2. अंतर-राज्यीय परिषद् की बैठकों की अध्यक्षता भारत के प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है, और इस परिषद् के स्थायी सदस्यों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री (जहाँ विधानसभा है), तथा प्रधानमंत्री द्वारा मनोनीत केंद्रीय मंत्रिपरिषद के कैबिनेट स्तर के छह मंत्री शामिल होते हैं। 3. सरकारी आयोग (Sarkaria Commission) ने अपनी रिपोर्ट में यह संस्तुति की थी कि अंतर-राज्यीय परिषद् को एक स्थायी निकाय (Permanent Body) के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए, जिसे वर्ष 1990 में राष्ट्रपति के आदेश द्वारा 'अंतर-राज्यीय परिषद् आदेश, 1990' के माध्यम से औपचारिक रूप से अस्तित्व में लाया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के कुल सदस्यों में से ब्रिटिश प्रांतों के प्रतिनिधियों का चयन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति (अपरिवर्तनीय एकल संक्रमणीय मत) के माध्यम से किया जाना था, जबकि देशी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा नामित किया जाना था। 2. संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी, जिसमें संविधान सभा के सदस्यों द्वारा भारतीय संविधान पर हस्ताक्षर किए गए और इसी दिन संविधान सभा का अस्तित्व समाप्त हो गया, हालांकि यह सभा प्रथम आम चुनावों के पश्चात नई संसद के गठन तक अंतरिम संसद के रूप में कार्य करती रही। 3. संविधान सभा द्वारा कुल 22 मुख्य समितियों (Committees) का गठन किया गया था, जिसमें संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे, प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे, और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) और केंद्र-राज्यीय विधायी तथा प्रशासनिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को लोकहित में अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्रदान की गई है, तथा यह परिषद् केवल एक विधिक (Statutory) निकाय है क्योंकि इसका गठन वर्ष 1990 में राष्ट्रपति द्वारा सरकारी आयोग (Sarkaria Commission) की संस्तुति के पश्चात एक कार्यकारी संकल्प के माध्यम से किया गया था, न कि सीधे संविधान के अनुच्छेद द्वारा स्वतः। 2. अंतर-राज्यीय परिषद् की संरचना में प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री इसके सदस्य होते हैं, तथा राष्ट्रपति द्वारा मंत्रिमंडल के स्तर के छह मंत्री भी इसके सदस्यों के रूप में नामित किए जाते हैं। 3. अनुच्छेद 263 के तहत अंतर-राज्यीय परिषद् की मुख्य भूमिका राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करना, ऐसे विषयों पर चर्चा करना जिनमें राज्यों या केंद्र और एक या अधिक राज्यों के सामान्य हित हों, तथा बेहतर समन्वय के लिए नीतिगत सिफारिशें देना है, और इस परिषद् द्वारा दिया गया प्रत्येक निर्णय या आदेश सभी संबंधित राज्यों और केंद्र सरकार पर कानूनी रूप से बाध्यकारी (Binding) होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के विभिन्न प्रावधानों, राजभाषा, राजनीतिक दलों के विधिक नियमों तथा संविधान की अनुसूचियों और भागों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संविधान संशोधनों के माध्यम से जोड़ा गया, तथा वर्तमान में इसमें कुल 22 भाषाएँ हैं, किंतु 'अंग्रेजी' और 'राजस्थानी' भाषाएँ इस अनुसूची में शामिल नहीं हैं। 2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, किंतु किसी पंजीकृत दल को 'राष्ट्रीय दल' (National Party) के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम चार राज्यों में लोकसभा या विधानसभा चुनावों में कुल वैध मतों का कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्त करे और साथ ही कम से कम चार राज्यों से लोकसभा में चार सांसद निर्वाचित करे। 3. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 348 में यह उपबंध किया गया है कि उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ तथा संसद और राज्य विधानमंडलों द्वारा पारित प्रत्येक अधिनियम का प्राधिकृत पाठ अंग्रेजी भाषा में ही होगा, जब तक कि संसद विधि द्वारा कोई अन्य प्रावधान न करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.