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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा के गठन और इसकी निर्माण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के एकल संक्रमणीय मत द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश भारत के प्रांतों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटें आवंटित की गई थीं।
  2. 2. संविधान सभा में रियासतों (Princely States) के प्रतिनिधियों का चयन संबंधित रियासतों के शासकों द्वारा नामांकित किया जाना था, और शुरुआती दौर में रियासतों ने संविधान सभा की बैठकों में भाग लेने से इनकार कर दिया था।
  3. 3. संविधान सभा की कुल 389 सदस्यों की निर्धारित संख्या में से ब्रिटिश प्रांतों को 296 सीटें और देशी रियासतें को 93 सीटें आवंटित की गई थीं, तथा 296 ब्रिटिश प्रांतीय सीटों में से प्रत्येक प्रांत को केवल तीन प्रमुख समुदायों - मुस्लिम, सिख और सामान्य - की जनसंख्या के आधार पर सीटें बांटी गई थीं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना (1946) की संस्तुतियों के आधार पर किया गया था। इसके सदस्यों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के माध्यम से हुआ था। रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन शासकों द्वारा किया जाना था और प्रारंभ में उन्होंने संविधान सभा से दूरी बनाए रखी थी। सीटों का आवंटन मुस्लिम, सिख और सामान्य (मुस्लिम व सिख को छोड़कर अन्य सभी) तीन प्रमुख समुदायों के आधार पर किया गया था। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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