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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति की पदावधि, प्रधानमंत्री की नियुक्ति और संघीय मंत्रिपरिषद की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 67 के अनुसार उपराष्ट्रपति अपने पद ग्रहण करने की तारीख से पाँच वर्ष की अवधि तक पद धारण करता है, किंतु वह राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपने पद का त्याग कर सकता है, या उसे राज्य सभा के ऐसे प्रस्ताव द्वारा उसके पद से हटाया जा सकता है जिसे राज्य सभा के तत्कालिक सभी सदस्यों के बहुमत ने पारित किया हो और जिससे लोक सभा सहमत हो, जिसके लिए कम से कम चौदह दिन पूर्व की लिखित सूचना देना अनिवार्य होता है।
- 2. अनुच्छेद 75(1) के अंतर्गत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करता है, तथा संवैधानिक रूप से यह पूरी तरह अनिवार्य है कि प्रधानमंत्री या मंत्रिपरिषद का कोई भी अन्य मंत्री अपने पद की शपथ ग्रहण करने के समय संसद के किसी न किसी सदन (लोक सभा या राज्य सभा) का सदस्य अवश्य होना चाहिए, अन्यथा वह छह महीने के भीतर भी पद पर बने रहने का पात्र नहीं रहता है।
- 3. अनुच्छेद 75(3) के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि यदि लोक सभा में मंत्रिपरिषद के विरुद्ध कोई अविश्वास प्रस्ताव (No-confidence Motion) पारित हो जाता है, तो संपूर्ण मंत्रिपरिषद को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ता है, और इस सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत यह भी सुनिश्चित करता है कि मंत्रिमंडल का कोई भी निर्णय यदि एक बार कैबिनेट द्वारा ले लिया जाए, तो प्रत्येक मंत्री उसके प्रति संसद के भीतर और बाहर एकजुट रूप से बाध्य होता है, भले ही आंतरिक बैठकों में उसका मतभेद क्यों न रहा हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 67 के अनुसार उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटाने के लिए राज्य सभा के ऐसे संकल्प द्वारा हटाया जा सकता है जिसे राज्य सभा के तत्कालीन सभी सदस्यों के बहुमत (Effective Majority) द्वारा पारित किया गया हो और जिससे लोक सभा सहमत हो। इसके लिए चौदह दिन पूर्व की लिखित सूचना देना अनिवार्य है।
कथन 2 गलत है: संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री या कोई भी मंत्री बनने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह नियुक्ति के समय संसद के किसी सदन का सदस्य हो। यदि कोई व्यक्ति संसद का सदस्य नहीं है, तो भी वह मंत्री बन सकता है, बशर्ते उसे नियुक्ति की तारीख से छह महीने के भीतर संसद के किसी न किसी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है (अनुच्छेद 75(5))।
कथन 3 सही है: अनुच्छेद 75(3) के अंतर्गत मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी होती है। इसका तात्पर्य यह है कि लोक सभा द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत अध्यायों का अध्ययन करें।
कथन 2 गलत है: संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री या कोई भी मंत्री बनने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह नियुक्ति के समय संसद के किसी सदन का सदस्य हो। यदि कोई व्यक्ति संसद का सदस्य नहीं है, तो भी वह मंत्री बन सकता है, बशर्ते उसे नियुक्ति की तारीख से छह महीने के भीतर संसद के किसी न किसी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है (अनुच्छेद 75(5))।
कथन 3 सही है: अनुच्छेद 75(3) के अंतर्गत मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी होती है। इसका तात्पर्य यह है कि लोक सभा द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत अध्यायों का अध्ययन करें।
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) की नियुक्ति कौन करता है?
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भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया और सदनों की संयुक्त बैठकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत राष्ट्रपति किसी साधारण विधेयक पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न होने पर संयुक्त बैठक आहूत कर सकता है, किंतु यह प्रावधान धन विधेयक (Money Bill) और संविधान संशोधन विधेयक (Constitutional Amendment Bill) पर लागू नहीं होता है।
2. लोकसभा के विघटन के कारण समाप्त होने वाले विधेयकों के संबंध में नियम यह है कि राज्यसभा में लंबित ऐसा विधेयक जिसे लोकसभा ने पारित नहीं किया है, लोकसभा के विघटन के बाद भी व्यपगत (Lapse) नहीं होता है।
3. लोकसभा द्वारा पारित और राज्यसभा में विचाराधीन कोई ऐसा साधारण विधेयक जो राज्यसभा द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया हो, लोकसभा के विघटन पर व्यपगत हो जाता है, भले ही राष्ट्रपति ने संयुक्त बैठक बुलाने की अपनी मंशा की सूचना न दी हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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राज्यसभा सीटें आवंटित होती हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों (अनुच्छेद 5-11) और नागरिकता (संशोधन) अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाएगी, और यह नियम भारत के बाहर जन्मे उन सभी व्यक्तियों पर भी लागू होता है जो पंजीकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करना चाहते हैं।
2. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के अंतर्गत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के प्रवासियों को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और उन्हें देशीयकरण (Naturalisation) के माध्यम से नागरिकता प्राप्त करने के लिए निर्धारित निवास की सामान्य अवधि (11 वर्ष) को छूट देकर 5 वर्ष कर दिया गया है।
3. अनुच्छेद 11 के तहत भारतीय संसद को नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में विधि बनाने की संपूर्ण और अनन्य शक्ति प्रदान की गई है, और इस संवैधानिक शक्ति के प्रयोग में संसद द्वारा पारित किसी भी कानून की न्यायिक समीक्षा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नहीं की जा सकती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति की शक्तियों, प्रधानमंत्री के कर्तव्यों तथा मंत्रिपरिषद की सामूहिक उत्तरदायित्व और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 69 के अनुसार उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते समय या उसके कृत्यों का निर्वहन करते समय राज्य सभा के सभापति के कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा और न ही वह उस अवधि के दौरान राज्य सभा के सभापति को मिलने वाले वेतन या भत्ते का हकदार होगा।
2. संविधान के अनुच्छेद 75(2) के प्रावधान के अनुसार मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, जिसका अर्थ है कि प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत सलाह के बिना भी राष्ट्रपति किसी भी मंत्री को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर सकता है, क्योंकि यह राष्ट्रपति का एक विवेकशील (Discretionary) संवैधानिक अधिकार है।
3. संविधान के अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री का यह दायित्व है कि यदि राष्ट्रपति किसी विषय पर मंत्रिपरिषद के विचार के लिए संसूचित करने की अपेक्षा करे, तो प्रधानमंत्री उसे उस विषय को मंत्रिपरिषद के समक्ष रखने के लिए बाध्य है, हालांकि यदि मंत्रिपरिषद उस पर कोई निर्णय न ले, तब भी प्रधानमंत्री अपनी इच्छा से राष्ट्रपति को निर्णय दे सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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