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Indian Polity
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संवैधानिक ढांचे, उनके दायित्वों तथा वित्तीय उत्तरदायित्वों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अंतर्गत नियुक्त महान्यायवादी को भारत सरकार का विधिक सलाहकार होने के नाते देश के किसी भी न्यायालय में सुनवाई का अधिकार है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में भाग लेने और बोलने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) की बैठकों में मतदान करने का अधिकार भी प्राप्त होता है।
  2. 2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) द्वारा केंद्र सरकार के खातों से संबंधित लेखापरीक्षा रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी जाती है, जो उसे संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाते हैं, जबकि राज्यों के खातों से संबंधित रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी जाती है, जो उसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं।
  3. 3. सीएजी का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) होता है, और सेवानिवृत्ति के पश्चात सीएजी भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के अन्य लाभ के पद (Office of Profit) को ग्रहण करने के लिए पात्र नहीं होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 88 के अनुसार महान्यायवादी को संसद के सदनों या उसकी किसी समिति (जैसे लोक लेखा समिति) में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु उसे किसी भी स्थिति में संसद में 'मतदान' करने का कोई अधिकार नहीं है। कथन 2 सत्य है; CAG केंद्र की ऑडिट रिपोर्ट राष्ट्रपति को और राज्यों की रिपोर्ट संबंधित राज्यपाल को सौंपता है। कथन 3 सत्य है क्योंकि सीएजी की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए उसे सेवानिवृत्ति के बाद सरकार के अधीन किसी भी पद पर नियुक्त किए जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के प्रावधानों का अध्ययन करें।
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भारतीय संविधान के प्रथम भाग के अंतर्गत 'संघ और उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 2 के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना ऐसे निबंधनों और शक्तियों पर कर सके जो वह ठीक समझे, जबकि अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को किसी राज्य के नाम, सीमा या क्षेत्र में परिवर्तन करने की विधाई शक्ति प्रदान की गई है। 2. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत किसी नए राज्य के निर्माण या किसी राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम में परिवर्तन करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से ही कोई विधेयक संसद के किसी भी सदन में पुनरस्थापित किया जा सकता है, और ऐसा विधेयक प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति के लिए संबंधित राज्य के विधानमंडल का विचार प्राप्त करना अनिवार्य है, भले ही उस राज्य विधानमंडल द्वारा व्यक्त की गई राय संसद पर बाध्यकारी न हो। 3. अनुच्छेद 4 के अनुसार, अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन नए राज्यों के प्रवेश या गठन तथा सीमाओं और नामों में परिवर्तन करने के लिए बनाई गई विधियों को संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रयोजन के लिए 'संविधान संशोधन' माना जाएगा, जिसके लिए विशेष बहुमत और आधे राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 1955 के विभिन्न आयामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 8 भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों (PIOs) के नागरिकता के अधिकारों से संबंधित है, जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी में से कोई भी अविभाजित भारत में पैदा हुआ था, तो वह भारत का नागरिक माना जाएगा, बशर्ते उसने भारत के राजनयिक या कौंसुलरी प्रतिनिधि के पास पंजीकरण करा लिया हो, चाहे संविधान लागू होने से पहले या उसके पश्चात। 2. नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत 'देशीकरण द्वारा' (By Naturalization) नागरिकता प्राप्त करने के लिए यह एक अनिवार्य शर्त है कि आवेदक किसी ऐसे देश का नागरिक न हो जहाँ भारतीय नागरिकों को देशीकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने से प्रतिबंधित किया गया हो, तथा उसे भारत में कम से कम 12 वर्षों तक सामान्य रूप से निवास करना अनिवार्य होता है। 3. नागरिकता अधिनियम, 1955 (समय-समय पर संशोधित) के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता 'वंचना द्वारा' (By Deprivation) समाप्त कर दी जाती है, जिसकी घोषणा केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित करके की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान की अनुसूचियों, भागों तथा राजभाषा के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संवैधानिक संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, और इसमें अंग्रेजी तथा राजस्थानी दोनों भाषाएँ आधिकारिक रूप से शामिल हैं। 2. भारतीय संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 343 से 351 तक संघ की राजभाषा से संबंधित विस्तृत प्रावधान किए गए हैं, जिसके तहत संविधान के अनुच्छेद 351 में यह निर्देश दिया गया है कि संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके। 3. संविधान की दसवीं अनुसूची, जिसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया था, दलबदल के आधार पर संसद और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों की निर्हता से संबंधित उपबंध करती है, तथा इसके तहत पीठासीन अधिकारी द्वारा लिए गए निर्णय की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) का अधिकार उच्चतम और उच्च न्यायालयों को प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संसद के 'उच्च सदन' (Upper House) को किस नाम से जाना जाता है? भारतीय संविधान के भाग-IVक के अंतर्गत समाविष्ट 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल कर्तव्यों को मूल संविधान का हिस्सा नहीं बनाया गया था, बल्कि इन्हें स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee) की संस्तुतियों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, तथा वर्तमान में अनुच्छेद 51क के तहत कुल 11 मूल कर्तव्य नागरिकों पर आरोपित हैं। 2. ये मूल कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं, और प्रकृति से ये सभी कर्तव्य न्यायोचित (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि इनके उल्लंघन या अनुपालन न किए जाने की स्थिति में न्यायालय द्वारा सीधे रिट याचिका के माध्यम से इन्हें प्रवर्तित कराया जा सकता है। 3. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से संविधान में 11वाँ मूल कर्तव्य जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत छह से चौदh वर्ष की आयु के बीच के अपने बालक या प्रतिपाल्य (ward) को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का कर्तव्य प्रत्येक ऐसे माता-पिता या संरक्षक का होगा जो स्वयं इस आयु वर्ग में साक्षरता प्राप्त कर चुके हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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