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BPSC TRE 4.0
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) की रूपरेखा तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी हालिया रिपोर्टों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत देश में आपदा प्रबंधन के लिए त्रि-स्तरीय संस्थागत ढांचा स्थापित किया गया है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में NDMA, राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में BSDMA, तथा जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) कार्य करते हैं।
- 2. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) द्वारा अपनाए गए 'सुरक्षित बिहार, विकसित बिहार' के दृष्टिकोण के तहत जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के लिए 'बिहार आपदा जोखिम न्यूनीकरण रोडमैप' तैयार किया गया है, जिसके तहत वज્રपात (Lightning) और बाढ़ से बचाव के लिए 'इन्द्र वज्र' ऐप जैसे तकनीकी समाधानों का उपयोग किया जाता है।
- 3. भारत की नवीनतम पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट (State of Environment Report) के अनुसार, देश में जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसमी घटनाओं (Extreme Weather Events) की आवृत्ति में लगातार वृद्धि हुई है, जिसमें बिहार देश के उन राज्यों में शामिल है जो बाढ़ और सूखे दोनों ही आपदाओं से अत्यधिक संवेदनशील रूप से प्रभावित होते हैं।
- 4. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी 'इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार, बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में वनावरण और वृक्षावरण का कुल प्रतिशत राष्ट्रीय औसत (24.62%) से अधिक है, और पिछले दो वर्षों में राज्य में सर्वाधिक वन आवरण की वृद्धि रोहतास और कैमूर जिलों में दर्ज की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 असत्य है। बिहार में वनावरण और वृक्षावरण का कुल प्रतिशत अभी भी राष्ट्रीय औसत से कम है (बिहार में कुल आवरण लगभग 7.84% वनावरण है)। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत त्रि-स्तरीय ढांचे का प्रावधान है और BSDMA इस दिशा में अग्रणी कार्य कर रहा है। ऐसी ही अन्य उच्च स्तरीय शिक्षण सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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1857 के विद्रोह की असफलता का एक प्रमुख कारण क्या था?
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सत्रहवीं शताब्दी के दौरान भारत में यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के आगमन, उनकी व्यापारिक नीतियों और बस्तियों की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पुर्तगालियों के बाद भारत आने वाली दूसरी यूरोपीय शक्ति डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) थी, जिसने वर्ष 1605 में मसूलीपट्टनम में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी और उन्होंने भारतीय वस्त्रों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख वस्तु बनाया।
2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए शाही चार्टर (Royal Charter) के माध्यम से केवल 15 वर्षों के लिए पूर्व के साथ व्यापार करने का एकाधिकार मिला था, जिसे बाद में जेम्स प्रथम द्वारा 1609 में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था।
3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना जीन-बैप्टिस्ट कोल्बर्ट की प्रेरणा से 1664 में लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी, और फ्रांसिस कैरो ने 1668 में सूरत में फ्रांसीसी कंपनी की पहली फैक्ट्री स्थापित की थी।
4. डेनिश (डेनमार्क) ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1620 में तंजौर जिले के ट्रेंक्यूबार (Tranquebar) में स्थापित की थी, किंतु वे भारत में अपने व्यापारिक प्रभाव को अधिक समय तक स्थायित्व नहीं दे पाए और अंततः अपनी सभी फैक्ट्रियों को अंग्रेजों को बेचकर स्वदेश लौट गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) तथा संघ एवं राज्य क्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान की उद्देशिका को अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संशोधित किया गया है, जिसके तहत इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, और उद्देशिका न्यायालय में गैर-न्यायोज्य (Non-justiciable) है।
2. भारतीय संघ के नए राज्यों के निर्माण या वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित विधेयक (अनुच्छेद 3 के तहत) को संसद में प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, और इस प्रकार के विधेयक को पारित करने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत (Two-thirds majority) का होना अनिवार्य है।
3. संविधान के अनुच्छेद 2 के अंतर्गत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा 'संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना' कर सकती है, जो कि उन बाहरी क्षेत्रों से संबंधित है जो भारतीय संघ का हिस्सा नहीं थे।
4. बेरूबारी यूनियन मामले (1960) में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि भारतीय भू-भाग के किसी हिस्से को विदेशी राज्य को सौंपने (Cession of territory) के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता नहीं होती है, इसे केवल कार्यपालिका के सामान्य आदेश द्वारा ही संपन्न किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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वायुमंडल के दाब पेटियों (Pressure Belts), आर्द्रता एवं वैश्विक पवन संचार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विषुवतीय निम्न दाब पेटी (डोलड्रम) एक तापीय रूप से प्रेरित पेटी है, जहाँ सूर्य की किरणें वर्षभर लंबवत पड़ने के कारण उच्च तापमान रहता है, जिससे हवाएँ गर्म होकर ऊपर उठती हैं और यहाँ क्षैतिज पवनों का पूर्ण अभाव होता है।
2. उपोष्ण उच्च दाब पेटी से उपध्रुवीय निम्न दाब पेटी की ओर चलने वाली स्थायी पवनों को 'पछुआ पवनें' (Westerlies) कहा जाता है, तथा पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न कोरिऑलिस बल (Coriolis Force) के प्रभाव से ये उत्तरी गोलार्ध में दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर विक्षेपित हो जाती हैं।
3. उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones) के विकास के लिए समुद्र की सतह का तापमान न्यूनतम 27°C होना आवश्यक है, तथा कोरियोलिस बल की अनुपस्थिति के कारण ये चक्रवात भूमध्य रेखा के ठीक 0° से 5° अक्षांश के बीच सर्वाधिक तीव्रता से विकसित होते हैं।
4. सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity) किसी निश्चित तापमान पर वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता का अनुपात होती है, जो तापमान में वृद्धि के साथ घटती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान राजकुमार शुक्ल के विशेष अनुरोध पर महात्मा गांधी कलकत्ता से पटना पहुँचे थे, जहाँ ब्रजकिशोर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह जैसे प्रख्यात वकीलों ने उनके साथ मिलकर चंपारण के किसानों की समस्याओं की जाँच का नेतृत्व किया था।
2. चंपारण कृषि अधिनियम (Champaran Agrarian Act, 1918) ने 'तीनकठिया पद्धति' को अवैध घोषित कर दिया, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करने के लिए बाध्य किया जाता था, और इस अधिनियम के बनने के बाद यूरोपीय बागान मालिकों को अवैध वसूली का एक हिस्सा किसानों को वापस करना पड़ा था।
3. वर्ष 1922 में गया में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता देशबंधु चित्तरंजन दास ने की थी, जिसमें विधानमंडलों में प्रवेश के मुद्दे पर स्वराज पार्टी के गठन की रूपरेखा तैयार की गई थी और बिहार के नेताओं ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
4. वर्ष 1934 में पटना में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ऐतिहासिक अधिवेशन के दौरान ही औपचारिक रूप से 'कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी' (CSP) की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण और प्रथम सचिव आचार्य नरेंद्र देव बनाए गए थे।
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