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BPSC TRE 4.0
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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और ऐतिहासिक घटनाओं के विविध आयामों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1928 में भारत आए 'साइमन कमीशन' (Simon Commission) का मुख्य उद्देश्य वर्ष 1919 के मोंटैगू-चेम्सफोर्ड सुधारों (भारत सरकार अधिनियम, 1919) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना था, और चूँकि इस आयोग में सभी सात सदस्य ब्रिटिश (श्वेत) थे, इसलिए कांग्रेस सहित सभी प्रमुख दलों ने 'साइमन वापस जाओ' के नारों के साथ इसका पूर्ण बहिष्कार किया था।
  2. 2. वर्ष 1929 के ऐतिहासिक लाहौर अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में 'पूर्ण स्वराज' (Complete Independence) का प्रस्ताव पारित किया गया था, और इसी अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी 1930 को पूरे देश में प्रथम 'स्वाधीनता दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।
  3. 3. मार्च 1931 में संपन्न कराची अधिवेशन (जिसकी अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी) में मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय आर्थिक नीति से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए थे, तथा इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस ने गांधी-इरविन समझौते को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया था।
  4. 4. वर्ष 1932 में लंदन में आयोजित 'तृतीय गोलमेज सम्मेलन' (Third Round Table Conference) में कांग्रेस की ओर से महात्मा गांधी ने एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था, जबकि मुस्लिम लीग और रियासतों के प्रतिनिधियों ने इस सम्मेलन का पूरी तरह से बहिष्कार किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 असत्य है। वर्ष 1932 में आयोजित तृतीय गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस ने भाग नहीं लिया था; महात्मा गांधी ने केवल 'द्वितीय गोलमेज सम्मेलन' (1931) में भाग लिया था। तृतीय गोलमेज सम्मेलन का कांग्रेस द्वारा पूर्ण बहिष्कार किया गया था। इस प्रकार के महत्वपूर्ण और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर विजिट करें।
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