त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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बिहार के प्रमुख उद्योगों, खनिज संपदा और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार में पाइराइट्स (Pyrites) का एकाधिकार प्राप्त भंडार मुख्य रूप से रोहतास जिले के अमझोर क्षेत्र में स्थित है, जिसका उपयोग सल्फर और सल्फ्यूरिक एसिड के उत्पादन में किया जाता है, तथा चूना पत्थर (Limestone) का मुख्य भंडार कैमूर और रोहतास जिलों में विंध्यन शैल समूह के अंतर्गत पाया जाता है।
- 2. बरौनी तेल शोधक कारखाना (IOCL), जिसकी स्थापना सोवियत संघ (USSR) और रोमानिया के तकनीकी सहयोग से की गई थी, को कच्चे तेल की आपूर्ति मुख्य रूप से असम के नाहरकटिया तेल क्षेत्र से बरौनी तक बिछाई गई पाइपलाइन के माध्यम से की जाती है।
- 3. बिहार में ऊर्जा संसाधनों के विकास के तहत कहलगांव (भागलपुर), बरौनी (बेगूसराय) और नवीनगर (औरंगाबाद) में बड़े ताप विद्युत संयंत्र संचालित हैं, जबकि काजरा (लखीसराय) और पीरपैंती (भागलपुर) में नए सौर और थर्मल ऊर्जा पार्कों की स्थापना की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
- 4. राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के लिए बिहार सरकार द्वारा मक्का, मखाना और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु पूर्णिया और कटिहार क्षेत्रों में विशेष रूप से कृषि-औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जबकि जमुई जिले में देश के सबसे बड़े स्वर्ण रिजर्व (सोने के भंडार) की खोज की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। बिहार में खनिज संसाधन सीमित मात्रा में हैं, किंतु रोहतास का अमझोर क्षेत्र पाइराइट्स के लिए देश भर में प्रसिद्ध है। चूना पत्थर विंध्यन क्रम की चट्टानों में कैमूर और रोहतास में मिलता है। बरौनी रिफाइनरी असम के तेल क्षेत्रों से जुड़ी है। कहलगांव, बरौनी और नवीनगर प्रमुख ताप विद्युत केंद्र हैं, और जमुई में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार पाया गया है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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ब्रिटिश भारत के गवर्नर-जनरल और वायसराय के कार्यकाल, उनके द्वारा लागू की गई नीतियों तथा महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के तहत बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' बनाया गया, और इस पद पर आसीन होने वाले प्रथम व्यक्ति वॉरेन हेस्टिंग्स थे, जिन्होंने द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त किया और जिला कलेक्टरों के पद का सृजन किया था।
2. लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835) के कार्यकाल में वर्ष 1829 के नियम XVII (सत्रह) के द्वारा सती प्रथा को पूर्णतः प्रतिबंधित और अवैध घोषित किया गया था, जिसमें राजा राममोहन राय ने महत्वपूर्ण सामाजिक सुधारक की भूमिका निभाई थी।
3. लॉर्ड डलहौजी (1848-1856) द्वारा अपनाई गई 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सतारा, नागपुर और झाँसी के साथ-साथ वर्ष 1856 में कुशासन (Misgovernance) के आधार पर अवध का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय कर दिया गया था, जो आगे चलकर 1857 की क्रांति के प्रमुख कारणों में से एक बना।
4. लॉर्ड लिटन (1876-1880) के कार्यकाल में 'वर्नाक्यूलर प्रेस Act' पारित किया गया था, किंतु इसके ठीक विपरीत लॉर्ड रिपन (1880-1884) ने इस अधिनियम को रद्द कर दिया, स्थानीय स्वशासन की शुरुआत की और प्रथम नियमित जनगणना (1881) करवाई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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