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BPSC TRE 4.0
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राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों तथा संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 2024 में आयोजित 19वें जी20 (G20) शिखर सम्मेलन की मेजबानी रियो डी जेनेरियो, ब्राजील द्वारा की गई थी, जिसकी मुख्य थीम 'एक न्यायसंगत दुनिया और एक टिकाऊ ग्रह का निर्माण' थी, और इसी सम्मेलन के दौरान वैश्विक भूख और गरीबी के खिलाफ 'ग्लोबल अलायंस' की शुरुआत की गई।
- 2. 'संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन' (UNFCCC) के अंतर्गत आयोजित COP29 (2024) सम्मेलन का आयोजन बाकू, अजरबैजान में किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्तपोषण के नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (NCQG) के तहत प्रतिवर्ष 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने पर सहमति बनी।
- 3. ब्रिक्स (BRICS) संगठन के विस्तार के बाद, 16वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वर्ष 2024 में कज़ान, रूस में आयोजित किया गया था, जिसमें मिस्र, ईरान, इथियोपिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने पूर्ण सदस्य के रूप में पहली बार शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
- 4. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय गुरुग्राम, भारत में स्थित है, और इसके चौथे संशोधन फ्रेमवर्क समझौते के तहत अब संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश इस गठबंधन के सदस्य बनने के पात्र हो गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 19वां G20 शिखर सम्मेलन ब्राजील में हुआ जहाँ 'ग्लोबल अलायंस Against Hunger and Poverty' लॉन्च किया गया। COP29 बाकू (अजरबैजान) में आयोजित हुआ जिसमें NCQG के तहत 300 बिलियन डॉलर प्रति वर्ष का जलवायु वित्त लक्ष्य तय हुआ। 16वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2024 कज़ान (रूस) में हुआ जिसमें नए 5 देशों ने पूर्ण सदस्य के रूप में भाग लिया। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का मुख्यालय गुरुग्राम में है और इसके संशोधित नियमों के अनुसार अब संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश इसके सदस्य बन सकते हैं। ऐसी ही अन्य उच्च स्तरीय अभ्यास सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक और नैनो-प्रौद्योगिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के प्रक्षेपण वाहनों में उपयोग होने वाले क्रायोजेनिक इंजन (Cryogenic Engine) में तरल हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में तथा तरल ऑक्सीजन को ऑक्सीकारक के रूप में अत्यधिक निम्न तापमान पर प्रयोग किया जाता है, जो केवल उच्च थ्रस्ट प्रदान करने वाले उप-कक्षाीय (Sub-orbital) मिशनों के लिए ही अनिवार्य है।
2. 'स्टार्टअप ब्लूप्रिंट' के तहत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित 'स्माल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल' (SSLV) को कम लागत में 500 किलोग्राम तक के उपग्रहों को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित करने के लिए अभिकल्पित किया गया है, तथा इसमें तीव्र टर्नअराउंड समय की खूबी है।
3. नैनो-प्रौद्योगिकी के अंतर्गत कार्बन नैनोट्यूब (Carbon Nanotubes) अपनी उच्च तन्य शक्ति, विद्युत और उष्मीय चालकता के कारण अंतरिक्ष लिफ्ट (Space Elevator) के निर्माण तथा उन्नत कंपोजिट सामग्रियों में अत्यधिक उपयोगी माने जाते हैं।
4. ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) के विपरीत, भारत की स्वदेशी नौवहन प्रणाली 'नाविक' (NavIC) में भू-स्थिर (GEO) और भू-तुल्यकालिक (GSO) कक्षाओं में स्थापित उपग्रहों का संयोजन उपयोग किया जाता है, जो भारतीय मुख्य भूमि और उसके आसपास 1,500 किलोमीटर के दायरे में सटीक स्थिति निर्धारण सेवा प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न कालों, राजवंशों तथा सांस्कृतिक एवं आर्थिक गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य साम्राज्य के प्रशासनिक तंत्र में 'अध्यक्ष' विभिन्न विभागों के अधीक्षक (Superintendents) होते थे, जिनका मुख्य कार्य कृषि, व्यापार, नौकायन और खनन जैसी आर्थिक गतिविधियों का नियंत्रण और नियमन करना था, जैसा कि कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में वर्णित है।
2. गुप्त काल के दौरान भूमि अनुदान (Land Grants) की प्रथा में व्यापक वृद्धि हुई, जिसमें 'अग्रहार' अनुदान मुख्य रूप से ब्राह्मणों और धार्मिक संस्थानों को दिए जाने वाले कर-मुक्त भूमि अनुदान थे, जबकि 'निबी-धर्म' का अर्थ ऐसी भूमि से था जिसे प्राप्तकर्ता केवल भोग सकता था, उसे बेचने या किसी अन्य को हस्तांतरित करने का कोई अधिकार नहीं था।
3. सातवाहन वंश के शासकों ने शीशे (Lead), तांबे और प्रोटीन के सिक्कों का बड़े पैमाने पर प्रचलन किया था, तथा उन्होंने ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि देने की परंपरा की शुरुआत की थी, जिसका विस्तृत उल्लेख नानाघाट और नासिक के अभिलेखों में मिलता है।
4. संगम काल के दौरान दक्षिण भारत में रोम और पश्चिमी देशों के साथ अत्यधिक समृद्ध विदेशी व्यापार होता था, जिसका मुख्य केंद्र केरल तट पर स्थित 'मुजिरीस' (Muziris) था, और इस व्यापार की पुष्टि प्लिनी के प्राकृतिक इतिहास (Naturalis Historia) तथा पुरातात्विक उत्खनन में मिले रोमन मृद्भांडों (Amphorae) से होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त 'मूल अधिकार', 'राज्य के नीतिनिदेशक तत्व (DPSP)' तथा 'मूल कर्त्तव्य' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल अधिकार संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से प्रेरित हैं और ये न्यायोचित (Justiciable) हैं, जबकि राज्य के नीतिनिदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान से लिए गए हैं और गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) होने के बावजूद देश के शासन में मूलभूत हैं।
2. स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुतियों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में भाग IV-A और अनुच्छेद 51-A जोड़ा गया, जिसके तहत प्रारंभ में 10 मूल कर्तव्य थे, जिन्हें बाद में 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा बढ़ाकर 11 कर दिया गया।
3. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार में 'शिक्षा का अधिकार' मूल रूप से शामिल था, जिसे बाद में संसद द्वारा बिना किसी संविधान संशोधन के केवल एक सामान्य अधिनियम पारित करके मौलिक अधिकार बना दिया गया था।
4. नीतिनिदेशक तत्वों में शामिल 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code) का उल्लेख अनुच्छेद 44 में किया गया है, जो कि एक न्यायोचित प्रावधान है और इसे लागू करने के लिए राज्य सरकारें बाध्य हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की कला, संस्कृति एवं लोक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'विदेशिया' लोक नाट्य शैली के प्रणेता भिखारी ठाकुर हैं, जिन्हें ग्रामीण समाज में पलायन, स्त्री विमर्श और सामाजिक कुप्रथाओं के सजीव मंचन के लिए 'भोजपुरी का शेक्सपियर' कहा जाता है।
2. बिहार के लोक पर्व 'छठ पूजा' में प्रकृति की आराधना के तहत कार्तिक और चैत्र मास में षष्ठी तिथि को डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, और यह पर्व पूर्णतः किसी मूर्तिपूजा पर आधारित न होकर सूर्य ऊर्जा और जल संरक्षण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है।
3. 'झिझिया नृत्य' मिथिला क्षेत्र का एक प्रसिद्ध अनुष्ठानिक लोक नृत्य है, जो अत्यधिक वर्षा और बाढ़ के समय फसल सुरक्षा के लिए भगवान इंद्र को प्रसन्न करने हेतु महिलाओं द्वारा सिर पर जलते हुए दीयों का घड़ा रखकर किया जाता है।
4. मंजूषा कला (Manjusha Art), जिसे 'अंगिका कला' या 'स्नेक पेंटिंग' के रूप में भी जाना जाता है, मुख्य रूप से भागलपुर (अंग क्षेत्र) की एक लोक चित्रकला शैली है, जो मुख्य रूप से बिहुला-विषहरी की पौराणिक कथा पर आधारित है और इसमें केवल गुलाबी, पीले तथा हरे रंगों का प्रयोग किया जाता है।
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