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BPSC TRE 4.0
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विकासवादी जीवविज्ञान और आनुवंशिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हार्डी-वेनबर्ग साम्य् (Hardy-Weinberg Equilibrium) के सिद्धांत के अनुसार, एक बड़ी यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाली जनसंख्या में जीन आवृत्तियाँ और एलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ियाँ स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवासन और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी कारक कार्य न कर रहे हों।
  2. 2. लैमार्कवाद (Lamarckism) का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) है, जिसके अनुसार जीवनकाल में जीवों द्वारा अर्जित शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी में वंशागत होते हैं, जिसका खंडन वीज़मैन (Weismann) द्वारा अपने जर्मप्लासम सिद्धांत (Germplasm Theory) के माध्यम से किया गया था।
  3. 3. समजात अंग (Homologous Organs) वे अंग होते हैं जिनकी उत्पत्ति और मूल संरचना समान होती है किंतु उनके कार्य भिन्न होते हैं, जो अभिसारी विकास (Convergent Evolution) का एक स्पष्ट उदाहरण है।
  4. 4. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) एक यादृच्छिक प्रक्रिया है जो छोटी जनसंख्या में एलील आवृत्तियों में अचानक परिवर्तन कर सकती है, और इसके दो प्रमुख प्रभाव 'संस्थापक प्रभाव' (Founder Effect) तथा 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck Effect) हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि समजात अंग (Homologous Organs) 'अपसारी विकास' (Divergent Evolution) का उदाहरण होते हैं, न कि अभिसारी विकास का (अभिसारी विकास के अंतर्गत समवृत्ति अंग या Analogous Organs आते हैं)। अधिक अभ्यास और तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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