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BPSC TRE 4.0
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सुभाषचंद्र बोस और आज़ाद हिंद फौज (INA) के ऐतिहासिक घटनाक्रमों एवं उनके योगदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'आज़ाद हिंद फौज' की संपूर्ण कमान औपचारिक रूप से सुभाषचंद्र बोस को वर्ष 1943 के मध्य में सौंपी गई थी, जिसके पश्चात उन्होंने अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में 'अस्थाई स्वतंत्र भारत सरकार' (आर्हुत सरकार) के गठन की घोषणा की थी।
- 2. आज़ाद हिंद फौज की सैन्य टुकड़ियों ने जापानियों के सहयोग से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर नियंत्रण स्थापित किया था, जिन्हें सुभाषचंद्र बोस ने क्रमशः 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' नाम दिया था, तथा आईएनए की मुख्य सेना ने इम्फाल और कोहिमा अभियान के दौरान सबसे पहले मुख्य भारतीय भूमि पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।
- 3. वर्ष 1945 के प्रसिद्ध लाल किले के मुकदमे (Red Fort Trials) में आज़ाद हिंद फौज के शीर्ष अधिकारियों - मेजर जनरल शाहनवाज खान, कर्नल प्रेम सहगल और कर्नल गुरदयाल सिंह ढिल्लों - पर ब्रिटिश सरकार द्वारा देशद्रोह का मुकदमा चलाया गया था, जिनकी प्रतिरक्षा के लिए बनी बचाव समिति (Defense Committee) का नेतृत्व भूलाभाई देसाई ने किया था।
- 4. आज़ाद हिंद सरकार को धुरी राष्ट्रों (Axis Powers) जिनमें मुख्य रूप से जापान, जर्मनी, इटली तथा उनके सहयोगियों सहित कुल नौ देशों ने औपचारिक मान्यता प्रदान की थी, और सुभाषचंद्र बोस ने इस सरकार के सर्वोच्च कमांडर (Supreme Commander) के रूप में कार्य किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 2 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि आज़ाद हिंद फौज ने मोइरंग (मणिपुर) में भारतीय भूमि पर तिरंगा फहराया था, लेकिन इम्फाल-कोहिमा अभियान जापानी सेना के सहयोग से असफल हो गया था और मुख्य भूमि पर लंबे समय तक अधिकार नहीं रह सका था। सुभाषचंद्र बोस के नेतृत्व और आईएनए के इतिहास से जुड़े ऐसे ही गहन और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर विजिट करें।
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लीची का खाद्य भाग है
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा वर्ष 1947 के भारतीय स्वतंत्रता एवं विभाजन के ऐतिहासिक संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अगस्त 1942 में मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किए जाने के तुरंत बाद, ब्रिटिश शासन द्वारा 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत कांग्रेस के सभी प्रमुख चोटी के नेताओं को गिरफ्तार कर अज्ञात स्थानों पर नजरबंद कर दिया गया था।
2. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया में चित्तू पाड़े के नेतृत्व में, तामलुक (बंगाल) में 'जातीय सरकार' तथा सतारा (महाराष्ट्र) में 'प्रति सरकार' (यशवंतराव चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में) सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकारें थीं।
3. लार्ड माउंटबेटन द्वारा 3 जून 1947 को प्रस्तुत की गई विभाजन योजना (माउंटबेटन योजना) को कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया था, जिसके आधार पर ब्रिटिश संसद में 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' पारित किया गया, जिसके द्वारा 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान दो डोमिनियन राज्यों में विभाजित हुए।
4. पंजाब और बंगाल की सीमाओं का निर्धारण करने के लिए सर रेडक्लिफ की अध्यक्षता में गठित 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) ने 15 अगस्त 1947 से पहले ही अपनी सीमा रेखा की रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी थी, जिससे विभाजन के समय होने वाले भयानक दंगों और मानवीय त्रासदी को पूरी तरह से रोका जा सका था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान और स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के समय महात्मा गांधी को चंपारण आने का औपचारिक निमंत्रण राजकुमार शुक्ल ने दिया था, जो कि एक स्थानीय कृषक थे, तथा इस आंदोलन में गांधीजी के प्रमुख सहयोगियों में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, महादेव देसाई और नरहरि पारीक शामिल थे।
2. चंपारण कृषि अधिनियम (Champaran Agrarian Act, 1918) के पारित होने के उपरांत यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों से अवैध रूप से वसूले गए अवैध शुल्क का एक निश्चित प्रतिशत (कुल अवैध वसूली का 50 प्रतिशत) वापस कराया गया था।
3. वर्ष 1922 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गया अधिवेशन आयोजित हुआ था, जिसकी अध्यक्षता चित्तरंजन दास (C.R. Das) ने की थी, और इसी अधिवेशन के दौरान स्वराज पार्टी के गठन की रूपरेखा तैयार की गई थी।
4. असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में अनुग्रह नारायण सिंह, मोहम्मद जुबेर और शाह मुहम्मद जुबेर जैसे नेताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था, तथा बिहार नेशनल कॉलेज और सदाकत आश्रम की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा और स्वतंत्रता गतिविधियों के केंद्र के रूप में की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा देश की स्वतंत्रता एवं विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र में 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किया गया, तथा इसी अधिवेशन में महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' (Do or Die) का ऐतिहासिक नारा दिया था।
2. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया (चित्तू पाण्डू के नेतृत्व में), ताम्रलि्क (मिदनापुर, बंगाल) और सतारा (वाई.बी. चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में 'प्रति सरकार') प्रमुख थीं।
3. वर्ष 1947 में भारत के विभाजन और स्वतंत्रता से संबंधित 'माउंटबेटन योजना' (3 जून योजना) को ब्रिटिश संसद द्वारा औपचारिक रूप से पारित कराने के लिए 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' (Indian Independence Act 1947) प्रस्तुत किया गया था, जिसके तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन राज्यों में विभाजित हुए।
4. भारत के विभाजन की रूपरेखा तय करने वाली 'रैडक्लिफ रेखा' (Radcliffe Line) का निर्धारण सिरिल रैडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोग द्वारा किया गया था, जिसने पंजाब और बंगाल के सीमांकन का कार्य भारत की स्वतंत्रता की घोषणा के बाद यानी 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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