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BPSC TRE 4.0
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सुभाषचंद्र बोस और आज़ाद हिंद फौज (INA) के ऐतिहासिक घटनाक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सुभाषचंद्र बोस ने वर्ष 1939 के त्रिपुरी कांग्रेस अधिवेशन में पट्टाभि सीतारमैया को पराजित करके कांग्रेस अध्यक्ष का पद प्राप्त किया था, किंतु कार्य समिति के गठन को लेकर गांधीजी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ उत्पन्न तीव्र वैचारिक मतभेदों के कारण उन्होंने अधिवेशन के तुरंत बाद अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया और उसी वर्ष 'फॉरवर्ड ब्लॉक' (Forward Bloc) की स्थापना की।
- 2. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'आज़ाद हिंद फौज' की संपूर्ण कमान औपचारिक रूप से सुभाषचंद्र बोस को सौंपी गई थी, जहाँ उन्होंने अक्टूबर 1943 में सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की घोषणा की थी।
- 3. आज़ाद हिंद फौज की सैन्य टुकड़ियों ने जापानी सेना के सहयोग से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर अधिकार कर लिया था, जिनका नाम सुभाषचंद्र बोस द्वारा क्रमशः 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा गया था, और INA की मुख्य सेना ने इम्फाल और कोहिमा अभियान के दौरान भारत की मुख्य भूमि पर सर्वप्रथम तिरंगा फहराया था।
- 4. वर्ष 1945 के लाल किले के ऐतिहासिक मुकदमे (Red Fort Trials) में आज़ाद हिंद फौज के प्रमुख अधिकारियों - शाहनवाज खान, प्रेम सहगल और गुरदयाल सिंह ढिल्लों - की पैरवी करने वाली बचाव पक्ष की कानूनी टीम का नेतृत्व भूलाभाई देसाई ने किया था, जिसमें तेज बहादुर सप्रू, के. एन. काटजू और पंडित जवाहरलाल नेहरू भी शामिल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1939 के त्रिपुरी अधिवेशन में सुभाषचंद्र बोस ने गांधी समर्थित उम्मीदवार पट्टाभि सीतारमैया को हराया था। बाद में मतभेदों के कारण उन्होंने त्यागपत्र दिया और मई 1939 में 'फॉरवर्ड ब्लॉक' की स्थापना की। सिंगापुर में रास बिहारी बोस ने आईएनए की कमान सुभाषचंद्र बोस को सौंपी और अक्टूबर 1943 में 'आर्हुत सरकार' का गठन हुआ। लाल किले के मुकदमे में बचाव पक्ष के प्रमुख वकील भूलाभाई देसाई थे। हालाँकि, कथन 3 असत्य है क्योंकि आज़ाद हिंद फौज ने मोइरंग (मणिपुर) में भारतीय भूमि पर पहली बार झंडा फहराया था, न कि मुख्य इम्फाल-कोहिमा के प्रारंभिक अभियानों में बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय मुख्य भूमि के झंडा फहराने का श्रेय सीधे INA की अग्रिम टुकड़ियों को इस प्रकार नहीं दिया जा सकता। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए यह टॉपिक आधुनिक भारतीय इतिहास के अंतर्गत अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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बिहार के भूगर्भीय एवं मृदा तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार का दक्षिण-पूर्वी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र (जैसे बांका, जमुई और नवादा) प्राचीनतम आर्कियन युग की धारवाड़ क्रम की चट्टानों से निर्मित है, जिनमें नीस, सिस्ट और क्वाज्र्टाइट की प्रधानता पाई जाती है।
2. कैमूर और रोहतास जिलों में विंध्यन क्रम की परतदार चट्टानों का विस्तार पाया जाता है, जो चूना पत्थर और बलुआ पत्थर के विशाल भंडारों के लिए जानी जाती हैं।
3. उत्तर-बिहार के मैदान में पाई जाने वाली 'नवीन एलुवियल' या 'खादर' मृदा में चूने के अंश (कंकड़) की प्रचुरता होती है और यह प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी से नवीकृत होती है, जिससे यह धान और जूट की खेती के लिए अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है।
4. दक्षिण-बिहार के टाल क्षेत्र (Tal Region) में पाई जाने वाली 'बलसुंदरी' मृदा अत्यधिक अम्लीय होती है और इसमें नाइट्रोजन व ह्यूमस की मात्रा बहुत अधिक तथा फास्फोरस की कमी पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन एवं मध्यकालीन भारतीय इतिहास, समकालीन राजनीति तथा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी निम्नलिखित पुस्तकों और उनके लेखकों के संदर्भ में कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
1. 'द मैन हू यूनिफाइड इंडिया: ए बायोग्राफी ऑफ सरदार वल्लभभाई पटेल' — बलराज कृष्ण
2. 'इंडिका' — मेगस्थनीज (मौर्य साम्राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक जीवन का विस्तृत वर्णन)
3. 'तारीख-ए-फिरोजशाही' — जियाउद्दीन बरनी (सल्तनत काल के सुल्तानों विशेषकर बलबन से लेकर फिरोजशाह तुगलक के प्रारंभिक वर्षों का इतिहास)
4. 'इंडिया डिवाइडेड' — डॉ. राजेंद्र प्रसाद (भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि और कारणों का विश्लेषणात्मक अध्ययन)
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गरीबी का अंतर दर्शाता है
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बिहार की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और सिंचाई प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोसी परियोजना, जो भारत और नेपाल की एक संयुक्त परियोजना है, के तहत नेपाल के हनुमाननगर के समीप एक बराज का निर्माण किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई सुविधाओं का विकास करना है।
2. गंडक परियोजना (जिसे वाल्मीकि नगर बराज परियोजना भी कहा जाता है) के अंतर्गत त्रिवेणी नहर प्रणाली से बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों को भी सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाता है।
3. सोन नहर प्रणाली, जो बिहार की सबसे पुरानी नहर प्रणालियों में से एक है, की शुरुआत डेहरी-ऑन-सोन से की गई थी और यह मुख्य रूप से शाहबाद क्षेत्र (भोजपुर, रोहतास, बक्सर और कैमूर) के कृषि भूमि को सिंचित करती है।
4. दुर्गावती जलाशय परियोजना कैमूर जिले के करमचट में दुर्गावती नदी पर निर्मित एक प्रमुख सिंचाई परियोजना है, जिससे केवल उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के किसानों को ही सिंचाई का लाभ मिलता है, जबकि बिहार का क्षेत्र इससे पूरी तरह वंचित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के गवर्नर जनरलों एवं वायसराय के कार्यकाल और उनके द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड विलियम बेंटिक के कार्यकाल में वर्ष 1833 का चार्टर अधिनियम पारित किया गया, जिसके द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया और इस पद को प्राप्त करने वाले लॉर्ड विलियम बेंटिक पहले व्यक्ति थे।
2. लॉर्ड डलहौजी ने 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सर्वप्रथम 1848 में सतारा रियासत का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया, तथा इसी के कार्यकाल में शिमला को अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की स्थापना की गई।
3. लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में पारित 'वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट, 1878' का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों पर कड़ा नियंत्रण स्थापित करना था, जिससे बचने के लिए 'अमृत बाजार पत्रिका' रातों-रात अंग्रेजी भाषा में परिवर्तित हो गई थी।
4. लॉर्ड कर्ज़न द्वारा 1904 में पारित 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' का उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कम करना और उच्च शिक्षा में स्वायत्तता को बढ़ावा देना था, जिसके लिए सर थॉमस रैले की अध्यक्षता में एक विश्वविद्यालय आयोग का गठन किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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