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त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
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आनुवंशिकी तथा विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ग्रेगर जॉन मेंडल ने मटर के पौधे (पिसुम सटाइवम) पर अपने संकरण प्रयोगों के दौरान कुल सात विपरीत लक्षणों का अध्ययन किया था, और उनके द्वारा प्रतिपादित 'स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम' (Law of Independent Assortment) इस अवधारणा पर आधारित है कि द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid Cross) में एक लक्षण के एलील दूसरे लक्षण के एलील से स्वतंत्र रूप से अलग होते हैं।
  2. 2. लिंकेज (सहसंलग्नता) की खोज बेटसन और पुन्नेट द्वारा की गई थी, जबकि मॉर्गन ने ड्रोसोफिला (फल मक्खी) पर कार्य करते हुए यह स्पष्ट किया कि आनुवंशिक पुनर्संयोजन (Recombination) की आवृत्ति सहसंलग्न जीनों के बीच की दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है, यानी जीन जितनी अधिक दूरी पर होंगे, पुनर्संयोजन की संभावना उतनी ही कम होगी।
  3. 3. हार्डी-वेनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के नियम के अनुसार एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले समष्टि (Population) में जीन आवृत्तियाँ और एलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ी स्थिर और संतुलित बनी रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और अनुवंशिक विचलन जैसी विकासवादी ताकतें प्रभावी न हों।
  4. 4. लैमार्कवाद (Lamarckism) के मुख्य सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) पर आधारित हैं, जिसका खंडन अगस्त वीजमैन ने अपने 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Continuity of Germplasm) के माध्यम से चूहों की पूंछ काटकर किए गए प्रयोगों द्वारा किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि मेंडल ने मटर के 7 लक्षणों का चयन किया था और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम द्विसंकर क्रॉस पर आधारित है। कथन 2 असत्य है क्योंकि मॉर्गन के प्रयोग के अनुसार जीन जितनी अधिक दूरी पर होते हैं, उनके बीच विनिमय (Crossing over) और पुनर्संयोजन की संभावना उतनी ही *अधिक* होती है, व्युत्क्रमानुपाती नहीं बल्कि अनुक्रमानुपाती होती है। कथन 3 सत्य है, हार्डी-वेनबर्ग संतुलन के अनुसार जीन आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं यदि कोई बाहरी विकासवादी बल कार्य न करे। कथन 4 सत्य है, वीजमैन ने लैमार्क के उपार्जित लक्षणों की वंशागति के सिद्धांत का खंडन चूहों की पूंछ के प्रयोग से किया था। ऐसे ही बेहतरीन प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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